MillennialsSpeak #RaajniTEA पर गोरखपुर में बोले यूथ क्वालिटी ऑफ एजुकेशन क्वालिटी ऑफ लाइफ पर फोकस करे सरकार

2019-03-23T12:13:31Z

शुक्रवार को दैनिक जागरण आई नेक्स्ट और रेडियो सिटी की आरजे प्रीति ने शहर के जगन्नाथपुर मोहल्ले में पहुंचीं वहां जब राजनीटी में मिलेनियल्स से चर्चा की तो सामने आई उनके मन की बात

Gorakhpur@inext.co.in
GORAKHPUR: लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही नेता और कार्यकर्ता पब्लिक के बीच में आ गए हैं. यूथ की मदद से हर कोई इलेक्शन जीतने के दावे ठोंक रहा है. बड़ी-बड़ी बातें होने लगी हैं कि युवाओं को शिक्षित बनाकर रोजगार मुहैया कराएंगे. लेकिन इन परिस्थितियों में यूथ्स की जिम्मेदारी बनती है कि बिना किसी भेदभाव के वह सरकार चुनें जो सबका भला कर सके. इस बार युवा वोटर चुनावी मुद्दे को लेकर सोच रहे हैं. इसे जानने-समझने के लिए शुक्रवार को दैनिक जागरण आई नेक्स्ट और रेडियो सिटी की आरजे प्रीति ने शहर के जगन्नाथपुर मोहल्ले में पहुंचीं. वहां जब राजनी-टी में मिलेनियल्स से चर्चा की तो सामने आई उनके मन की बात.

दुनियां में मान बढ़ाएं, देश में बढ़ाएं रोजगार
कार्यक्रम की शुरूआत में प्रखर वर्मा ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि इस गवर्नमेंट को पांच साल का मौका मिलना चाहिए. क्योंकि सरकार जो कर रही है उसके दूरगामी परिणाम मिलेंगे. अगर ये दोबारा लौटे तो इंडिया के लिए बेहतर काम करेंगे. कहा कि पहली बार ऐसी सरकार मिली है जो जन आकांक्षाओं पर खरी उतर रही है. आने वाली सरकार भी ऐसी चाहिए जो देश की सुरक्षा और आतंरिक सुरक्षा की मजबूती पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दे. भारत को डिप्लोमेटिक रूप से इतना मजबूत बनाए कि दुनिया के अन्य सभी देश हमारे आगे नतमस्तक हो जाएं. स्वच्छता अभियान को अभी और आगे ले जाने की जरूरत है. साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त होने से बीमारियां कम होगीं. बीमारियों के कम होने से स्वस्थ ारत का निर्माण संभव हो सकेगा.

वुमन इमपावरमेंट को लेकर हो काम
बहस को आगे बढ़ाते हुए आनंद पांडेय ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज को डेवलप करने की जरूरत है. बाहर से आने वाले कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाने वाली गवर्नमेंट हो. विदेशों में इंडिया का सम्मान बढ़ा है. पहले लोग हमारे देश के लोगों को लेकर भेदभाव अपनाते थे. लेकिन विदेश में हर भारतीय को सम्मान मिलने लगा है. ऐसी सरकार चाहिए जो ऐसा काम करे जिससे हर भारतीय फॉरेन में फक्र से सिर ऊंचा करके घूम सके. वह ताल ठोंक कर लोगों को बता सके कि हम इंडिया वाले किसी से कम नहीं हैं. चर्चा में सबकी बात काटती हुई प्रियंका त्रिपाठी ने कहा कि इस सरकार में जो कुछ हुआ है वह सब कुछ अच्छा है. लेकिन वुमन इमपावरमेंट को लेकर होने वाले काम संतोषजनक नजर नहीं आते हैं. महिलाओं की दशा सुधारने, उनको उनका हक दिलाने के क्षेत्र में बहुत काम करने की जरूरत है. हम अगली बार उसी सरकार का चुनाव करेंगे जो महिलाओं को पहले से मजबूत बनाने पर जोर दे.

