रात में सड़कों पर चलना तो खतरे से खाली नहीं है वहीं दिन में कई बार हाईवे और रोड किनारे खड़ी गाडिय़ां दुर्घटना को दावत दे रही हैं.


गोरखपुर (ब्यूरो)।हाइवे पर चलने वाले माल भरे हुए ट्रक, ट्रेलर और अन्य वाहन ड्राइवर की लापरवाही से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। केस नं 1 - यूपी 38 टी 5253 नंबर का ट्रक ट्रांसपोर्ट के पास खड़ा था। यह लखनऊ से गोरखपुर आने का मुख्य रास्ता है जो खतरनाक साबित हो सकता है। केस नं 2 - यूपी 53 डीटी 7117 नंबर का बस ट्रांसपोर्ट नगर रोड के पास खड़ी नजर आई। यह बस भी हाईवे वाली रोड पे ही खड़ी है जो कि वहां हाईवे से जाने वाले लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। केस नं। 3- डीएल 1 एलडब्ल्यू 6300 नाम का ट्रक रोड पे खड़ा था। यह भी रास्ते में ही खड़ा हुआ था। इधर से गुजरने वाले राहगीर भी इससे बचकर निकलते नजर आए।
यह केस तो एग्जामपल भर हैं। ऐसे ही शहर के मुख्य सड़कों और नेशनल हाईवे पर सफर का जोखिम खत्म ही नहीं हो पा रहा है। टीपीनगर, नौसड़, कालेसर, दाना-पानी, बरगदवा, मोतीराम अड्डा आदि सड़कों के दोनों ओर वाहन खड़े नजर आते हैं और यही हादसे की वजह बन रहे हैं। शनिवार को दैनिक जागरण आईनेक्स्ट टीम ने जब टीपी नगर रोड का रियलिटी चेक किया तो वहां रास्ते में कई गाडिय़ां खड़ी नजर आईं।


ओवरलोडिंग भी बनी मुसीबत

हादसों की बड़ी वजह में ओवरलोडिंग गाडिय़ां सबसे ऊपर हैं। तय मानक से ज्यादा सामान भरकर यह गाडिय़ां सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं, जिसकी वजह से कई बार ड्राइवर को अंदाज नहीं होता और इसकी वजह से हादसे हो जा रहे हैं। ट्रक के लोहे के सरिए, गार्डन आदि जो लोडिंग की लंबाई में न आते हुए पीछे निकलते हुए रहते हैं, यह भी हादसों का कारण बनते हैं। पीछे से आ रहे वाहन कभी भी इन सरियों या लोहे के गार्डर से टकरा सकते हैं, इसलिए हाइवे पुलिस, ट्रैफिक पुलिस व आरटीओ को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर जिम्मेदार सिर्फ दो-चार चालान कर कोरम पूरा कर देते हैं। लग जाता है ट्रकों का रेला बरगदवा, मोतीराम अड्डा और सहजनवां एरिया में आए दिन सड़क किनारे ट्रकों को रेला लगा रहता है। आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं। लेकिन जिम्मेदार इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं। यहीं हाल कालेसर, टीपीनगर, नौसड़, बरगदवा आदि मार्गो का भी है। हाइवे के हादसे -
- नवंबर 2022 में गुलरिहा एरिया के झुंगिया के पास तेज रफ्तार बाइक सवार अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से घुस गया। हादसे में दो की मौत हो गई। जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया।-अक्टूबर 2020 खोराबार एरिया के रामनगर कडज़हां में फोरलेन पर खड़ी ट्रक में तेज रफ्तार कार पीछे से घुस गई। हादसे में कार सवार युवक-युवती की मौत हो गई।-अगस्त 2021 खोराबार एरिया के जगदीशपुर से बाघागाड़ा की ओर जाने वाली लेन देर रात दो ट्रकों में टक्कर से दो की मौत हो गई। -7 अक्टूबर 2022 को गीडा एरिया के कालेसर के पास शादी समारोह से लौट रहे बाइक सवार खड़ी ट्रेलर में घुस गया था, हादसे में युवक की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह बरतें सावधानियां --अगर आप हाइवे पर कार ड्राइव कर रहे है तो सबसे यह समझना जरूरी है कि आप कितनी दूर तक देख पा रहे हैं। अपनी गाड़ी के लाइट और आपके देखने की क्षमता को ध्यान में रखकर स्पीड को नियंत्रण करें, इस स्पीड से अधिक न जाएं
-कार को डिवाइडर और सड़क किनारे मार्किंग के पास बिल्कुल भी न चालते हुए सड़क के दोनों ओर की मार्किंग को डिवाइडर करने वाली मार्किंग लाइन से सटाकर चलाएं, इससे पीछे से आने वाले वाहन से भी बचाव होता है। साथ ही आगे सड़क किनारे कोई खराब ट,क या अन्य वाहन खड़ा है तो उससे भी भिड़ंत होने से बचते हैं। -सड़क या चार पहिया वाहन चलाते समय पार्किंग लाइट ऑन रखे, यह लगातार ब्लिंक करते हैं। इससे पीछे या सामने से आ रहे वाहनों को अपने वाहन की स्थिति का पता चल जाता है।-दो पहिया वाहनों में भी इंडीकेटर व पार्किंग लाइट जलाकर चलें। हाइवे और मुख्य मार्गो के किनारे खड़े ट्रकों और अन्य वाहनों की चेकिंग की जाती है। साथ ही कार्रवाई भी होती है लेकिन वह अपनी आदत से बाज नहीं आते। जल्द ही हाइवे पर ऐसे ड्राइवर्स पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए रणनीति तैयार कर ली गई है। वीके सिंह, आरटीओ प्रवर्तन

Posted By: Inextlive