गंगा दशहरा गंगा स्नान से दूर होंगे ये 10 पाप इस मंत्र का उच्चारण करें

2019-06-11T17:19:04Z

बारह जून बुधवार को गंगावतरणदिवस को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन गंगा स्नान करने से दस दोष का हरण होता है। ये दस दोष इस प्रकार बताए गये हैंभय लोभ ईर्ष्या द्वेष मद मत्सर संचय परनिंदा मोह और क्रोध। इस दिन दस औषधियों से युक्त होती हैगंगा

।। गंगा-दशहरा ।।                

काशी में गंगा स्नान का विशेष महत्व
गिलोय, हर्रे, बहेड़ा, करंज, शतावर, अलकत्क, चन्दन, हर्रिद्रा, आमलक एवं घृतकुमार। इसके अतिरिक्त कायिक, वाचिक एवं मानसिक पाप का भी क्षय इस दिन गंगा-स्नान से स्वतः हो जाता है। उक्त तीनों भावों में दश पाप होते हैं। तीन पाप कायिक, चार पाप वाचिक और तीन पाप मानसिक। इस दिन “ गायत्री-जयंती” भी श्रद्धा-विश्वास के साथ मनाई जाती हैं। हरिद्वार, काशी में गंगा-स्नान का विशेष महत्व वर्णित किया गया है।

गंगा दशहरा में गंगा स्नान से दूर होते हैं दस प्रकार के पाप, जानें पूजा विधि

गंगा-गंगा जो नर कहै भूखा-नंगा कभी न रहै
लोक-वाणी में गंगा के महत्व को इन पंक्तियों के माध्यम से उद्घोषित किया गया है-“गंगा-गंगा जो नर कहै भूखा-नंगा कभी न रहै। गंगा जी की धारा है पाप काटने की आधारा है।। ” गंगा दशहरा को ही सेतुबन्ध रामेश्वरम की प्रतिष्ठा का भी दिन है- “दशयोगे सेतुमध्ये लिंगरूपधरम हरम।। ”ऐसा प्रमाण प्राप्त होता है। अद्यशर्करा युतम जल-कुम्भ धेनु दानम फलप्रदम।।   ।।।शुभमस्तु ।।
पंडित चक्रपाणि भट्ट


Posted By: Vandana Sharma

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.