बरगदवा की रहने वाली आरती देवी अपने बच्चे का पहला वैक्सीनेशन कराया. इसके बदले एक कार्ड भी मिला. वह दिल्ली चली गई. वैक्सीन की सेकेंड डोज लगवाने के लिए जब वह सेंटर पर पहुंच तो पता चला कि पोर्टल पर डिटेल्स शो नहीं कर रहा है.


गोरखपुर (ब्यूरो)। नेशनल वैक्सीनेशन डे स्पेशल - आज भी वैक्सीनेशन के लिए दौड़ रहे लोग बाहर जाने पर आ रही दिक्कत

इसलिए जिस हेल्थ सेंटर पर वैक्सीन लगा है। वहां जाकर सेकेंड डोल लगवाएं। इस बात को लेकर वह काफी परेशान हुई और बच्चें का वैक्सीन लगवाने के लिए इधर-उधर भटकती रही। बाद में उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल का सहारा लेना पड़ा तक जाकर वैक्सीन लग पाया। यह एक ही मामला नहीं है। इस तरह के कई मामले में है, जहां वैक्सीन लगवाने के लिए भटकना पड़ रहा है।


हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से यूविन पोर्टल वैक्सीन की ऑनलाइन फीडिंग शुरू की गई। इस पोर्टल से जिले के करीब 42 सरकारी अस्पतालों को जोड़ जा चुका है। नियमत पोर्टल में वैक्सीनेशन की डिटेल्स अपलोड होने के बाद गर्भवती और बच्चों को किसी भी जिले या प्रदेश में वैक्सीनेशन किया जा सकता है लेकिन तमाम दावें के बाद आज भी मुंबई, दिल्ली और अन्य प्रदेश में जाने वाले लोगों को वैक्सीनेशन के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। पोर्टल का सर्वर डाउन

इन दिनों यूनिव-कोविन पोर्टल का सर्वर झटका दे रहा हैं। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पोर्टल पर डिटेल्स नहीं आने के चलते वैक्सीनेशन को लेकर गर्भवती और बच्चों के पैरेंट्स भी परेशान हो रहे हैं। एएनएम को मिली है जिम्मेदारी जिले के सभी सिटी के सेंटर और ब्लाक की एएनएम के द्वारा यूविन पोर्टल पर अपने-अपने एरिया के वैक्सीनेशन की ऑनलाइन फीडिंग को शुरू किया है। हेल्थ डिपार्टमेंट के पास मौजूद वैक्सीन वैक्सीन डोज पोलियो 18800 डीपीटी 1080बीसीजी 5700टीडी 6100आईपीवी 16350जी 12355पेंटा 13180हेपेटाइटिस 7500रोटा 12800

एमआर 15600पीसीवी 11610 यूविन पोर्टल से करीब जिले के 42 सरकारी अस्पताल जुड़े हैं। इन सेंटर पर प्रॉपर वैक्सीनेशन होता है। साथ ही पोर्टल पर भी डिटेल्स अपलोड की जाती है। कोल्ड चेन में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है। डॉ। एनके कुशवाहा, एसीएमओ

Posted By: Inextlive