फेस शील्ड, गॉगल्स और मोबाइल से फैल रहा कोरोना का केस

Updated Date: Thu, 27 Aug 2020 09:28 AM (IST)

- गोरखपुर में सात हजार से ऊपर हो चुके हैं केस, जांच में आया नया मामला

- संक्रमण से बचने के लिए सीएमओ की तरफ से जारी है अवेयरनेस कैम्पेन

GORAKHPUR: अगर आपने फेस शील्ड या फिर मोबाइल का डेली यूज करते हैं तो आप सावधान हो जाइए। क्योंकि कोरोना संक्रमण के इस दौर में एक्सपर्ट का दावा है कि मोबाइल, पर्स, फेस शील्ड, बेल्ट आदि के इस्तेमाल को सही ढंग से करना है कोरोना जैसे संक्रमण से बचाव हो सकता है। खासतौर से उन चीजों से बचना होगा जिसे हम अपने रेगुलर इस्तेमाल करते हैं और टच करते हैं। इसके अलावा पब्लिक प्लेसेज पर ऐसी चीजों को बार-बार न टच करें जिससे की संक्रमण का खतरा बढ़े। एक्सपर्ट्स की माने तो जितने भी गोरखपुर में केसेज बढ़े हैं। उनमें से ज्यादातर संक्रमित लोगों ने फेसशील्ड, चश्मा, हेलमेट, पर्स और मोबाइल के इस्तेमाल के दौरान सावधानी नहीं बरती हैं। जिसकी वजह से संक्रमण के शिकार हुए। इसलिए सावधानी के साथ सैनेटाइजर का इस्तेमाल करना होगा।

बचाव के लिए जरूरी है नियमों का पालन करना

बता दें, गोरखपुर में सात से अधिक केसेज हो चुके हैं। एडिशनल सीएमओ डॉ। नीरज कुमार पांडेय बताते हैं कि पब्लिक प्लेसेज पर जाते हैं और वहां दरवाजे की कुंडी, मेज, कुर्सी, फर्श, हैंडिल, सीढ़ी की रेलिंग, छत की रेलिंग जैसी जगहों को लोग सबसे ज्यादा छूते हैं, उनकी नियमित सफाई होनी चाहिए। इसके लिए हॉस्पिटल में बहुत अलर्ट रहने की जरूरत है। क्योंकि कोरोना संक्रमण का खतरा तब नहीं होता है जब सोडियम हाइपोक्लोराइज साल्यूशन का पानी के साथ घोल बना कर किया जाता है। सभी सरकारी व निजी हॉस्पिटल में इस काम पर खासतौर से जोर है और सुबह-सवेरे नियमित सैनिटाइजेशन का निर्देश है। भीड़भाड़ वाले प्रत्येक प्रतिष्ठान में नियमित सेनेटाइजेशन का काम होते रहना चाहिए। तभी इससे बचा जा सकता है।

घर के कुंडी को छूने से पहले ध्यान दें

वहीं गगहा ब्लॉक के ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम)अशोक पांडेय बताते हैं कि आशा कार्यकर्ता इस समय क्षेत्र में कोरोना से बचाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनके पर्यवेक्षण के सिलसिले में जब भी बाहर जाना होता है, कोरोना से बचने के नियमों का पालन करते हुए उन्हें अवेयर करते हैं। समुदाय में जाने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को हैंडकैप, हैंडग्लब्स, मॉस्क, फेसशील्ड लगाना अनिवार्य है और फेसशील्ड छोड़ कर बाकी चीजें दोबारा इस्तेमाल नहीं करनी है। सभी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश है कि किसी के घर की कुंडी, दरवाजा या अन्य सतह को बिल्कुल न छुएं।

क्या कहते हैं जिला क्वालिटी कंसल्टेंट डॉ। मुस्तफा खान

- अगर काफी भीड़भाड़ में काम करते हैं तो फेसशील्ड अवश्य इस्तेमाल करें।

- फेसशील्ड को इस्तेमाल के बाद सैनिटाइज करना आवश्यक है।

- मोबाइल, चश्मे, हेलमेट या पर्स का सैनिटाइजन करने के लिए रूई में सैनिटाइजर का हल्का घोल मिला कर हल्के हाथों से सैनिटाइज कर सकते हैं।

- समय-समय पर मोबाइल को कुछ देर के लिए तेज धूप में रख सकते हैं।

- मोबाइल पर गाढ़ा सैनिटाइजर डालने से डिस्प्ले खराब होने का खतरा रहता है।

- बाइक से चलने वालों के लिए हेलमेट एक अच्छे फेसशील्ड का काम करता है लेकिन इस्तेमाल के बाद इसका संक्रमण भी आवश्यक है।

वर्जन

पब्लिक प्लेस हो या फिर ऑफिस से जब भी घर आएं तो आप अपने फेस शील्ड, हेलमेट, मोबाइल, बेल्ट, बाइक के हैंडल को सेनेटाइज कर लें। ताकि कोरोना संक्रमण से बचा सके।

डॉ। श्रीकांत तिवारी, सीएमओ

Posted By: Inextlive
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