फिजिक्स के न्यूमेरिकल ने दी टेंशन

Updated Date: Mon, 07 May 2018 07:00 AM (IST)

16 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे

13000 स्टूडेंट्स ने कराया था रजिस्ट्रेशन

पहली बार सिटी में हुआ नीट एग्जाम का आयोजन

ALLAHABAD: नीट एग्जाम के दौरान स्टूडेंट्स को फिजिक्स के न्यूमैरिकल ने सबसे अधिक परेशान किया। स्टूडेंट्स भी भीषण गर्मी के बीच फिजिक्स के सवालों के बीच उलझे रहे। हालांकि बायोलॉजी और केमिस्ट्री ने राहत की सांस दी। एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट 2018 (नीट) का रविवार को आयोजन हुआ। पहली बार इलाहाबाद शहर में भी परीक्षा का आयोजन हुआ।

एनसीईआरटी पैटर्न पर एग्जाम

एग्जाम सेंटर के बाहर परीक्षा देकर निकले स्टूडेंट्स ने बताया कि फिजिक्स के प्रश्न काफी टेंशन देने वाले रहे। जबकि उनके मुकाबले अगर कमेस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्नों को देखें तो वह काफी आसान रहे। परीक्षा के दौरान एनसीईआरटी के पैटर्न पर ज्यादातर क्वैश्चन बेस्ड रहे। सिटी में परीक्षा के आयोजन के लिए टैगोर पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल कावेरी अधिकारी को कोऑर्डिनेटर बनाया गया था।

इन सेंटर्स पर हुआ एग्जाम

केन्द्रीय विद्यालय ओल्ड कैंट, केन्द्रीय विद्यालय न्यू कैंट, आर्मी पब्लिक स्कूल, महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर, दिल्ली पब्लिक स्कूल, डीपी पब्लिक स्कूल, महर्षि विद्या मंदिर, टैगोर पब्लिक स्कूल, जगत तारन गोल्डेन जुबली स्कूल, अर्नी मेमोरियल स्कूल पर एग्जाम का आयोजन हुआ।

कॉलिंग

फ‌र्स्ट टाइम एग्जाम में शामिल हुई। फिजिक्स के क्वेश्चन ने थोड़ा परेशान किया। लेकिन बायोलॉजी के प्रश्न काफी आसान रहे।

-रोहिणी यादव

फिजिक्स के प्रश्न स्टैंडर्ड से भी ऊंचे रहे। जबकि उसके मुकाबले केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न आसान थे। पहले अटेंप्ट में एक्सपीरियंस काफी अच्छा रहा।

-स्मृति सक्सेना

लास्ट ईयर इंटरमीडिएट क्लियर करने के बाद तैयारी में जुटा हुआ। ये मेरा पहला ही मौका था। पेपर की बात करें तो यह काफी टफ था। हालांकि कोशिश पूरी की है।

-आशुतोष सिंह

पूरा पेपर एनसीईआरटी बेस्ड था। जिसने में एनसीईआरटी की बुक्स से तैयारी की होगी, उसका रिजल्ट शानदार रहेगा। पेपर कुछ टफ जरूर था।

-शैलेश कुमार

फिजिक्स के सवाल तो पहले ही टफ थे, केमिस्ट्री में भी थोड़ी दिक्कत हुई। हालांकि बायोलॉजी काफी रिलैक्स देने वाला था।

-निहारिका यादव

पहला अटेंप्ट यह सोचकर दिया कि अगर सफल नहीं हुई तो एक्सपीरियंस मिलेगा। जब पेपर देखा तो हैरान रह गई। आराम से क्वेश्चन पेपर को सॉल्व किया।

-तंजील हसन

क्वेश्चन पेपर स्टैंडर्ड ही कहा जा सकता है। अच्छे से तैयारी करके पेपर दिया है। उम्मीद भी है कि इस बार अच्छा कॉलेज मिलेगा।

-सोनाली

एक साल तैयारी करके पहली बार एग्जाम में बैठे। ताकि फ‌र्स्ट अटेंप्ट में अच्छा कॉलेज मिले। पेपर भी ठीक रहा। उम्मीद भी पूरी है।

-रोहिणी यादव

Posted By: Inextlive
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