अमेरिका असद को रासायनिक हथियारों का प्रयोग कर नरसंहार की सजा देने का पक्का मन बना चुका है. अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अमेरिका अकेले ही सीरिया पर हमले की तैयारी कर रहा है. दरअसल राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार द्वारा रासायनिक हथियारों के प्रयोग को लेकर सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के मुद्दे पर अमेरिका के साथ खड़े नजर आ रहे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन को झटका देते हुए ब्रिटिश सांसदों ने अमेरिकी नेतृत्व में सीरिया पर सैन्य कार्रवाई में मदद के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. वर्ष 1782 के बाद पहली बार ब्रिटिश प्रधानमंत्री को युद्ध पर हुए मतदान में शिकस्त मिली है. हालांकि फ्रांस सीरिया को सजा देने के पक्ष में है.


दूसरे देशों की विदेश नीति के लिए इंतजार नहींकेरी ने कांग्रेस से कहा, ‘अमेरिका दूसरे देशों की विदेश नीति के लिए इंतजार नहीं करेगा.’ एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘राष्ट्रपति बराक ओबामा का फैसला देशहित में होगा. उन्होंने हमेशा ज्यादा से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय समर्थन चाहा है. अब फ्रांस, तुर्की और अन्य देशों की भूमिका पर नए सिरे से गौर किया जाएगा.’ अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि सीरिया और इराक में तुलना नहीं की जा सकती. गलत खुफिया सूचना के आधार पर हुए खाड़ी युद्ध के बारे में पूछे जाने पर ह्वाइट हाउस के उप-प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने कहा, ‘दोनों में अंतर है.रासायनिक हथियारों के प्रयोग के सुबूत


सीरिया में मिले सुबूत दर्शाते हैं कि वहां निर्दोष नागरिकों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का प्रयोग हुआ है.’ इससे पहले गुरुवार को लंदन में हाउस ऑफ कॉमंस (ब्रिटिश संसद) में करीब सात घंटे तक चली जोरदार बहस के बाद प्रस्ताव के विरोध में 285, जबकि पक्ष में 272 वोट पड़े. वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा कि वह अभी भी सीरिया को रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की कड़ी सजा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. ब्रिटिश नहीं चाहते सैन्य कार्रवाई

कैमरन ने सांसदों से कहा, ‘स्पष्ट है कि संसद और ब्रिटिश ब्रिटेन की तरफ से सैन्य कार्रवाई नहीं चाहते. सरकार इसी के अनुरूप काम करेगी.’ इसके बाद कैमरन के प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा. लेबर पार्टी के नेता एड मिलिबैंड ने कहा कि अमेरिका-ब्रिटेन संबंधों का अर्थ यह नहीं है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो कहें वही आप करें. ब्रिटिश संसद के उच्च सदन हाउस ऑफ लाड्र्स में लेबर पार्टी के सांसद लार्ड स्वराज पॉल ने सीरिया में किसी प्रकार की सैन्य कार्रवाई का विरोध किया.इराक को लेकर हो चुकी है किरकिरीउन्होंने कहा, ‘इस कार्रवाई में हिस्सा लेने का फैसला दर्शाता है कि अफगानिस्तान और इराक पर हमले में अमेरिका का साथ देने पर हुई फजीहत को हम भूल गए हैं. इराक में सामूहिक विनाश के हथियार नहीं मिलने पर दुनिया भर में दोनों मुल्कों की निंदा हुई थी.’ उन्होंने कहा कि अपने विवेक के आधार पर दूसरों के विवादों में सैन्य हस्तक्षेप रखने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं. सीरिया के विपक्षी दलों व पश्चिमी देशों का आरोप है कि 21 अगस्त को दमिश्क के निकट घाउटा में हुए रासायनिक हमले में सैकड़ों लोग मारे गए थे. हालांकि, असद सरकार ने इनसे इन्कार किया है.सीरिया में मारे गए 1429 नागरिक

सीरिया में 21 अगस्त को किए गए रासायनिक हथियारों के हमले में 1429 नागरिक मारे गए थे. अमेरिका खुफिया विभाग की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक मारे गए लोगों में 426 बच्चे हैं. माना जा रहा है कि राष्ट्रपति ओबामा इस रिपोर्ट को सीरिया के खिलाफ कार्रवाई में इस्तेमाल करेंगे. चार पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक खुफिया विभाग ने ये आंकड़े हमले से जुड़े रहे एक वरिष्ठ अधिकारी और वहां के नागरिकों की इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से की गई बातचीत को पकड़ कर जुटाए हैं. 50 फीसदी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के पक्ष में नहींनए सर्वेक्षण के अनुसार, 50 फीसद अमेरिकी सीरिया पर सैन्य कार्रवाई के पक्ष में नहीं हैं, जबकि करीब 80 प्रतिशत को विश्वास है कि राष्ट्रपति ओबामा कांग्रेस की सहमति से ही कदम उठाएंगे.

Posted By: Satyendra Kumar Singh