अब यहां नहीं रखना होगा डीएल आैर आरसी डिजीलॉकर बनेगा आपके सफर का साथी

2018-08-08T15:51:46Z

पटना के वाहन चालकों को सफर के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस डीएल और वाहन निबंधन प्रमाणपत्र आरसी के गुम होने का डर नहीं रहेगा।

patna@inext.co.in
PATNA : पटना के वाहन चालकों को सफर के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और वाहन निबंधन प्रमाणपत्र (आरसी) के गुम होने का डर नहीं रहेगा। साथ इन दस्तावेज को लेकर चलने की आवश्यता नहीं होगी।डिजिटल व्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए परिवहन विभाग ने सोमवार को डिजी-लॉकर सुविधा रखने की अधिसूचना जारी दी। राज्य भर के लोगों को डिजी लॉक में उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक प्रति को मूलप्रति के रूप में उपयोग किए जाने की सुविधा के लिए अधिकृत कर दिया गया।फिटनेस प्रमाणपत्र की सुविधा मिलने में अभी विलंब होगा। बिहार बना तीसरा राज्य कर्नाटक और मध्यप्रदेश के बाद बिहार तीसरा राज्य है, जहां डिजी-लॉक सुविधा लागू की गई है।

डाटा के स्थानांतरण के बाद यह व्यवस्था लागू की गई

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल सोमवार को अधिसूचना जारी होने के बाद पटना जिला परिवहन कार्यालय पहुंचे और वहां उपस्थित एक अतिथि के मोबाइल पर इस सुविधा को डाउनलोड कर उपलब्ध करवाया। इसके साथ ही इसे आमजन को समर्पित किया। लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्स में लाइसेंस और गाडिय़ों के कागजात लेकर चलने की अब जरूरत नहीं है। पर्स चोरी होने के बाद परेशानी बढ़ जाती है। गूगल प्ले स्टोर से डिजी-लॉक मोबाइल एप डाउनलोड कर इंस्टॉल कर लें। इसकी मान्यता रेल और विमान से यात्रा करने तथा जांच के दौरान होगी। डाटा के स्थानांतरण के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है।
इन सबकी हार्ड कॉपी लेकर चलने की जरूरत नहीं
परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने राज्य के सभी डीएम और एसपी को पत्र लिखकर कहा कि अब अपने-अपने जिलों में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों के अभिलेखों की इलेक्ट्रॉनिक प्रति देखने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। अब लोगों के लिए इनकी हार्ड कॉपी लेकर चलने की जरूरत नहीं है। अधिसूचना की प्रति भी जिलों में भेज दी गई है। परिवहन सचिव ने कहा कि वाहन जांच से जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर नयी व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जाएगी।उन्हें बताया जाएगा कि किस तरह से उन्हें नई व्यवस्था के तहत जांच करनी है।
* गूगल प्ले स्टोर से डिजी लॉकर मोबाइल एप
डाउनलोड कर इंस्टॉल करें।
* यह आप आधार से जुड़े अपने मोबाइल नंबर से करें।
* मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी की प्रविष्टि करें।
* आधार से लिंक करें।
* चालक अनुज्ञप्ति नंबर डालें
* नाम, जन्मतिथि और पिता के नाम की जानकारी
देनी है।
* आधार कार्ड और लाइसेंस में नाम एक जैसा रहने
पर यह इंस्टॉल हो जाएगा।
* सिस्टम सर्च कर लेगा और सही जानकारी होने
पर लोड हो जाएगा।

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