शुक्र है इस बार न तो बाढ़ आई न सूखा पड़ा और ना ही बादल फटने के साथ अग्निकांड जैसी कोई दैवी आपदा हुई. यह हम नहीं बल्कि जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण की तरफ से आए आंकड़े बयां कर रहे हैैं.


गोरखपुर (ब्यूरो)। पिछले तीन साल से इन दैवी आपदा गोरखपुर में नहीं आई है। राज्य सरकार द्वारा घोषित आपदाओं में सबसे ज्यादा डूबकर हुई दुर्घटना की रिपोर्ट जो सामने आई है। वह भी कम हुई है। इस वर्ष 203-24 में महज 22 वयस्क-बच्चों की डूबकर मौत हुई है। जबकि पिछले वर्ष 65 लोगों की डूबकर मौत हो गई थी। वहीं आकाशीय बिजली गिरने और बेमौसम भारी वर्षा की चपेट में 1-1 व्यक्ति आए हैैं। परिजनों को मुआवजा जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया कि जिले स्तर प्राप्त विवरण में मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपए मृतक के दर से भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल के मुकाबले इस बार विभिन्न आपदाओं से हुए जनहानि बेहद कम हुई है। हमारी कोशिश भी होती है कि लोगों को जागरूक रखा जाए और जनहानि कम से कम हो।


दैवी आपदा के प्रकार - 2021-22 - 2022-23 - 2023-24 बाढ़ - 00 - 00 - 00 सूखा - 00 - 00 - 00 ओलावृष्टि - 00 - 00 -00 चक्रवात - 00 - 00 - 00 अग्निकांड - 01 - 01 - 00शीतलहरी - 00 - 00 - 00बादल फटना - 00 - 00 - 00

अन्य - 00 - 00 - 00

राज्य सरकार द्वारा घोषित - 00 - 00 - 00आंधी तूफान से - 00 - 00 - 00आकाशीय विद्युत - 05 - 08 - 01बेमौसम भारी वर्षा - 04 - 01 - 01लू-प्रकोप - 00 - 00 - 00सर्पदंश - 19 - 05 - 00नाव दुर्घटना - 00 - 00 - 00सीवर सफाई एवं गैस रिसाव - 00 - 00 - 00बोरवेल - 00 - 03 - 00मानव वन्य जीव द्वंद - 00 - 03 - 00डूबने से हुई दुर्घटना - 58 - 47 - 20 कुल 87 - 65 - 22 दैवी आपदा नहीं है। लेकिन जो विभिन्न प्रकार की आपदाएं आईं, उनसे हुई मृत्यु के बाद उनके परिजनों को आर्थिक मदद की राशि दे दी गई है। इस वर्ष आपदाएं बेहद कम रही। यह राहत की बात है।विनीत कुमार सिंह, एडीएम एफआर

Posted By: Inextlive