एक दूसरे की जान लेने का खून था सवार

2019-02-07T06:01:12Z

-मंगलवार देर रात दो नागाओं में जमकर मारपीट

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: मंगलवार देर रात दो नागा एक दूसरे की जान के दुश्मन बन गए। दो अलग-अलग अखाड़ों के इन नागाओं के बीच विवाद बालू के बनाए शिवलिंग पर त्रिशूल गाड़ने से शुरू हुआ और नौबत खून-खराबे तक आ गई। कुंभ मेला कार्यालय के पास हुई इस घटना में आधा घंटा तक सड़क पर अफरा-तफरी मची और पुलिस तमाशा देखती रही। भीड़ के बीच नागा त्रिशूल और लाठी डंडे से एक दूसरे का खून बहाने में लगे रहे। पब्लिक के बीच-बचाव करने पर उन्हें भी धमकाते थे। काफी देर तक मारपीट चलती रही। जब सूचना आस पास चौराहों पर तैनात पुलिस अफसरों को मिली तो उन्होंने किसी तरह से मामला शांत कराया गया।

एक घंटे के अंदर दूसरी घटना

कुंभ मेला कार्यालय के पास एक नागा साधु अपनी धुनी रमाए बैठे थे। एक साधु वहां आया और आग सेंकने लगा। बातचीत चलती रही और किसी बात को लेकर नागा संत से आहत हुआ और उसे पीटने लगा। नागा संत के मुंह में जलती आग की लकड़ी डालने जा रहा था। लेकिन वहां मौजूद लोगों के बीच-बचाव से बड़ी घटना होते-होते बची। मामला शांत हुआ और लोगों ने साधु को वहां से हटा दिया। अभी उसी घटना की चर्चा शांत नहीं हुई थी कि अचानक से वहां एक और नागा आ गया। नागा ने धुनी रमाए नागा द्वारा बनाए गए बालू के शिवलिंग में अपना त्रिशूल धंसा दिया। इस घटना से धुनी रमाए नागा आग-बबूला हो गया और दोनों के बीच झड़प देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

पुलिस न आती तो हो जाती बड़ी घटना

धुनी रमाए बैठे नागा जूना अखाड़े से था और त्रिशूल से बालू के शिवलिंग को खंडित करने वाला कानपुर के अखाड़े से जुड़ा था। जब दोनों के बीच मारपीट शुरू हुई तो आस पास की पब्लिक डर गई और वहां से दूर जाकर तमाशा देखने लगी। कुछ लोगों ने पहले छुड़ाने की हिम्मत जुटाई लेकिन दोनों नागा का गुस्सा देख वह पीछे हट गए। अगर पुलिस के अफसरों को सूचना नहीं मिलती और टीम मौके पर नहीं पहुंचती तो बड़ी घटना हो जाती।


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