गोरखनाथ एरिया के अजय कुमार कुछ दिन पहले अपने परिवार के साथ बाइक से गोलघर जा रहे थे. गोलघर पहुंचने पर सड़क पर खड़ी कार के सवार ने अचानक डोर खोल दिया.


गोरखपुर (ब्यूरो)। उन्होंने अचानक बाइक का ब्रेक लगाया लेकिन इसके बाद भी कार से टकराकर सड़क पर गिर गए। गनीमत तो यह रहा कि पीछे या आगे से कोई वाहन नहीं आ रहा था। हादसे में वह और उनका परिवार घायल हो गया। आसपास के लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचे। इस दौरान वहां जुटी पब्लिक ने कार सवार को बिना आगे पीछे देख अचानक कार का दरवाजा खोलने पर खूब फटकार लगाई। केस दो


रुस्तमपुर के दिनेश पांडेय बीते दिनों अपनी बाइक से बैंक रोड पर ऑफिस जा रहे थे। ऑफिस पहुंचने में देरी न हो इसलिए उन्होंने बाइक की रफ्तार भी थोड़ी तेज कर दी थी। अभी वह टाउनहाल से आगे बढ़े थे तभी आगे चल रहे कार सवार ने अचानक से पान थूकने के लिए दरवाजा खोल दिया। जब तक वह संभलते उनकी बाइक दरवाजे से टकरा गई और उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस दौरान जुटी भीड़ ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें अस्पताल ले गए। पुलिस ने कार सवार को इस तरह लापरवाहीपूर्वक दरवाजा खोलने पर फटकारा।

ये केस तो बानगी भर हैं। सिटी में इस तरह के कई मामले हैं, साथ ही आए दिन हो भी रहे हैं। कार व लग्जरी गाडिय़ों के चालक के अचानक दरवाजे खोलना लापरवाही तो दर्शाता ही है, साथ ही ट्रैफिक रूल्स का भी उल्लंघन करता है। इस तरह के मामले में भी वही कार्रवाई होगी जो हादसे के अन्य मामले में है। हालांकि इसे असावधानी बताते हुए अधिकांश लोग माफी मांगते हुए बचने की कोशिश करते हैं। डीडीयूजीयू के लॉ डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रो। डॉ। अभय चंद मल्ल ने बताया कि यह असावधानी में किया गया बर्ताव है लेकिन इन मामलों में भी सख्त कार्रवाई का ही प्रावधान है। बिना आगे-पीछे देखे खोल देते हैं डोर सिटी में अक्सर देखने को मिल जाएगा कि चार पहिया वाहन सवार जल्दबाजी में डोर खोल देते हैं। वह यह भी नहीं देखते हुए आगे या फिर पीछे से कोई आ रहा होगा। कई बार कोई नहीं आता है इसकी आदत से पड़ जाती है कि पीछे या आगे से आने वाला वाहन सवार अपनी गति धीमी कर लेगा या फिर वह दूसरी तरफ से निकल जाएगा। कुछ इसी तरह की मानसिकता बड़े हादसे को अंजाम दे देती है। बच्चे करते हैं अक्सर गलती

कार में सवार बच्चे अक्सर दरवाजा कभी भी खोलने की गलती करते हैं। ऐसे में कार में सवार परिवार को उन्हें अवेयर करना चाहिए ताकि हादसे से बचा जा सके। संभव हो तो डोर को लॉक रखें ताकि कोई बच्चा उसे खोल न सके। हादसे के बाद रखें ध्यान चोट लगने पर सबसे पहले चिकित्सीय सहायता लेंदुर्घटना स्थल की तस्वीरें लें, जिसमें चोट, वाहन की स्थिति, संभावित क्षति शामिल होपुलिस को कॉल करें, एफआईआर दर्ज कराएं।ये करें काम कहीं भी डोर खोलने की आदत में बदलाव लाएं बच्चों को दरवाजा खोलने पर पाबंदी लगाएंकार को लॉक रखें, जरूरी होने पर ही अनलॉक करें सड़क के किनारे कार खड़ी करने की आदत डालें आगे और पीछे देखने के बाद ही दरवाजा खोलें ट्रैफिक पुलिस लोगों को हर रुल्स के लिए अवेयर कर रही है। कहीं और कभी भी कार के डोर खोलने की आदत लोगों को बदलनी होगी तभी इस तरह के हादसे पर रोक लग सकेगी।संजय कुमार, एसपी ट्रैफिक

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