इस अभिनेता की कॉमिक टाइमिंग के फैन हैं श्रेयस तलपड़े

2018-08-27T13:54:10Z

भले ही एक्टर श्रेयस तलपड़े पर एक कॉमेडी एक्टर होने का 'टैग' लगा दिया गया हो पर उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। कॉमेडी रोल्स करना उन्हें पसंद है और अपने वेब डेब्यू के लिए भी उन्होंने एक कॉमेडी प्रोजेक्ट को ही चुना है

features@inext.co.in KANPUR: वेब शो 'बेबी कम ना' करने का फैसला आपने कैसे लिया?मैं इसमें एक शातिर लड़के का रोल कर रहा हूं जिसको दो लड़कियां मिल जाती हैं। वह उन्हें खुश रखने के लिए कुछ भी बन सकता है। वह उनका स्पॉट ब्वॉय बन जाता है, उनका कुक बन जाता और उनका ब्वॉयफ्रेंड भी बन जाता है। यह मेरे अभी तक के निभाए सबसे शरारती किरदारों में से एक है। यह मेरे कम्फर्ट जोन से बाहर का रोल था। इस शो की कॉमेडी शानदार है, इसे बहुत बेहतरीन तरह से लिखा गया है। इसे इंडस्ट्री के सबसे शानदार डायरेक्टर्स में से एक फरहाद शमजी ने बनाया है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आप पर कॉमिक एक्टर होने का ठप्पा लग गया है। अगर आप अपने वेब डेब्यू के जरिए इस इमेज को तोड़ने की कोशिश करते तो क्या ज्यादा अच्छा न होता?मैं सीरियस रोल्स करना पसंद करूंगा पर कॉमेडी एक ऐसी चीज है जो मैं नैचुरली कर लेता हूं। लोग मुझे कॉमिक रोल्स में देखना चाहते हैं और एक एंटरटेनर होने के नाते यह मेरी ड्यूटी है कि मैं उन्हें वो दूं जो वे चाहते हैं। मैं कॉमेडी से हटकर भी इंटरेस्टिंग स्क्रिप्ट्स पर काम कर रहा हूं। यह मेरी बेवकूफी होगी कि मैं अपने पास एक सीरियस रोल आने का इंतजार करूं और ऐसा रोल हाथ से जाने दूं। जो एंटरटेनिंग है और ज्यादा लोगों को अपील करता है। हमें यह बात भी याद रखनी चाहिए कि कॉमेडी एक बहुत ही सीरियस बिजनेस है।फिल्ममेकर्स को डर है कि 'वीडियो-ऑनडिमांड' सर्विसेज की बढ़ती पॉपुलैरिटी के चलते लोग थिएटर्स में जाना बंद कर देंगे। यह डर बेवजह है। वेस्ट, खासकर अमेरिका में 'नेटफ्लिक्स' बहुत पॉपुलर है पर इसके बावजूद लोग मूवीज देखने भारी संख्या में थिएटर्स जाते हैं। सिनेमा ने टीवी, वीसीआर और डीवीडी के दौर को भी सर्वाइव किया है। थिएटर में मूवी देखने के एक्सपीरियंस को कोई भी चीज रिप्लेस नहीं कर सकती। साथ ही साथ, यह देखकर भी अच्छा लगता है कि एक्टर्स अलग-अलग मीडियम्स को भी एक्सप्लोर कर रहे हैं। किसी एक मीडियम पर ही क्यों अटके रहा जाए जबकि क्रिएटिविटी को बांधकर नहीं रखा जा सकता?किकु शारदा, चंकी पांडे और आपमें ज्यादा फनी कौन है?किकु, उनकी कॉमिक टाइमिंग लाजवाब है। मुझे उनसे काफी कुछ सीखना है।आपने पिछले साल 'पोस्टर ब्वॉयज' मूवी के जरिए डायरेक्टर के तौर पर डेब्यू किया था। क्या इसे आगे ले जाने का कोई प्लान है?कैमरे के पीछे रहना भी मुझे उतना ही एक्साइट करता है जितना कैमरे के सामने रहना। मैं और भी प्रोजेक्ट्स करना चाहता हूं पर अभी प्लानिंग शुरुआती स्टेज पर है। चंकी पांडे और आपने पहले भी साथ में काम किया है। उनके साथ फिर से काम करने का एक्सपीरियंस कैसा रहा?मैं उनकी मूवीज देख-देखकर ही बड़ा हुआ हूं। उनके साथ काम करने में हमेशा मजा आता है फिर चाहे वह कोई मूवी हो, अवॉर्ड नाइट हो या वेब सीरीज। मुझे उनके अंदर मौजूद बच्चों जैसी मासूमियत बहुत अच्छी लगती है। शॉट से पहले वह आपसे पूछेंगे, 'ये मैं कैसे करूं?', 'ये पंच यहां पर कैसा लगेगा?' वह एक ऐसे स्टूडेंट की तरह हैं जो हमेशा कुछ न कुछ सीखने के लिए तैयार रहता है। वह एक स्टार हैं पर जब हम साथ काम करते हैं तो वह फ्रेंड बन जाते हैं। 

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KANPUR: वेब शो 'बेबी कम ना' करने का फैसला आपने कैसे लिया?

