मंदिर निर्माण पर एक शब्द भी नहीं इशारों में कही बात

2018-01-20T07:00:33Z

संत सम्मेलन में 29 मिनट तक चला सीएम योगी आदित्यनाथ का संबोधन

इशारों में कहा अब प्रस्ताव पारित करने और मांग रखने की जरुरत नहीं

ALLAHABAD: विश्व हिन्दू परिषद के संत सम्मेलन में राम मंदिर निर्माण, गंगा व गोरक्षा जैसे मसलों पर चर्चा होनी थी। इसकी पूरी रणनीति भी बनाई गई थी। यही वजह रही कि मंच पर उपस्थित श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि व स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती सहित जितने भी संत-महात्माओं का संबोधन हुआ। सभी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर अपनी बातें रखी लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने दोपहर 3.40 से शाम 4.09 बजे तक के अपने 29 मिनट के संबोधन के दौरान एक बार भी मंदिर निर्माण को लेकर एक भी शब्द नहीं बोला। उन्होंने इशारों इशारों में संतों से कहा कि अब आप लोगों को प्रस्ताव पारित करने की कोई जरूरत नहीं है और न ही उन्हें कोई मांग करने की आवश्यकता है। हमारी आस्था में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

देश की खुशहाली की कामना के लिए आया हूं

सीएम ने गंगा, गोरक्षा, सरकार की उपलब्धियों और सबका साथ, सबका विकास की तर्ज पर केन्द्र सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि मैं तो संतों का आशीर्वाद और तीर्थ नगरी से आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना करने के लिए आया हूं। यह नगरी देश की वास्तविक ऊर्जा का केन्द्र बिन्दु है क्योंकि लोक कल्याण व राष्ट्र के कल्याण के लिए संतों का मार्गदर्शन जरुर होना चाहिए।

सभी जिलों में बनाई जाएगी गोशाला

सीएम ने स्व। अशोक सिंघल को याद करते हुए कहा कि गौ माता के संरक्षण व संव‌र्द्धन के लिए सरकार पहले ही दिन से काम कर रही है। स्लाटर हाउस को बंद करा दिया गया तो लोगों ने आरोप लगाया कि आवारा पशु फसलों को नष्ट कर रहे हैं। इन आरोपों की वजह से क्या सरकार पशुओं को छोड़ दे, नहीं यह सबसे बड़ा पाप होगा। इसलिए सरकार ने सभी जिलों में गौशाला खोलने की योजना बनाई है। जहां चार से पांच हजार गायों का संरक्षण किया जा सके। इसके लिए जनमानस को भी प्रोत्साहित किया जाएगा और संतों को आगे आकर गौशाला का निर्माण कराना चाहिए। सरकार उन्हें पूरी सहायता प्रदान करेगी।

विश्व गुरु की बढ़ा चुके है कदम

पीएम के विकास कार्यो का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में हजारों वर्षो से योगा किया जा रहा है। लेकिन पीएम के प्रयासों से अब जाकर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। अमेरिका के चुनाव में जब डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि राष्ट्रपति बनने पर क्या करना चाहेंगे तब उन्होंने यही कहा था कि जैसे इंडिया में पीएम काम कर रहे हैं उसी तर्ज पर विकास किया जाएगा। यह अपने आप में विश्व स्तर पर देश की बढ़ती चमक का हिस्सा है।

गंगा के लिए बीस हजार करोड़

सीएम ने गंगा की स्वच्छता व निर्मलता पर कहा कि केन्द्र सरकार के प्रयासों से ही गोमुख से लेकर गंगासागर तक गंगा को निर्मल बनाने के लिए बीस हजार करोड़ से नमामि गंगे योजना का शुभारंभ किया गया है। इसमें समय लग रहा है लेकिन जनमानस को भी अपने कर्तव्यों का एहसास होना चाहिए। सरकार के हर प्रयास में जनता को जागरूक होकर आगे बढ़ना होगा।

हिन्दू बंटा तो धर्म नहीं रहेगा सुरक्षित

सीएम ने देश विरोधी ताकतों को आगाह करते हुए कहा कि हमारी सनातन संस्कृति को कमजोर करने की कोशिशों को जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा। लेकिन उसके पहले हिन्दू समाज को एकजुट होना होगा अगर हम बंट जाएंगे तो सनातन धर्म सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि जातिवाद, धर्म व संप्रदाय के नाम पर समाज को बांटने का काम हो रहा है। इसके विरोध में संतों को बड़ी भूमिका निभानी होगी। क्योंकि देश में करीब छह लाख गांव हैं और हर गांव में एक या दो संत रहते हैं।

कान्हा की नगरी में आकाश से पुष्प वर्षा

योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में हो रहे विकास कार्यो का जिक्र करते हुए कहा कि दीपावली पर वहां पूरी भव्यता के साथ दीपदान किया गया था। अब सरकार सरयू नदी के तट को साफ करेगी इसके लिए नदी में गिर रहे नालों को टैप किया जाएगा। सीएम ने कहा कि अयोध्या का कारवां आगे बढ़कर मथुरा तक ले जाया जाएगा। जिस तरह प्रभु श्रीकृष्ण फूलों की होली खेलते थे उसी तर्ज पर आकाश से वहां पर पुष्प वर्षा कराए जाने की योजना बनाई गई है।

मंदिर निर्माण हमारी गौरव की प्रतिष्ठा का विषय है। वर्ष 2010 में हाईकोर्ट ने माना था कि वहां पर मंदिर था और उसे विदेशी आक्रमणकारियों ने तोड़ा था।

चंपत राय, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री विहिप

सब पूछते हैं कि मंदिर कब बनेगा और मैं शांत रहता था। लेकिन अब मंदिर निर्माण का समय आ गया है। क्योंकि केन्द्र व प्रदेश में सनातन संस्कृति की सरकार है।

महंत नृत्य गोपालदास महाराज, अध्यक्ष श्रीरामजन्मभूमि न्यास

जब मैं अध्यक्ष बना था तो सबसे पहले सिंघल जी ने आशीर्वाद दिया था। उनकी दो इच्छा थी कि अयोध्या में मंदिर निर्माण हो और सत्ता संतों के पास आ जाए। एक पूरा हो गया है अब दूसरे की बारी है।

महंत नरेन्द्र गिरि, अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद

अफसोस होता है कि प्रभु श्रीराम अभी तक टेंट में रह रहे हैं। लगता है कि हमें आजादी नहीं मिली है। लेकिन हम अब मांग या प्रदर्शन नहीं करेंगे। सरकार पर पूरा भरोसा है।

स्वामी चिन्मयानंद, अध्यक्ष परमार्थ आश्रम

भगवान श्रीराम ने जैसे सुग्रीव और विभीषण का राज्याभिषेक किया था। अब उसी तरह सरकार भी अयोध्या में मंदिर निर्माण कराकर जनमानस का सपना साकार करे।

स्वामी राघवाचार्य जी महाराज, अयोध्या

मंदिर आंदोलन का कालखंड बहुत लम्बा हो चुका है। अब इंतजार नहीं किया जा सकता है। करोड़ों जनमानस की आस्था मंदिर निर्माण से जुड़ी हुई है।

रामेश्वर दास महाराज, अयोध्या


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.