कोविड पीरियड के बाद बच्चे जरूर पढ़ाई में थोड़ा पीछे हो गए लेकिन इस पीरियड ने पढ़ाई को हाइटेक बना दिया. एक तरफ हर स्कूल ने अपना ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मजबूत किया जिससे किसी भी आपदा में स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित ना होकर जारी रहे.


गोरखपुर (ब्यूरो)।दूसरी तरफ एप बेस्ड एजुकेशन पर भी स्कूल फोकस कर रहा है। स्कूल अब ऐसा एप डेवलप कर रहे हैं, जहां पर बच्चों के सिलेबस से रिलेटेड कंटेंट अपलोड किए जा सकें। बच्चे उन मोबाइल एप को डाउनलोड कर एप से स्टूडेंट्स को फायदास्कूल प्रबंधन की मानें तो हर स्थिति में पढ़ाई जारी रखने के लिए एप एक अच्छा जरिया हो सकता है। एप के जरिए इंटरनेट का भी यूज कम होगा। वहीं, एक एप डाउनलोड करने पर स्टूडेंट्स को एक ही जगह उसके सिलेबस रिलेटेड कंटेंट और किताबें भी अवेलबल रहती हैं। इससे स्टूडेंट्स कहीं भी रहकर अपनी पढ़ाई या एग्जाम की तैयारी कर सकता है। स्कूल ने बच्चों के लिए बनाया एप


आरपीएम एकेडमी ने नर्सरी से क्लास 3 के बच्चों के लिए स्कूल के ही नाम से एक एप तैयार किया है। इस एप में बच्चों की सिलेबस की किताबें और कंटेंट अवेलबल हैं, जिससे बच्चे घर पर पढ़ाई भी कर रहे हैं। सीबीएसई ने भी दी एप फैसिलिटी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने स्टूडेंट्स के लिए कई एप जारी किए हैं, जिसकी मदद से स्टूडेंट्स को पढ़ाई करना आसान हो गया है। एप में एक्सपर्ट के वीडियो और कंटेंट अवेलबल हैं। जिसका स्टूडेंट्स को फायदा भी मिल रहा है।

सीबीएसई के एपदीक्षा एपदीक्षा लर्निंगई शिक्षास्वयम एप ई पाठशालागवर्नमेंट स्कूलों में भी एपगोरखपुर के परिषदीय स्कूलों में भी प्रेरणा एप यूज किया जाता है। इस एप पर बच्चों को विवरण तो रहता ही है। साथ ही एप में बच्चों के लिए वीडियों कंटेंट और किताबें भी अवेलबल हैं। जिसे बच्चे इंट्रेस्ट लेकर देखते और पढ़ते हैं। इसके अलावा यू टयूब पर भी बच्चों के लिए कंटेंट अवेलबल हैं। अभी नर्सरी से क्लास 3 के लिए एप डेवलप किया गया है। इस एप में बच्चों के सिलेबस के कंटेंट और वीडियो अवेलबल हैं। प्रयोग सफल हुआ तो बाकी क्लासेज के लिए भी एप तैयार किया जाएगा।अजय शाही, डायरेक्टर, आरपीएम एकेडमीकोविड काल के बाद से ही स्कूल हर तरह की पढ़ाई के लिए तैयार है। स्कूल में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। साथ ही एप भी डेवलप किए जा रहे हैं, जहां पर बच्चे पढ़ाई कर सकें। अमरीश चन्द्रा, एग्जिक्यूटिव प्रिंसिपल, सेंट पॉल्स स्कूल अब हाइटेक एजुकेशन की तरफ स्कूल आगे बढ़ रहा है। स्टूडेंट्स की किसी भी आपदा में पढ़ाई जारी रखी जाए। इसके लिए हर तैयारी स्कूल में है। अब एप भी डेवलप किए जा रहे हैं।

अर्जुन वैभव श्रीवास्तव, स्प्रिंगर पब्लिक स्कूल, डायरेक्टरऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्कूल इधर चल रहा था। अब फिर से स्कूल खुल गए हैं। वर्तमान के चैलेंजेस को देखते हुए स्कूल डिजिटल मजबूत किया जा रहा है। एप की इसमे महत्वपूर्ण भूमिका होगी।हेमंत मिश्रा, डायरेक्टर, एबीसी पब्लिक स्कूलकोविड से ही स्कूल में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया गया है। टीचर्स अपनी-अपनी क्लासेज का वाट्सएप ग्रुप बनाए हुए हैं। एक एप भी डेवलप किया जा रहा है जिसमे सभी कंटेंट रहेंगे। राजीव गुप्ता, डायरेक्टर, स्टेपिंग स्टोन इंटर कॉलेज

Posted By: Inextlive