यमुना की गंदगी में पनपे गोल्डीकाइरोनोमस कीड़े ताज की सुंदरता के लिए परेशानी बनने के बाद अब मच्छर नई मुसीबत बन गए हैं. मच्छरों की वजह से एक माह से ताजमहल के वाटर चैनल सूखे पड़े हुए हैं और फव्वारे भी बंद हैं.

आगरा(ब्यूरो)। विश्व धरोहर स्थल ताजमहल का उद्यान चारबाग पद्धति पर बना हुआ है। इसमें उद्यान के साथ ही वाटर चैनल बने हुए हैं। वीडियो प्लेटफार्म से सेंट्रल टैंक होते हुए चमेली फर्श के मध्य में बने वाटर चैनल में फव्वारे भी लगे हुए हैं। एक माह से यह वाटर चैनल सूखा पड़ा है और फव्वारे भी बंद हैं। इसकी वजह मच्छरों को बताया जा रहा है। दरअसल, वाटर चैनल में भरे पानी में गंदगी की वजह से उसमें मच्छर पनप रहे थे। इससे स्मारक की छवि खराब हो रही थी। एएसआई ने दो बार वाटर चैनल को साफ कराकर उनमें पानी भरवाया गया। हर बार उसमें मच्छर आ गए। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए वाटर चैनल को खाली छोड़ दिया गया।

जल्द हो फव्वारे का संचालन
गाइड योगेश शर्मा का कहना है कि पर्यटकों के समक्ष ताजमहल की नकारात्मक छवि नहीं बने, इसके लिए वाटर चैनल भरवाने के साथ फव्वारे संचालित कराए जाने चाहिए।


वाटर चैनल में पानी भरवाने के निर्देश दिए गए हैं। मच्छरों की वजह से वाटर चैनल को खाली रखवाया गया था। वाटर चैनल में मरम्मत का काम भी कराया गया है। वाटर चैनल की बार-बार सफाई करने से प्राचीन पत्थरों का क्षरण होता है। इसलिए वाटर चैनल की बार-बार सफाई नहीं की जा सकती है।
डॉ। राजकुमार पटेल, अधीक्षण पुरातत्वविद्

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