महंगाई के बीच सेहत के लिए जरूरी हरी सब्जियों के तेवर बढऩे लगे हैैं. गर्मी में विटामिन-सी देने वाले नींबू की खटास ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैैं. एक नींबू फुटकर में 15 रुपए का मिल रहा है. रिटेल दुकानों पर नींबू का भाव 320 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया हैै.

आगरा। महंगाई के बीच में अब हरी सब्जियां खाना भी महंगा हो गया है। लौकी से लेकर टिंडे तक सभी के दाम आसमान पर हैैं। लौकी 40 से 50 रुपए प्रति किलोग्राम है तो टिंडे के दाम 100 से 120 रुपए प्रति किग्रा। के हिसाब से मिल रहे हैैं। भिंडी 80 से 100 रुपए प्रति किग्रा। है तो कड़वा होने के बावजूद कई गुणों वाला करेला भिंडी को कड़ी टक्कर दे रहा है। भिंडी के दाम भी 80 से 100 रुपए प्रति किग्रा। हैैं। टमाटर और प्याज के दाम अभी स्थिर हैैं।


सलाद से नींबू गायब
ढाबों पर सलाद में प्याज के साथ खीरा आए या न आए नींबू जरूर आ जाता है। लेकिन सलाद में प्याज, मूली, खीरा आदि को स्वादिष्ट बनाने वाला नींबू इस वक्त सलाद की प्लेट से गायब है। यदि कोई ग्राहक मांगता है तो वेटर इधर-उधर हो जाता है लेकिन नींबू नहीं दिया जा रहा। बड़े होटलों में अभी तक सलाद की प्लेट में नींबू की अटेंडेंस लग रही है। खीरा, मूली आदि की चाट बेचने वालों ने भी नींबू को गायब कर दिया है। सिर्फ हरी चटनी से काम चलाया जा रहा है।

डिमांड-सप्लाई की बिगड़ रही चेन
नींबू के दाम बढऩे का एकमात्र कारण डिमांड और सप्लाई का अंतर है। गर्मियों और सर्दियों के अंतर को जोड़ते हुए दैनिक औसत लगाया जाए तो आगरा में नींबू की बिक्री 50 टन रहती है। इस समय मंडी में दो टन की आपूर्ति हो रही है। जो मुंह मांगे दाम दे रहे हैैं, उनको नींबू के कट्टे तुरंत मिल रहे हैं। बाकी को नमस्ते हो रही है। दो दिन पहले दक्षिण से एक गाड़ी नींबू लेकर आई। इसमें मात्र 102 बोरे निकले। प्रत्येक बोरे में औसतन 40 किलोग्राम माल था। इसका सौदा साढ़े सात लाख रुपए में हुआ। प्रत्येक किलोग्राम का भाव लगभग 184 रुपए रहा.

मिर्च के दाम बढ़ रहे
मिर्च के दाम में भी असर हुआ है। जो हरी मिर्च आराम से दस रुपए की ढाई सौ ग्राम मिलती थी। अब सुबह के समय दस रुपए में सौ ग्राम मिल रही है। शाम के समय 15 से 20 रुपए में ढाई सौ ग्राम मिल जाती है। लाल मिर्च के दाम में भी भारी तेजी आई है। दाम ढाई सौ रुपये किलो के स्तर तक पहुंच गया है। कारोबारियों का कहना है कि लोकल स्तर पर बहुतायत में मिलने वाली मिर्च की उपलब्धता में कमी से दाम बढ़े हैं। बची कसर माल भाड़ों में वृद्धि से देखने को मिली है।

नींबू पानी हो गया महंगा
नींबू के दाम बढऩे से नींबू पानी भी महंगा हो गया है। लू और गर्मी में बीमारी से बचने के लिए जो नींबू पानी का गिलास आराम से दस रुपए में मिल जाता था। इस समय उसके लिए 25 रुपए की मांग है। नींबू सोडा का गिलास 30 रुपए में मिल रहा। असली शिकंजी के खरीदारों से 30 रुपए गिलास मांगे जा रहे हैं।

सब्जियों के दाम
आलू 16-20
प्याज 20-40
टमाटर 30-40
बैंगन 40-50
लौकी 40-50
काशीफल 30-40
भिंडी 80-100
करेला 80-100
टिंडे 100-120
हरी मिर्च 60-100
धनिया 60-100
नींबू 280-320


वर्जन
इस समय सबसे ज्यादा मुश्किल भाड़ों से हो रही है। जिन रूट पर दो रुपये किलो का भाड़ा चलता था। आज तीन से साढ़े तीन रुपये देने पड़ रहे हैं।
- ललित यादव, थोक सब्जी विक्रेता

इस वक्त गर्मी बढऩे से नींबू की डिमांड बढ़ रही है। लेकिन बाजार में नींबू नहीं है, है भी तो इसके दाम काफी ज्यादा हैं। एक नींबू 15 रुपए का मिल रहा है।
- जयपाल, सब्जी विक्रेता


हरी सब्जियों के दाम बढ़ते जा रहे हैैं। नींबू के दाम तो आसमान पर पहुंच गए हैैं। गर्मियों में नींबू की शिकंजी पीना भी मुश्किल हो रहा है।
- धीरज, ग्राहक

Posted By: Inextlive