दो हजार में अनफिट को कर देते थे 'फिट'

Updated Date: Sat, 15 Aug 2015 07:01 AM (IST)

-रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा गया रेलकर्मी

-रेलकर्मी बन पीएमई कराने गए थे विजिलेंस टीम के सदस्य

ALLAHABAD:

रेलवे हॉस्पिटल में लंबे समय से पैसे लेकर अनफिट को फिट करार देने के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। विजिलेंस टीम ने हॉस्पिटल के एक्स-रे टेक्नीशियन को मेडिकल करने के लिए दो हजार रुपए रिश्वत में लेते पकड़ लिया। रंगे हाथों पकड़े जाने पर हॉस्पिटल में खलबली मच गई। रिपोर्ट अफसरों को सौंपने के बाद उसका निलंबन तय माना जा रहा है। इसमें कई और लोगों के फंसने के आसार हैं।

जरूरी होता है पीएमई कराना

रेलवे के ड्राइवर, गार्ड, स्टेशन मास्टर आदि का समय-समय पर पीरियाडिक मेडिकल एक्जामिन यानी पीएमई किया जाता है। इसमें पास होने पर ही उन्हें आगे काम दिया जाता है। रेलवे हॉस्पिटल में इस मेडिकल टेस्ट के लिए कर्मचारियों से वसूली की जाती थी। पैसे देने पर अनफिट को भी फिट कर दिया जाता था और पैसे न देने फिट को अनफिट। पिछले दिनों कुछ कर्मचारियों ने इसकी शिकायत रेलवे विजिलेंस से की थी। शनिवार को विजिलेंस टीम के सदस्य ट्रेन ड्राइवर बनकर रेलवे हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने एक्स-रे टेक्नीशियन रमेश चंद्र से बात की। उसने बताया कि दो हजार में फिट का प्रमाण पत्र बनवा देंगे। इस पर विजिलेंस टीम ने उसे दो हजार रुपए दिए और फिर रंगे हाथों पकड़ लिया। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ विजय कुमार ने बताया कि उस कर्मचारी को सस्पेंड करके जांच की जाएगी। जांच में अगर और लोगों की भी संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.