पीएफ ऑफिस के टॉयलेट में सीनियर क्लर्क ने लगा ली फांसी

2019-07-06T06:00:56Z

जमशेदपुर : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय के कर्मचारी रामनरेश प्रसाद (52) ने कार्यालय के शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोपहर करीब 12 बजे दरवाजा तोड़ने पर वेंटीलेटर के रॉड से कर्मचारी का शव नायलोन की रस्सी के सहारे लटका मिला। कार्यालय में सनसनी फैल गई। सूचना के बाद साकची थाने की पुलिस आई, उसने शव देखकर बताया कि मृतक ने बुधवार रात फांसी लगाई होगी। शव काला पड़कर फूल गया था। दुर्गध भी निकल रही थी। परिजन की मौजूदगी में शव उतारकर पुलिस पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल ले गई। रामनरेश लेखा विभाग में सीनियर क्लर्क थे। उनका आवास परसुडीह के मकदमपुर स्थित शांतिनगर में है। वे ग्राम पिंड्रा, थाना भगवानपुर, छपरा, बिहार के मूल निवासी थे। क्षेत्रीय आयुक्त तुषारकांत मुखर्जी ने बताया कि रामनरेश बुधवार को ड्यूटी पर थे। रात आठ बजे उनका आउटपंच भी दिखा रहा है। शायद पंच करने के बाद उन्होंने फांसी लगाई होगी। गुरुवार को रथयात्रा की छुट्टी थी। इसलिए किसी ने उनकी खोज खबर नहीं ली। सहकर्मियों का कहना है कि इनदिनों कर्मचारियों पर काम का काफी दबाव है। शायद रामनरेश इस दबाव को नहीं झेल सके। कर्मचारी यूनियन हमेशा काम का दबाव कम करने की मांग करता रहा है।

मुंह में ठूंस रखा था रूमाल

मृतक रामनरेश के मुंह में रूमाल ठूंसा हुआ था। आशंका है कि उसने मुंह में रूमाल इसलिए डाला हो कि आवाज बाहर नहीं जाए। जांच में पुलिस को रामनरेश की जेब से तीन रूमाल मिले हैं। सुसाइड नोट नहीं मिला।

स्टूल ले जाते सीसीटीवी में दिखे

पुलिस ने कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। देखा गया कि बुधवार रात 8.12 बजे रामनरेश लिफ्ट से निकलकर स्टूल लेकर शौचालय में गए। फिर वह बायोमीट्रिक हाजिरी बनाने के बाद वापस शौचालय में गए। उसके बाद वापस नहीं निकले।

बोले सहकर्मी-दिन भी पड़ी थी डांट

एक सहकर्मी ने बताया कि रामनरेश तीन महीने पहले ही एकाउंट्स विभाग में आए थे। एकाउंट्स आफिसर छोटी-छोटी बात पर डांट-फटकार लगाते थे। घटना के दिन भी डांट पड़ी थी। वह दफ्तर में रो रहे थे। क्षेत्रीय आयुक्त ने बताया कि रामनरेश की बहाली 1990 में चतुर्थ वर्ग में हुई थी। वह 1995 में क्लर्क के रूप में प्रोन्नत हो गए थे। तीन माह पूर्व जब उन्हें पीआरओ विभाग से लेखा विभाग में किया गया, तो प्रतिनियुक्ति के दिन भी रामनरेश ने उनसे कहा कि यह काम उससे नहीं होगा। इस पर मैंने कहा कि क्लर्क बने 24 साल हो गए हैं, कब सीखोगे? कोशिश करो, खुद को अपडेट तो करना ही होगा। आयुक्त ने कहा कि काम का प्रेशर तो हर जगह हर कर्मचारी को है।

स्टाफ की हड़ताल कल

पीएफ विभाग के कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारी यूनियन के उपाध्यक्ष प्रभाष सिंह ने बताया कि हड़ताल का मुख्य बिंदु भी काम का दबाव बढ़ाया जाना है, जिसकी वजह से रामनरेश ने आत्महत्या की। हड़ताल अखिल भारतीय स्तर पर होगी, जिसमें वे दफ्तर आएंगे, लेकिन काम नहीं करेंगे। कर्मचारियों का कहना था कि यहां जरूरत से ज्यादा अधिकारी हैं, जबकि रिक्त हो रहे कर्मचारियों के पद नहीं भरे जा रहे हैं।

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कोट --

सीसीटीवी फुटेज में ऐसा कुछ नहीं है जिससे यह साबित हो कि उसकी हत्या की गई हो। वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

- राजीव कुमार सिंह, थाना प्रभारी, साकची थाना


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