अब अवैध खनन को रोकने के लिए पुलिस तीसरी आंख का सहारा लेगी. बॉर्डर से लेकर खनन मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं इससे अवैध खनन को पूरी तरह से रोका जा सके. इसकी मॉनिटरिंग पुलिस कार्यालय से की जाएगी.


आगरा(ब्यूरो) : खनन होने पर संबंधित पुलिस चौकी को कॉल किया जाएगा। इसके बाद पर्याप्त मात्रा में मौजूद फोर्स खनन करने वालों पर शिकंजा कसने का काम करेंगे।

संबंधित विभाग को भेजा प्रस्ताव
अवैध खनन को रोकने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। इसी क्रम में मंगलवार को ओवरलोड पर अंकुश लगाने को रणनीति बना ली गई है। वन विकास निगम के एमडी को गौला नदी के खनन गेटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही पुलिस, पीएसी व भूतपूर्व सैनिकों की आठ सदस्यीय टीम भी तैनात करने की मांग उठाई गई है। इसे आवश्यकता पडऩे पर टीम खनन माफियाओं पर कार्रवाई की जा सके। इसको लेकर पुलिस को भी ट्रैंड किया जाएगा। इससे वे खनन करने वालों पर पूरी तरह से अंकुश लगा सके।

6500 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली भर रहे चौकड़ी
आगरा कमिश्नरेट के बार्डर पर बने थानों को अलर्ट किया गया है, साथ ही इस बात की भी हिदायत दी गई, कि अगर कोई मूवमेंट होता है तो तत्काल कंट्रोल रूम को कॉल कर जानकारी दें। वहीं गौला नदी में 11 गेटों पर चुगान होता है, इसमें करीब 6500 से भी अधिक डंपर व ट्रैक्टर-ट्रॉली चौकड़ी भरती हैं। निगम के अधिकारियों के अनुसार गोरापड़ाव, आंवला, इंदिरा नगर, हल्दूचौड़, मोटाहल्दू, शीशमहल, राजपुरा, देव रामपुर, बेरीपड़ाव, लालकुआं व इमलीघाट गेटों पर खनन होता है। इसमें इंदिरानगर, शीशमहल व गोरापड़ाव गेट पर सर्वाधिक अराजकता होती है। इन्हीं गेटों पर ओवरलोड व अवैध खनन होता है। राजपुरा गेट पर तड़के खुला खेल होता है। जिसको देखते हुए कुछ साल पहले खनन गेटों पर ओवरलोड वाहन व अवैध खनन पर अंकुश लगाने को कैमरे लगाने की बात हुई थी। उस समय भी निगम के एमडी श्रीकांत चंदोला मौजूद रहे थे।

टीम तैनात करने पर फोकस
वर्तमान में भी वही हैं। इधर, डीएलएम दिवाकर बिष्ट ने बताया कि खनन गेटों से ओवरलोड डंपर बाहर न जाएं और नदी में अवैध खनन पर अंकुश लगे, इसके लिए रणनीति बनाई गई है। इस बार खनन गेटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए एमडी को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें गौला में खनन सत्र में होने वाली अराजकता करने वालों को भी चिन्हित किया जाएगा। डीएलएम ने बताया कि गेटों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध करने के लिए प्लानिंग तैयार की है। हाल ही में डीएम नवनीत सिंह चहल की अध्यक्षता में हुई खनन समिति की बैठक में भी गौला की सुरक्षा का मुद्दा उठा, तब भी आठ सदस्यीय टीम तैनात की मांग उठाई गई। टीम की तैनाती पर फोकस किया जा रहा है।

3 महीने में 185 वाहन किए सीज
इस बार खनन गेटों से सौ मीटर की दूरी पर डंपर मालिकों को टिकने दिया जाएगा। डंपर मालिकों के खनन गेटों के नजदीक होने से अराजकता का माहौल होता है। इस सब पर सीसीटीवी कैमरे की नजर रहेगी। पिछले तीन महीने में 185 वाहनों को सीज किया गया है, 45 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि 40 आरोपियों को अरेस्ट किया गया है।

कमिश्नरेट आगरा में सीज वाहन
-फ तेहपुर सीकरी, 03 वाहन
-सैंया क्षेत्र में, 12 वाहन
-जगनेर, 07 वाहन
-खैरागढ़, 01 वाहन
-खंदौली में 01 वाहन

अवैध खनन रोकथाम को लगे सीसीटीवी
-फ तेहपुर सीकरी, 07 वाहन
-बसई जगनेर, 04
-सैंया, 02 कैमरे
-जगनेर, 15 वाहन
-खैरागढ़, 05 वाहन
-इरादत नगर, 03

तीन महीने में कार्रवाई
-पुलिस ने सीज किए अवैध खनन के वाहन
185
-बार्डर के थानों मेें दर्ज किए अवैध खनन पर केस
45
-खनन माफियाओं को किया गया अरेस्ट
40

अवैध खनन को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, इस संबंध में ऐसे मार्गों में सीसीटीवी लगाए गए हैं, जहां से अवैध खनन आसानी से किया जाता है, संबंधित विभागों को भी प्रस्ताव भेजा गया है कि वे अपने क्षेत्र में कैमरे लगवाएं।
डॉ। प्रीतिंदर सिंह, पुलिस कमिश्नर

Posted By: Inextlive