गोरखनाथ मंदिर के इतिहास में आज जुड़ेगा सुनहरा अध्याय

2018-12-10T06:00:49Z

- 2000 हजार लोग होंगे ऐतिहासिक पल के गवाह, रिहर्सल कर तैयारी को दिया अंतिम रूप

GORAKHPUR: महाराणा प्रताप शिक्षा के परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के मुख्य महोत्सव के मंच पर जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचेंगे तो गोरखनाथ मंदिर और परिषद के इतिहास में सुनहरा अध्याय जुड़ जाएगा। और इसके गवाह होंगे मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में मौजूद 2000 हजार लोग।

समय से पहुंच जाए

तैयारी को लेकर शनिवार सुबह से ही तैयारी शुरू हो गई। तय कार्यक्रम के मुताबिक, महोत्सव में पुरस्कृत होने वाले विजेता प्रतिभागी अपने-अपने शिक्षण संस्थानों से शिक्षकों के साथ गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार परिसर में पहुंच गए। इनकी संख्या कुल 730 थी। पहले उनका पहचान पत्र बनाने की प्रक्त्रिया सम्पन्न की गई और फिर उन्हें आयोजन में अनुशासन बनाए रखने को लेकर सचेत किया गया। आयोजन संयोजक डॉ। प्रदीप राव ने विजेता प्रतिभागियों को बताया कि इस बार का आयोजन खास है। क्योंकि संस्थापक सप्ताह समारोह में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब राष्ट्रपति मुख्य अतिथि हैं। इसी क्रम में उन 11 विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया, जिन्हें राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत किया जाना है। उन्हें मंच पर पहुंचकर राष्ट्रपति से पुरस्कार लेने का सलीका भी बताया गया। मंच से पुरस्कृत होने वाले सभी 11 प्रतिभागियों का विशेष परिचय पत्र भी बनाया गया। सभी प्रतिभागियों और उनके नेतृत्वकर्ता शिक्षकों को इस बात के लिए सचेत किया गया कि वह रविवार को कार्यक्त्रम में सम्मिलित होने के लिए सुबह 7.30 बजे तक अवश्य पहुंच जाएं, जिससे कि 8.30 बजे तक हर हाल में सभागार में स्थान लेने की प्रक्त्रिया सम्पन्न कर ली जाए।

सुबह 7.30 बजे लेना होगा स्थान

कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अतिथियों को दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में 7.30 बजे तक हर हाल में पहुंच जाने के लिए कहा गया है, जिससे उन्हें तय स्थान पर सम्मान के साथ बैठाया जा सके। अतिथियों को अपने साथ मंदिर द्वारा जारी आमंत्रण पत्र लेकर आना अनिवार्य होगा। सभागार में 1200 अतिथियों के बैठने का इंतजाम किया गया है। जबकि, 800 अतिथि सभागार के बाहर बैठकर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कार्यक्रम को देख सकेंगे। सभागार में आगे बिछाई गई दरी पर 232 विजेता प्रतिभागियों को बैठाया जाएगा, बाकी विजेता प्रतिभागी गैलरी में लगाई गई कुर्सियों पर स्थान लेंगे। इसके अलावा एक एलईडी स्क्रीन मंदिर परिसर में मौजूद यात्री निवास के सामने भी लगाई गई है, जहां इच्छुक व्यक्ति खड़े होकर कार्यक्रम देख सकेंगे। वहां बैठने का इंतजाम नहीं होगा।

मुख्य महोत्सव के तहत आयोजित कार्यक्त्रम का प्रारूप

10 बजे - राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल राम नाईक का मंच पर आगमन

10.03 से 10.05 तक- राष्ट्रगान

10.05 से 10.09 तक - ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के चित्र पर माल्यार्पण

10.09 से 10.13 तक - सरस्वती वंदना

10.13 से 10.17 तक - महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद का कुलगीत गायन

10.17 से 10.20 तक - मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रपति और राज्यपाल को उत्तरीय व स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मान

10.20 से 1.30 तक - राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार वितरण

10.30 से 10.40 तक- मुख्यमंत्री द्वारा स्वागत भाषण

10.40 से 10.48 तक - राज्यपाल का संबोधन

10.48 से 11.58 तक - राष्ट्रपति का संबोधन

10.58 से 11 बजे तक - राष्ट्रगान

नोट- संचालन डॉ। श्रीभगवान सिंह करेंगे।


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