नए पीएचडी ऑर्डिनेंस अयोध्या स्टडी सेंटर समेत दूसरे कोर्सेज पर विद्या परिषद की मुहर. डीडीयूजीयू में बुधवार को संवाद भवन में विद्या परिषद की बैठक वीसी प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई. इसमें विभिन्न महत्वपूर्ण विषय को विद्या परिषद ने अपनी संस्तुति प्रदान की.


गोरखपुर (ब्यूरो)। इन विषयों को एक फरवरी को आयोजित कार्य परिषद की बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। विद्या परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए वीसी प्रो। पूनम टंडन ने कहा कि यह बैठक न केवल यूनिवर्सिटी बल्कि सम्बद्ध महाविद्यालयों के 2.5 लाख स्टूडेंट्स के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। सम सेमेस्टर के एग्जाम शुरू


हमारा फोकस समय से परीक्षा कराना और परिणाम घोषित करना है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रदेश का पहला यूनिवर्सिटी जहां 10 जनवरी से सम सेमेस्टर में परास्नातक की कक्षाएं आरंभ हो गई हैं। बैठक में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े विद्या परिषद के सदस्यों लखनऊ यूनिवर्सिटी की आचार्य एवं यूनिवर्सिटी की लोकायुक्त प्रो। निरूपमा अग्रवाल, मेरठ यूनिवर्सिटी के प्रो। अनुज कुमार, एमएस यूनिवर्सिटी बड़ोदा के प्रो। प्रफुल्ल झा तथा प्राचार्य बीआरडी पीजी कॉलेज सहित पहली बार सद्स्य रूप में शामिल शिक्षाविदों को वीसी ने बधाई दी। बैठक में विद्या परिषद द्वारा यूजीसी द्वारा निर्गत नई शिक्षा नीति के आलोक में नवीनतम पीएचडी उपाधि प्रदान करने के लिए मानदंड एवं प्रक्रिया विनिमय 2022 की संस्तुतियों को स्वीकृति प्रदान की गई।शोध करने दी जाएगी सहूलियत

वीसी ने कहा कि यूजीसी के 2022 रेगुलेशन को अपनाया गया है। यूनिवर्सिटी तथा महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के पीएचडी के मामले में वीसी ने कहा कि विभागों द्वारा शिक्षकों का टाइम टेबल अनुकूलित कर उन्हें शोध करने की सहूलियत देनी चाहिए। विद्या परिषद के समस्त सदस्यों ने इस निर्णय का करतल ध्वनि से स्वागत किया। यूनिवर्सिटी ने इस संदर्भ में एक समिति भी गठित की है, जिसकी तीन बैठक आयोजित की जा चुकी हैं। विद्या परिषद ने युगल उपाधि, संयुक्त उपाधि तथा दोहरी उपाधि कार्यक्रमों की पेशकश के संदर्भ में भारतीय और विदेशी उच्चतर शिक्षा संस्थानों के बीच शैक्षिक सहयोग के संबंध में बनाई गई नीति को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही 04 वर्षीय स्नातक प्रोग्राम के लिए यूजीसी द्वारा तैयार क्रेडिट ढांचे (फ्रेमवर्क) के अंतर्गत गोरखपुर यूनिवर्सिटी के स्नातक प्रोग्राम के क्रेडिट फ्रेमवर्क को स्वीकृति दी गई।यूनिवर्सिटी में स्थापित होगा डिस्टेंस एजुकेशन सेंटरयूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर ऑनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन स्थापित होगा। जिसके लिए बुधवार को आयोजित विद्या परिषद ने अपनी अनुशंसा प्रदान कर दी है। वीसी ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी का एक महत्वपूर्ण केंद्र होगा। हम यूजीसी की कैटगरी एक यूनिवर्सिटी की श्रेणी में आने के लिए प्रयासरत है, जिससे हमे कई सारी स्वयतत्ता मिल जाएगी। बैठक में यूनिवर्सिटी में भारतीय ज्ञान परंपरा अध्ययन केंद्र तथा भारतीय भाषा संवर्धन केंद्र स्थापित करने पर भी सहमति बनी।अयोध्या अध्ययन केंद्र पर विद्या परिषद की मुहर

प्राचीन इतिहास एवं मध्यकालीन इतिहास विभाग के अंतर्गत अयोध्या अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाने पर संस्तुति प्रदान की गई। बैठक में विद्या परिषद के सदस्यों को इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संकाय के अन्तर्गत इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी स्थापित करने के संदर्भ में कार्य परिषद की आकस्मिक बैठक में लिए गए निर्णय से अवगत कराया गया तथा यूनिवर्सिटी परिनियमावली के अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में पांच विभागों को संचालित किए जाने पर विचार किया गया। विद्या परिषद की इस बैठक में उपक्रम द्वारा प्राप्त निर्देश के क्रम में रैंकिंग सेल के गठन को भी संस्तुति प्रदान की गई। यह सेल यूनिवर्सिटी को विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग संस्थाओं द्वारा आयोजित रैंकिंग स्पर्धा में प्रतिभाग करने की तैयारी के लिए गठित किया जा रहा है। यूजीसी अध्यादेश में दिए गए प्रावधान एवं उसके अपबंधों के अंतर्गत कृषि संकाय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विभागों की पाठ्यक्रम समिति में शिक्षाविदों को शामिल किए जाने के संदर्भ में अनुमोदन प्रदान किया गया। साथ ही कृषि संकाय परिषद की बैठक की विभिन्न संस्तुतियों को भी सहमति प्रदान की गई।

Posted By: Inextlive