क्वालिटी ऑफ लाइफ पर दिया जाए ध्यान
मिलेनियल्स स्पीक में युवा एडवोकेट्स की वकालत करते हुए एडवोकेट मारकंडेय प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि कोई भी सरकार एडवोकेट्स के हित में काम नहीं करती. इसलिए जो भी सरकार आए वह अधिवक्ताओं के लिए काम करें. देवेश प्रताप सिंह ने कहा कि क्वालिटी ऑफ एजुकेशन और क्वालिटी ऑफ लाइफ पर ध्यान दें. नकल एक उद्योग के रूप में विकसित हो गया था लेकिन इसे कंट्रोल किया गया है. क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी ज्यादा काम करने की जरूरत है. इससे देश की तरक्की होगी. हमारे सांइटिस्ट और डॉक्टर्स यूएसए और यूके में जाकर बेहतर करते हैं. तो ऐसा माहौल क्यों नहीं बनाया जाता है कि प्रतिभाओं का पलायन रोका जा सके. हमारे देश में उनके काम को एप्रीशिएशन नहीं मिल पाता है. नितिन त्रिपाठी ने कहा कि जो भी गवर्नमेंट आए वह इन्फ्रास्ट्रक्चर को अच्छा करने के लिए काम करें. गुजरात में तमाम इंडस्ट्रीज हैं. उसी तर्ज पर यूपी में रोजगार बढ़ाने के लिए इंडस्ट्रीज लगाई जाए. हमारे देश में जो युवा नौकरी के लिए एग्जाम में क्वालीफाई नहीं कर पाते. उनके लिए भी बेहतर रोजगार के अवसर होने चाहिए. रति रावत ने कहा कि कौन सी गवर्नमेंट डेवेलपमेंट पर ध्यान दे रही है. आज के यूथ बेरोजगारी से जूझ रहे हैं. ऐसी इंडस्ट्रीज लाई जाएं जिससे इंडिया अन्य देशों की तुलना में तेजी से डेवलप करे. हमारी फाइनेंशियल स्थिति को मजबूत बनाने वाली सरकार हो. दीपक उपाध्याय ने कहा कि हम वोट उसे ही देंगे जो हमारे देश को शिक्षा, रोजगार सहित अन्य मसलों पर आगे लेकर जाएगा. अंकित त्रिपाठी, एडवोकेट करुणा रावत सहित अन्य लोगों ने भी मिलेनियल्स स्पीक में अपने दिल की बात खुलकर रखी.

कड़क मुद्दा
नकल उद्योग बन चुका था. लेकिन अब शिक्षा का स्तर पहले से सुधार है. नकल माफियाओं पर लगाम कसी है. समय आ चुका है कि हम सब इस मुद्दे को लेकर सख्ती के साथ निपटें. नकल करके अच्छे मा‌र्क्स पाने वाले जब यूनिवर्सिटी और कॉलेज में जाते हैं तो उनके चलते एजुकेशन स्तर खराब हो जाता है. बेसिक मजबूत न होने से उनके रिजल्ट पर असर पड़ता है. इसलिए नकल का विरोध हर किसी को करना चाहिए. हायर एजुकेशन में क्वालिटी वाली शिक्षा की जरूरत है.

मेरी बात

इस सरकार में जो कुछ हुआ है वह सब कुछ अच्छा है. लेकिन वुमन इमपावरमेंट को लेकर होने वाले काम संतोषजनक नजर नहीं आते हैं. महिलाओं की दशा सुधारने, उनको उनका हक दिलाने के क्षेत्र में बहुत काम करने की जरूरत है. हम अगली बार उसी सरकार का चुनाव करेंगे जो महिलाओं को पहले से मजबूत बनाने पर जोर दे. महिलाओं की दशा सुधारने को लेकर होने वाले काम से ही उनको वोट मिलेगा.

प्रियंका त्रिपाठी


सतमोला गिफ्ट हैंपर
मिलेनियल्स स्पीक में सबसे अच्छा मुद्दा रखने के लिए आरजे प्रीति ने प्रियंका त्रिपाठी का चयन किया. सभी मुद्दों पर प्रियंका की बात सबसे हावी रही. इसलिए सतमोला का गिफ्ट हैंपर दिया गया. गिफ्ट मिलने पर सभी ने तालियां बजाकर उनका मनोबल बढ़ाया.

 

सतमोला खाओ, कुछ भी पचाओ
मिलेनियल्स स्पीक में कई युवाओं ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान गवर्नमेंट को पांच साल का मौका मिलना चाहिए. क्योंकि सरकार ने लगभग हर क्षेत्र में बेहतर काम किया है. इसके दूरगामी परिणाम मिलेंगे. अगर ये दोबारा लौटे तो इंडिया के लिए बेहतर काम करेंगे.

जो भी गर्वमनमेंट आए. वह इन्फ्रास्ट्रक्चर को ठीक करे. अच्छी इंड्रस्टीज को लेकर आए. जो भी गवर्नमेंट आए वह लोगों के लिए जॉब की बात करे. बेरोजगारों को ज्यादा से ज्यादा नौकरियां देने वाली सरकार हो. इसलिए हर युवा को बहुत सोच समझकर सरकार चुननी होगी. हमारा वोट उसी को जाएगा जो युवाओं के लिए कुछ बेहतर कर सकेगा.