मैं इसमें एक शातिर लड़के का रोल कर रहा हूं जिसको दो लड़कियां मिल जाती हैं। वह उन्हें खुश रखने के लिए कुछ भी बन सकता है। वह उनका स्पॉट ब्वॉय बन जाता है, उनका कुक बन जाता और उनका ब्वॉयफ्रेंड भी बन जाता है। यह मेरे अभी तक के निभाए सबसे शरारती किरदारों में से एक है। यह मेरे कम्फर्ट जोन से बाहर का रोल था। इस शो की कॉमेडी शानदार है, इसे बहुत बेहतरीन तरह से लिखा गया है। इसे इंडस्ट्री के सबसे शानदार डायरेक्टर्स में से एक फरहाद शमजी ने बनाया है। 

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आप पर कॉमिक एक्टर होने का ठप्पा लग गया है। अगर आप अपने वेब डेब्यू के जरिए इस इमेज को तोड़ने की कोशिश करते तो क्या ज्यादा अच्छा न होता?

मैं सीरियस रोल्स करना पसंद करूंगा पर कॉमेडी एक ऐसी चीज है जो मैं नैचुरली कर लेता हूं। लोग मुझे कॉमिक रोल्स में देखना चाहते हैं और एक एंटरटेनर होने के नाते यह मेरी ड्यूटी है कि मैं उन्हें वो दूं जो वे चाहते हैं। मैं कॉमेडी से हटकर भी इंटरेस्टिंग स्क्रिप्ट्स पर काम कर रहा हूं। यह मेरी बेवकूफी होगी कि मैं अपने पास एक सीरियस रोल आने का इंतजार करूं और ऐसा रोल हाथ से जाने दूं। जो एंटरटेनिंग है और ज्यादा लोगों को अपील करता है। हमें यह बात भी याद रखनी चाहिए कि कॉमेडी एक बहुत ही सीरियस बिजनेस है।

फिल्ममेकर्स को डर है कि 'वीडियो-ऑनडिमांड' सर्विसेज की बढ़ती पॉपुलैरिटी के चलते लोग थिएटर्स में जाना बंद कर देंगे। 

यह डर बेवजह है। वेस्ट, खासकर अमेरिका में 'नेटफ्लिक्स' बहुत पॉपुलर है पर इसके बावजूद लोग मूवीज देखने भारी संख्या में थिएटर्स जाते हैं। सिनेमा ने टीवी, वीसीआर और डीवीडी के दौर को भी सर्वाइव किया है। थिएटर में मूवी देखने के एक्सपीरियंस को कोई भी चीज रिप्लेस नहीं कर सकती। साथ ही साथ, यह देखकर भी अच्छा लगता है कि एक्टर्स अलग-अलग मीडियम्स को भी एक्सप्लोर कर रहे हैं। किसी एक मीडियम पर ही क्यों अटके रहा जाए जबकि क्रिएटिविटी को बांधकर नहीं रखा जा सकता?

किकु शारदा, चंकी पांडे और आपमें ज्यादा फनी कौन है? 


किकु, उनकी कॉमिक टाइमिंग लाजवाब है। मुझे उनसे काफी कुछ सीखना है।

आपने पिछले साल 'पोस्टर ब्वॉयज' मूवी के जरिए डायरेक्टर के तौर पर डेब्यू किया था। क्या इसे आगे ले जाने का कोई प्लान है?

कैमरे के पीछे रहना भी मुझे उतना ही एक्साइट करता है जितना कैमरे के सामने रहना। मैं और भी प्रोजेक्ट्स करना चाहता हूं पर अभी प्लानिंग शुरुआती स्टेज पर है। 

चंकी पांडे और आपने पहले भी साथ में काम किया है। उनके साथ फिर से काम करने का एक्सपीरियंस कैसा रहा?

मैं उनकी मूवीज देख-देखकर ही बड़ा हुआ हूं। उनके साथ काम करने में हमेशा मजा आता है फिर चाहे वह कोई मूवी हो, अवॉर्ड नाइट हो या वेब सीरीज। मुझे उनके अंदर मौजूद बच्चों जैसी मासूमियत बहुत अच्छी लगती है। शॉट से पहले वह आपसे पूछेंगे, 'ये मैं कैसे करूं?', 'ये पंच यहां पर कैसा लगेगा?' वह एक ऐसे स्टूडेंट की तरह हैं जो हमेशा कुछ न कुछ सीखने के लिए तैयार रहता है। वह एक स्टार हैं पर जब हम साथ काम करते हैं तो वह फ्रेंड बन जाते हैं। 

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