कई जगहों पर सीबीएसई स्कूल से पास आउट स्टूडेंट्स को एकेडमिक सर्टिफिकेट के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हायर एजुकेशन के लिए 12 वीं पास कर जिस कॉलेज में स्टूडेंट्स जा रहा है वहां नामांकन से लगाए अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने में परेशान हो रहा है. यूनिविर्सिटीज की ओर से छात्रों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट समेत अन्य डॉक्यूमेंट की पेपर प्रिटेंड कॉपी जमा करने का निर्देश दिया जा रहा है. इस कारण स्टूडेंट्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.


गोरखपुर (ब्यूरो).इसकी शिकायत छात्र-छात्राओं के द्वारा सीबीएसई के पास दर्ज कराई गई है। बोर्ड ने इस पर कहा है कि जल्द ही छात्र-छात्राओं को उनके एकेडमिक डॉक्यूमेंट की मुद्रित कॉपी अवेलबल कराई जाएगी। बोर्ड ने यह भी क्लियर किया है कि डिजिटल हस्ताक्षर के साथ डिजीलॉकर में अवेलबल दस्तावेज मार्कशीट सह उत्तीर्ण प्रमाण पत्र और माइग्रेन भी कानूनी रूप से वैध है। सभी प्रक्रियाओं में करें स्वीकारसभी उच्च शिक्षण संस्थानों को नामांकन, काउंसिलिंग समेत अन्य प्रक्रियाओं में इसे स्वीकार किया जाना चाहिए। सूत्रों की मानें तो बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने यूजीसी के सचिव को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने अनुरोध किया है कि सीबीएसई की ओर से डिजीलॉकर में अवेलबल कराए गए क्यूआर कोड और डिजिटल हस्ताक्षर के साथ डिजिटल कॉपी को स्वीकार किए जाने संबंधी आदेश उच्च शिक्षण संस्थानों को जारी किया जाए।डिजीलॉकर में है अंकपत्र और रिजल्ट
बोर्ड की और से 12 वीं का परीक्षा परिणाम जारी होने के साथ ही छात्र छात्राओं के अंकपत्र, उतीर्णता प्रमाण पत्र और प्रवास प्रमाण पत्र को उनके डिजीलॉकर में अवेलबल करााया गया है। इसके लिए हर स्टूडेंट्स को लॉगइन और पासवर्ड बनाया गया है। इसी आधार पर वे अपना खाता एक्सेस कर सकते हैं।

Posted By: Inextlive