आत्मा की आवाज है मौन साधना

2019-01-20T06:01:02Z

साधना कैसी भी हो, इहलोक, परलोक संवारती ही है। चंचल मन को एकाग्र करने की एक साधना ध्यान भी है। ध्यान का चरमोत्मकर्ष ही मौन है। बिन बोले ही साधक आत्मा की आवाज सुन लेता है। वह आत्मा जो अजर अमर है। जगदगुरु साई मां ने अपने प्रवचन में शनिवार को यह बात कही। वह सेक्टर 14 स्थित अपने शिविर में साधकों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मौन एक ऐसी साधना है जहां सब कुछ निर्मल, निर्विकार और निराकार हो जाता है। ईष्ट की प्राप्ति का यह एक सहज मार्ग है। मौन साधना में चेतना अधिक जाग्रत हो जाती है। काले बादलों की भांति सभी प्रकार के भ्रम शांत हो जाते हैं। अनंत आकाश में दिव्य शक्ति का अहसास होने लगता है। कुंडलिनी जाग्रत हो जाती है और साधक हर प्रकार के बंधन से मुक्त महसूस करता है। बता दें कि यमुनाचार्य श्रीसतुआ बाबा के प्रयोजन के अंतर्गत वर्ष 2007 में अखिल भारतीय अखाडा परिषद ने माता जी को जगदगुरु की उपाधि से नवाजा था। वह 2700 वर्ष प्राचीन विष्णुस्वामी वंशावली में इस उपाधि को प्राप्त करने वाली वह पहली महिला हैं।

प्रगति का उत्तम मार्ग सहकारिता विभाग

उप्र सहकारिता विभाग के मंत्री मुकट बिहारी वर्मा ने शनिवार को कुंभ मेला सेक्टर एक में विभागीय प्रदर्शनी का उदघाटन किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता एक ऐसा विभाग है जिसके माध्यम से गरीबों व किसानां को आत्म निर्भर बनाया जा सकता है। सरकार द्वारा किसानों को फास्फेटिक उर्वरक समस से उपलब्ध कराने के उददेश्य से ऐसे उर्वरकों को पूर्ण भंडारण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया गया है। इसके बाद उन्होंने संगम पर स्नान व पूजा अर्चना की। परियोजना अभियंता अशोक कुमार, संजय पांडेय सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

जागरुक कर ही डिजीटल प्रदर्शनी

कुंभ मेला में गंगा के संस्कृतिक और अध्यात्मिक महत्व के प्रचार प्रसार के लिए सेक्टर एक में नमामि गंगे डिजीटल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। यह जानकारी जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय के कम्युनिकेशन विशेषज्ञ अथर्व राज ने दी। उन्होंने कहा कि प्रदश्रनी के जरिए गंगा नदी के स्वच्छता एवं संरक्षण के महा अभियान का डिजीटल चलचित्रों के माध्यम से जागरुक किया जा रहा है। नमामि गंगे मिशन के तहत किए जा रहे कार्यक्रमों द्वारा गंगा के ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व का विस्तृत विवरण दर्शाया जा रहा है।

कुंभ मेला में धारा 144 लागू

15 जनवरी से 4 मार्च तक आयोजित होने वाले कुंभ मेला और स्नान पवरें केा शांतिपूर्वक आयोजित कराने के उददेध्य से मेला प्रशासन ने इस अवधि में मेला एरिया में धारा 144 लागू कर दी है। यह जानकारी मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने दी है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


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