बीते दिनों उड़ीसा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना के बाद से सफर करने वाले मुसाफिर सजग होते हुए दिखाई दे रहे हैैं. यही वजह है कि अब हर यात्री भी अपनी जर्नी को सुरक्षित करने के लिए खुद को इंश्योर कर अपनी यात्रा प्रारंभ करना चाहता है.


गोरखपुर (ब्यूरो)।दरअसल, ट्रेन में सफर करने वाले यात्री अब इंश्योरेंस को लेकर गंभीर हैं। हर कोई अपने रिजर्वेशन के दौरान इंश्योरेंस वाले ऑप्शन को फुल फिल कर रहा है तो काउंटर टिकट कराने के लिए काउंटर पर बुकिंग क्लर्क से भी इसकी मांग कर रहा है। 10 लाख तक का होता है इंश्योरेंसबता दें, ट्रेन की ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर यात्रियों को 10 लाख रुपए का का इंश्योरेंस मिलता है। जब आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट से ऑनलाइन टिकट की बुकिंग करवाते हैं तो आपको 1 रुपए से भी कम खर्च पर ट्रेन सफर में इंश्योरेंस का ऑप्शन मिलता है। इस इंश्योरेंस को पाने के लिए टिकट बुकिंग के वक्त आपको ऑप्शन चुनना पड़ता है। अगर आप बीमा ऑप्शन को चुनते हैं तभी आप इस इंश्योरेंस को पाने के हकदार बन पाते हैं। जरूरी है इंश्योरेंस


आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करते वक्त अगर आप 0.49 पैसे का इंश्योरेंस विकल्प चुनते हैं तो यात्रा के दौरान आपको 10 लाख तक का कवर मिल जाता है। यदि दुर्भाग्यवश ट्रेन दुर्घटना की शिकार हो जाती है तो इलाज का खर्च और दुर्भाग्य रूप से मृत्यु होने पर आश्रितों को मुआवजे में आर्थिक मदद मिलती है। इस इंश्योरेंस कवर के तहत अगर रेल हादसे में यात्री की मृत्यु हो जाती है या वो स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है तो उसे या उसके परिवार को 10 लाख रुपए तक की बीमा राशि दी जाती है। अगर यात्री आंशिक रूप से विकलांग हो जाता है तो उसे 7.5 लाख रुपए मुआवजे मिलता है। वहीं गंभीर रूप से घायल होने पर यात्री को 2 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाती है। वहीं हादसे में मामूली रूप से घायल होने पर यात्री तो 10 हजार रुपए तक का मुआवजा मिलता है।कैसे पाएं ट्रेन टिकट पर बीमा- आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप के जरिए अगर ट्रेन टिकट बुक करते हैं तो आपको ये विकल्प मिलता है। - ये सुविधा सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलती है।- टिकट बुकिंग करते वक्त सबसे नीचे इंश्योरेंस सलेक्ट करने का विकल्प मौजूद होता है। - उसे टिक करके आप इसे चुन सकते हैं। - भारतीय रेलवे की ओर से यह ट्रैवल इंश्योरेंस एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड और लिबर्टी जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड दे रही है।कैसे करें क्लेम- इस बीमा का क्लेम करने के लिए आपको 4 महीने तक का वक्त मिलता है।

- आपको टिकट के साथ जिस बीमा कंपनी का इंश्योरेंस मिला है आप उस कंपनी के ऑफिस में जाकर बीमा के लिए क्लेम फाइल कर सकते हैं। - यहां एक बात जो सबसे जरूरी है कि बीमा सलेक्ट करने के बाद आपको नॉमिनी का नाम जरूर भरना है। नॉमिनी भरने से क्लेम की प्रक्रिया आसान हो जाती है।आईआरसीटीसी से टिकट कराने पर इंश्योरेंस का ऑप्शन भरना होता है। विंडो टिकट लेने पर ऑलरेडी उसमें इंश्योरेंस का चार्ज जुड़ा रहता है। अलग से कोई चार्ज या ऑप्शन भरने की जरुरत नहीं होती है। पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनई रेलवे इम्पॉर्टेंट फैक्ट - रेलवे इंश्योरेंस विकल्प चुनने पर 10 लाख तक का कवर मिलता है। - रेल हादसे में यात्री की मृत्यु हो जाती है या वो स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है तो उसे या उसके परिवार को 10 लाख की बीमा राशि दी जाती है। - आंशिक रूप से विकलांग होने पर यात्री को 7.5 लाख रुपए मुआवजा मिलता है। गंभीर रूप से घायल होने पर यात्री को 2 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाती है। - हादसे में मामूली रूप से घायल होने पर यात्री तो 10 हजार रुपए तक का मुआवजा मिलता है।

Posted By: Inextlive