सराफा मार्केट हिंदी बाजार... यहां मिलने वाली ज्वेलरी को पूर्वांचल की बिंदी माना जाता है. जानकारों की मानें तो यह मंडी मुगलों के समय से है. हिन्दी बाजार में पहले सोने के कारोबारी आते थे तो उन्हें बसंत सराय में ठहराया जाता था.


गोरखपुर (ब्यूरो)। गोरखपुर की डिजाइन की गई ज्वेलरी पूरे पूर्वांचल ही नहीं यूपी और पश्चिमी बिहार तक पसंद की जाती है। सराफा मंडल के पदाधिकारियों की मानें तो यहां डेली लाखों कस्टमर्स का आवागमन होता रहा है। इस समय पितृपक्ष चल रहा है। थोड़ा कस्टमर्स में कमी आई है। इस सराफा मंडी में 95 परसेंट तक सोने-चांदी की दुकानें है और 5 प्रतिशत अन्य। वहीं, अलीनगर किसी से कम नहीं है। वह भी ज्वेलरी के लिए मशहूर है। नए ज्वेलरी मार्केट के तौर पर गोलघर स्थित पार्क रोड उभरा है। यहां पर कई ब्रांडेड शोरूम हैं। राजकोट, मुंबई और कोलकाता से आता मालसराफा कारोबारियों के अनुसार गोरखपुर में राजकोट, अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली और कोलकाता से माल आता है। गोरखपुर से संतकबीर नगर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, आजमगढ़, बलिया, पडऱौना आदि जिलों में माल जाता है।सोने-चांदी का रेट गिरा


पितृपक्ष चल रहा है। इस समय सोने-चांदी के रेट गिरे हैं। देखा जाए तो एक साल के अंदर करीब 7 हजार की गिरावट देखी गई है। सोने का भाव 65 हजार पार कर गया था, लेकिन अब 58 हजार पर आ गया है। इसके चलते बुकिंग हो रही है और फेस्टिव सीजन में डिलीवरी लेंगे। लाइट वेट ज्वेलरी की डिमांड

सराफा कारोबारियों के अनुसार लाइट वेट ज्वेलरी गोरखपुर के लोगों को काफी पसंद आ रही है। सोने की रिंग, नेक्लेस, साउथ इंडियन ज्वेलरी, मारवाड़ी आदि डिजाइन की डिमांड अधिक है। साथ ही डायमंड ज्वेलरी की मांग है, जिसको देखते हुए मार्केट में नए कलेक्शन आ गए है। शक्रवार को सोने-चांदी के रेट24 कैरेट 58,000 प्रति 10 ग्राम22 कैरेट 53,00018 कैरेट 43,000चांदी 67,000 प्रति किग्रोफैक्ट एंड फीगर 1500 रजिस्टर्ड दुकानें500 अन रजिस्टर्ड दुकानें75 दुकानें बीआईएस मानक पर चल रही हंै3 हॉलमार्किंग सेंटरहोता है करोड़ों का कारोबारहिन्दी बाजार, गोलघर, अलीनगर, असूरन और रुस्तमपुर मिला लिया जाए तो 3 से 5 करोड़ का कारोबार होता है। 1.5 करोड परडे का कारोबार सिर्फ सराफा मार्केट में होता है। यही फेस्टिवल सीजन में बढ़कर दोगुना हो जाता है। एक माह में देखा जाए तो 100 करोड़ से अधिक का कारोबार होता है।हिन्दी बाजार से पूरे पूर्वांचल में ट्रेडिंग होती है। यहां की डिजाइन की हुई ज्वेलरी बिहार और नेपाल बार्डर जाती है। हॉलमार्किंग ज्वेलरी बिकती है।गणेश वर्मा, अध्यक्ष, सराफा मंडलपितृपक्ष के चलते कस्टमर्स की संख्या थोड़ा कमी आई है, लेकिन बुकिंग तेज है। रेट भी सोने-चांदी के गिरे हुए हैं।

संजय अग्रवाल, परंपरा जेम्स एंड ज्वेलर्समार्केट अच्छा चल रहा है। पितृपक्ष में वैसे भी नए काम नहीं लोग करते है। कस्टमर्स आते हैं। बुकिंग करा कर चले जाते हैं। नए कलेक्शन आ गए हैं।सुधीर जैन, ऋषभ चंद सुधीर कुमारसोने का रेट गिरा है। इसका फायदा कस्टमर्स को उठाना चाहिए। कई कस्टमर्स उठा भी रहे हैं। पितृपक्ष में मार्केट डाउन है।नीरज सराफ, अलंकर ज्वेलर्स

Posted By: Inextlive