आईटीएम गीडा के दो स्टूडेंट्स ने मिलकर ऐसा शूज बनाया है जो ठंड में गर्मी का अहसास कराएगा और बम से भी बचाएगा. दोनों स्टूडेंट्स ने खास तौर से कड़ाके ठंड में बॉर्डर पर ड्यूटी करने वाले जवानों के लिए स्मार्ट शूज बनाया है.


गोरखपुर (अनुराग पांडेय)।दोनों ही स्टूडेंट्स ने आईटीएम कॉलेज में स्मार्ट शूज का प्रदर्शन भी किया है। सैनिक पिता को देखकर आया आइडियाआईटीएम गीडा के बीटेक फस्र्ट ईयर के स्टूडेंट प्रशांत कुमार शर्मा और विनय चौधरी ने स्मार्ट शूज बनाया है। विनय ने बताया कि मेरे पिता संतोष चौधरी आर्मी में हैं। इस समय उनकी डयूटी श्रीनगर में है। पिता की बॉर्डर पर मिलने वाली चुनौतियों को कम करने के लिए ये आइडिया दिमाग में आया। दोनों ने मिलकर किया इनोवेशनआईटीएम से प्रशांत डेटा साइंस से बीटेक और विनय कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रहे हैं। दोनों स्टूडेंट्स ने बताया कि ठंड के समय बॉर्डर पर हमारे देश के जवान दिन रात तैनात होते हैं। उन्होंने बताया, ठंड में बॉर्डर पर हमारे जवानों के पैरों को गरम रखने के साथ जमीन में लगे लैंडमाइंस से सुरक्षित करने के लिए खास शूज तैयार किया है। शूज में लगाया डायनेमो
शूज की खास बात है की इसे बिना बिजली के कई वर्षों तक चार्ज किया जा सकता है। शूूज में 6 वोल्ट का डायनेमो लगा है, जिसके माध्यम से बिना सोलर बिना बिजली के हमारे जवान जूतों में लगे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइज को चार्ज कर सकेंगे। स्मार्ट शूज के अंदर 2 एमएम हिटिंग प्लेट लगी हैं, जिसे जरूरत पडऩे पर जूते में लगे एक बटन की मदद से गर्म किया जाता है। जो बर्फीले बॉर्डर एरिया में तैनात जवानों को राहत देगा। शूज में लगे ये आइटमस्मार्ट आर्मी शूज को बनाने में डायनमो 6 वोल्ट, एंडीकैटर लाइट, ट्रांसमीटर, नॉर्मल आर्मी जूता, हिटर प्लेट, 9 वोल्ट, वाइब्रेशन मोटर, अलार्म आदि का इस्तेमाल किया गया है।रक्षा मंत्री को लिखेंगे पत्रप्रशांत और विनय ने बताया कि कॉलेज की मदद से स्मार्ट शूज का प्रोटोटाइप मॉडल तैयार किया है। जो एक बार फूल चार्ज करने पर 3-4 घंटे तक काम करता है। इस प्रोजेक्ट को कॉलेज के मैकेनिकल विभाग के प्रोफेसर विनीत राय की देख-रेख में तैयार किया गया है। आईटीएम इंजीनियरिंग के डायरेक्टर डॉ। एन के सिंह ने बताया कि दोनों स्टूडेंट्स के इस प्रयास से सभी बहुत खुश हैं। कॉलेज प्रशासन की तरफ से रक्षा मंत्री को पत्र लिखा जा रहा है।

Posted By: Inextlive