पौराणिक कथाओं को सुनने के साथ अपनाने से आएगा बदलाव

2019-02-13T06:00:36Z

-पायलट बाबा शिविर में नदी, नारी और न्याय विषय पर वक्ताओं ने रखे विचार

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: कुंभ मेला क्षेत्र में पायलट बाबा शिविर में नदी, नारी और न्याय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यहां अलग-अलग क्षेत्रों के विद्वतजन ने तीनों विषयों पर विचार रखे। पायलट बाबा शिविर में अपने वक्तव्य रखते हुए पायलट बाबा ने कहा कि यह वैज्ञानिक युग है। आज दुनिया तेजी से तरक्की कर रही है, लेकिन इस तरक्की के लिए हम अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को खत्म करते जा रहे हैं। नदियां हमेशा से हमारे लिए जीवनदायिनी रही हैं। लेकिन देश की लाइफ लाइन कही जाने वाली गंगा और यमुना जैसी देवी स्वरूप नदियों की हालत बिगड़ती जा रही है। गंगा की सफाई के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए, लेकिन आज भी उसकी हालत बेहद दयनीय है। यही हाल यमुना का है।

साधना से मिलेगा सद्मार्ग

नदी, नारी और न्याय पर अपने विचार रखते हुए पायलट बाबा ने कहा कि नारी का सम्मान हमारी संस्कृति में हमेशा से ही कहा गया है। पौराणिक कथाओं में इसका जिक्र भी मिलता है। आज के समय में लोग इन कथाओं को बार-बार सुनते हैं लेकिन अमल नहीं करते। पौराणिक कथाओं को सुनने के स्थान पर उनको जीवन में अपनाने से ही समाज में सुधार होगा। इसके लिए जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति नियमित रूप से साधना करे। पायलट बाबा के शिष्य कैलाशानंद ने सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर महामंडलेश्वर श्रद्धा माता व महामंडलेश्वर चेतना माता समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


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