पाकिस्‍तान में पेशावर आतंकी हमले के बाद से सैन्‍य अदालतों के गठन को लेकर बहस तेज हो गई है. जहां एक ओर पूर्व पाक चीफ जस्टिस ने इन अदालतों को असैंवधानिक बताया है वहीं पा‍क सरकार ने इन अदालतों के लिए संविधान में संशोधन का रास्ता अख्तियार किया है.


पाक संविधान में संशोधनपाकिस्तान सरकार ने सैन्य अदालतों के गठन के लिए देश के संविधान में संशोधन के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया है. गौरतलब है कि राजनैतिक दलों और सेना के बीच सैन्य अदालतों के स्थापना के तरीके पर सहमति बनाई गई. इसके बाद कानून, न्याय, और मानवाधिकार मंत्री परवेज राशिद ने नेशनल असेंबली में 21वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया. इसके साथ ही पाकिस्तान सेना संशोधन विधेयक 2015 भी पेश किया गया. उल्लेखनीय है कि विधेयक के नेशनल पेश किए जाते समय पाक पीएम नवाज शरीफ मौजूद थे. लेकिन नही हो सकी चर्चा
नेशनल असेंबली में संविधान संशोधन बिलों के पेश होने के बाद भी बिलों पर चर्चा नही हो सकी क्योंकि नेशनल असेंबली सोमवार 12 बजे तक स्थगित कर दी गई है. अब सोमवार 12 बजे से इन बिलों पर चर्चा होगी. गौरतलब है कि इन बिलों को 342 सीटों वाली नेशनल असेंबली और 104 सीटों वाली सीनेट में दो तिहाई बहुमत से पारित होंगी. नेशनल असेंबली और सीनेट में पास होने के बाद यह संशोधन राष्ट्रपति के पास जाएंगे. इसके बाद यह संशोधन संविधान का हिस्सा बनेंगे.

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Posted By: Prabha Punj Mishra