हास्टल मिल नहीं रहा, रूम रेंट एक्ट सपना

Updated Date: Fri, 30 Nov 2018 06:00 AM (IST)

विवि के बाहर छात्रों से मनमाना किराया वसूलते हैं मकान मालिक

इनपर लगाम के लिए कई बार हो चुका है आन्दोलन

vikash.gupta@inext.co.in

PRAYAGRAJ: ऐसे समय जब इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रावासों में सभी विषयों के नव प्रवेशियों को हास्टल मिल पाना करेंट एकेडमिक सेशन में इम्पासिबल लग रहा है। तब विवि में न्यू एडमिशन लेने वाले छात्रों को विवि से बाहर किराए का कमरा तलाशना पड़ रहा है। इससे छात्रों में गहरी हताशा और निराशा है। खासकर मध्यम वर्ग के गरीब छात्रों के सामने सबसे बड़ी मुश्किल रियायती दर पर कमरा तलाशना है।

चर्चित इलाकों में होती है दिक्कत

इविवि में बीए प्रथम वर्ष के छात्र मनीष कहते हैं कि ज्यादातर छात्र चिर परिचित जगहों छोटा बघाड़ा, चांदपुर सलोरी, बैंक रोड के आसपास, कर्नलगंज, जार्जटाऊन, टैगोर टाऊन आदि में किराए का कमरा तलाशते हैं। यह बात मकान मालिकों को भी पता है कि छात्र विवि के आसपास ही कमरा लेना चाहते हैं। ऐसे में वे मनमाने ढंग से किराए का रेट तय करते हैं। बीकॉम के छात्र अविनाश कहते हैं कि विवि के छात्र होने के नाम पर ज्यादातर लोग बाहर कमरा देने से हिचकते हैं। इसका फायदा वे मकान मालिक या लॉज मालिक उठाते हैं जो थोड़ा दबंग प्रवृत्ति के हैं।

बिजली-पानी का बिल अलग से

छात्र बताते हैं कि बाहर ढाई हजार तक न्यूनतम रेट पर किराए का कमरा मिलता है। इसमें बिजली और पानी का मूल्य भी ज्यादातर जगहों पर अलग से चुकाना पड़ता है। छात्र अमित कहते हैं कि पिछले वर्ष तक मकान मालिकों पर लगाम कसने के लिए रूम रेंट एक्ट के लिए विवि से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक प्रदर्शन हो चुका है। लेकिन कुछ भी नहीं हो सका।

अभी मुट्ठीभर छात्रों को ही हास्टल मिल सका है। जबकि हास्टल की क्षमता कई गुना है। यह हाल तब है जब साल खत्म होने के करीब है। जाहिर है कि छात्र किराए के कमरों की तलाश भी कर रहे हैं।

विवेक यादव, बीए द्वितीय वर्ष

मेरी जानकारी में एमपी में एक जिले के टॉपर ने विवि से पढ़ाई केवल इसलिए छोड़ दी। क्योंकि उसे हास्टल समय पर नहीं मिल सका। उसके पास इतना पैसा नहीं था कि वह बाहर किराए का कमरा लेकर पढ़ाई जारी रख सके।

अमित, एमए प्रथम वर्ष

बाहर का खर्चा काफी हो जाता है। रहने खाने का खर्च, उसमें भी यदि छात्र लाज में रहते हैं तो उन्हें उसकी सफाई आदि का खर्चा भी वहन करना पड़ता है जोकि सबके बस की बात नहीं है।

प्रसेन, एमए प्रथम वर्ष

नव प्रवेशी सभी छात्रों को यदि विवि द्वारा हास्टल नहीं दिया जाता तो मैं आह्वान करता हूं कि इसके विरोध में सभी छात्रों को एकजुट होकर आन्दोलन के लिए आगे आना चाहिए। हम आगामी मंगलवार को इसके लिए ज्ञापन देंगे।

अंगद, एमए प्रथम वर्ष

Posted By: Inextlive
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