नितिन त्रिपाठी

 

देश की सेना पर जो लोग सवाल उठाते हैं. उनसे हम सभी को सजग रहना होगा. ऐसे लोगों को सत्ता से दूर रखना होगा. हमारी कोशिश होगी कि उसे ही वोट दें जिसके लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि हो. यूथ यह समझ गया है कि वह अगर ये लोग सत्ता पाएंगे तो तय है कि वह दुश्मन देश को गले ही लगाएंगे, ऐसे नेताओं को यूथ का वोट कतई नहीं मिलेगा.

सत्येंद्र पाठक

 

हेल्थ, डेवलपमेंट और एजुकेशन के क्षेत्र में गवर्नमेंट ने काफी काम किया है. बदलाव की वजह से आज विदेश में हर भारतीय का मान बढ़ा है. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सख्त कदम उठाने वाली गवर्नमेंट चाहिए. यह गवर्नमेंट इस दिशा में काम कर रही है,कई बार ऊपर बैठे लोग ईमानदारी दिखाते हैं.

दीपक उपाध्याय

 

देश के अधिवक्ताओं के बारे में कोई सरकार नहीं सोचती. युवा अधिवक्ता उसे ही अपना वोट देंगे जो उनके हित की बात करेगा. देश के कानून की रक्षा करने वाली सरकार चुनेंगे. ऐसे लोगों को कतई वोट नहीं करेंगे जो कानून का मजाक उड़ाते हैं. जिनके कार्यकाल में देश की कानून-व्यवस्था चौपट रहती है.

मारकंडेय प्रसाद त्रिपाठी, एडवोकेट

 

मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज को डेवलप करने की जरूरत है. बाहर से आने वाले कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाने वाली गवर्नमेंट हो. विदेशों में इंडिया का सम्मान बढ़ा है. पहले लोग हमारे देश के लोगों को लेकर भेदभाव अपनाते थे. लेकिन विदेश में हर भारतीय को सम्मान मिलने लगा है.

आनंद पांडेय

 

गवर्नमेंट को पांच साल का मौका मिलना चाहिए. क्योंकि सरकार जो कर रही है उसके दूरगामी परिणाम मिलेंगे. अगर ये दोबारा लौटे तो इंडिया के लिए बेहतर काम करेंगे. इस गवर्नमेंट ने बहुत से सुधार हुए हैं. इसलिए हमारा प्रयास होगा कि हम दोबारा इनको एक मौका देकर देखें कि आने वाले समय में क्या रिजल्ट आता है.

प्रखर वर्मा

 

हमारे सांइटिस्ट और डॉक्टर यूएसए और यूके में जाकर बेहतर करते हैं. तो ऐसा माहौल क्यों नहीं बनाया जाता है कि प्रतिभाओं का पलायन रोका जा सके. हमारे देश में उनके काम को एप्रीशिएशन नहीं मिल पाता है. इसलिए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए कि यहां की प्रतिभा का यहीं पर सही इस्तेमाल किया जा सके.

देवेश प्रताप सिंह

 

पहली बार ऐसी सरकार मिली है जो जन आकांक्षाओं पर खरी उतर रही है. आने वाली सरकार भी ऐसी चाहिए जो देश की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा की मजबूती पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दे. भारत को डिप्लोमेटिक रूप से इतना मजबूत बनाए कि दुनियां के अन्य सभी देश हमारे आगे नतमस्तक हो जाएं.

अविनाश चतुर्वेदी

 

राजनीति अपनी जगह है और देश भक्ति अपनी जगह. यह बात नेताओं और प्रत्याशियों को याद रखनी चाहिए. हाल ही में किसी नेता ने जवानों के शौर्य पर फिर से सवाल खड़ा किया है, जो उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है. ऐसे लोगों के साथ जनता अपना इंसाफ जरूर करेगी.

दुर्गा जायसवाल

 

महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है. इसलिए हम ऐसी सरकार चुनेंगे जो महिलाओं की सुरक्षा की सुनिश्चित कर सके. देश में महिला सुरक्षा की बात तो होती है लेकिन सबसे पहले उत्पीड़न की शिकायत वहीं से मिलती है जो इसके पक्षकार होते हैं.

इति रावत

 

सफाई सबकी जिम्मेदारी है. सरकार के प्रयास रहे हैं कि हर जगह स्वच्छता अभियान नजर आए. बचपन में यह बताया गया था कि कचरा डस्टबिन में ही डालना है. नियम-कानून का पालन करके हम एक अच्छे समाज की स्थापना कर सकते हैं.

करुणा रावत, एडवोकेट


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