आठ चौराहों का होगा अलग ही ठाठ

2018-04-04T07:01:17Z

- ट्रैफिक मूवमेंट व लोड के हिसाब से चौराहों की होगी डिजाइन

- लाइटिंग, डिवाइडर, सड़कों के चौड़ीकरण, मार्किंग होने से नहीं लगेगा जाम

Varanasi@inext.co.in

VARANASI

शहर के आठ चौराहे जल्द ही अलग लुक में दिखेंगे। जंक्शन इम्प्रूवमेंट प्लान के तहत इन चौराहों पर ट्रैफिक मूवमेंट और लोड के आधार पर सुविधाएं डिजाइन की जाएंगी। इससे जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी। साथ ही आवागमन भी सुगम और सुरक्षित होगा। चौराहों पर लाइटिंग, ट्रैफिक सिग्नल, रोड की स्लोप यानी ढाल, चौड़ीकरण, मार्किंग, डिवाइडर, पार्किंग, साइनेज और फुटपाथ बनेंगे। इसके लिए पहले चरण में इंग्लिशिया लाइन, कैंट स्टेशन, अंधरापुल, चौकाघाट, नदेसर, कचहरी, पुलिस लाइन और पांडेयपुर चौराहों को चिन्हित किया गया है। इसके लिए जल्द काम भी शुरू होने की उम्मीद है।

आइयूटी ने किया चौराहों का सर्वे

नई दिल्ली की एक्सपर्ट इंस्टीटयूट ऑफ अरबन ट्रांसपोर्ट (आईयूटी, इंडिया) संस्था ने शहर के प्रमुख आठ चौराहों का पिछले महीने सर्वे किया था। नगर निगम के अफसर भी इसमें शामिल थे। आइयूटी ने सर्वेक्षण के बाद चौराहों को डेवलप करने के लिए जंक्शन इम्प्रूवमेंट प्लान बनाया। चौराहों को नए तरीके से डिजाइन करने पर 20.39 करोड़ रुपये लागत आएगी।

जाम की समस्या से निजात

प्राचीन व धार्मिक नगरी वाराणसी पूर्वाचल का प्रमुख व्यवसायिक नगर व शिक्षा का केन्द्र है। ऐसे में रोज यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं। जिससे रोड पर ट्रैफिक का लोड काफी जादा रहता है। नतीजा ये होता है कि घंटों जाम लगा रहता है। नगर निगम के अफसरों के मुताबिक शहर में पार्किंग व वेंडिंग जोन का अभाव, अतिक्रमण और भारी व हल्के वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या जाम के प्रमुख कारण हैं। चौराहों की ट्रैफिक मूवमेंट के हिसाब से डिजाइन होने से जाम की समस्या से निजात मिलेगी।

भीड़भाड़ वाले चौराहों का चयन

नगर निगम ने पहले चरण में ज्यादा भीड़भाड़ वाले आठ प्रमुख चौराहों का चयन किया है। खासकर इंग्लिशिया लाइन, कैंट, पांडेयपुर, अंधरापुल, चौकाघाट व कचहरी चौराहों पर दिन में भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। चौराहों पर अगर ट्रैफिक सिपाहियों की मौजूदगी न हो तो कई बार जाम हटाना भी मुश्किल हो जाता है। दूसरे चरण में अन्य चौराहों की ट्रैफिक मूवमेंट के हिसाब से डिजाइन की जाएगी। फिलहाल आइयूटी इसका खाका तैयार कर रही है। कार्ययोजना बनाकर इसका जल्द ही क्रियान्वयन करने की उम्मीद है।

ये सुविधाएं बढ़ेंगी

- चौड़ीकरण

- स्लोप

- फुटपाथ

- डिवाइडर

- आइलैंड

- पार्किंग

- वेंडिंग जोन

- लाइटिंग

- साइनेज

- रोड मार्किंग

- शहर की आबादी करीब 16 लाख

- शहर में प्रमुख चौराहे करीब 60

- ज्यादा जाम लगने वाले चौराहे 25

- कुल रजिस्टर्ड वाहन आठ लाख

- चौराहों की डिजाइन पर लागत 20.39 करोड़

चौराहों के नए तरीके से डिजाइन करने का टेंडर हो गया है। वर्क ऑर्डर होते ही काम शुरू हो जाएगा। इससे चौराहों का लुक बदल जाएगा। जाम की समस्या भी खत्म होगी।

रमेश चन्द्र सिंह, संयुक्त नगर आयुक्त


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