एंटी स्नेक वेनम से करेंगे इलाज, घर में निकले स्नेक का नहीं इलाज

Updated Date: Tue, 25 Aug 2020 08:28 AM (IST)

- जल स्तर बढ़ने से सिटी और रूरल एरिया में सर्पदंश के आ रहे केसेज

- मामलों को देखते हुए सीएमओ और एडिशनल सीएमओ ने बनाई टीम

GORAKHPUR:

बरसात का मौसम है। सिटी से लेकर रूरल एरिया तक घर में सांप निकलना और काटने का मामले भी खूब आ रहे हैं। सिटी के जिला अस्पताल पर जहां 100 से ज्यादा मामले पहुंच चुके हैं। वहीं जिला प्रशासन की तरफ से सांप काटने के मामले में गंभीरता के साथ इलाज करने के निदे़़ऱ्श दिए गए हैं। डीएम ने भी सीएमओ और एसआईसी को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे सिटी से लेकर रूरल एरिया तक इस बात का ध्यान दे कि एंटी स्नेक वेनम और एंटी स्नेक की व्यवस्था है भी या नहीं। जबकि डीएम की तरफ से जिला पर 265 एंटी स्नेक वेनम और 16 सीएचसी-पीएचसी पर 523 एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराने की बात कही है।

सिटी व आसपास एरिया में आ रहे सांप काटने के मामले

बता दें, बीते कुछ दिनों पहले सीएमओ डा। श्रीकांत तिवारी का दावा था कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में एएसबी उपलब्ध है। जहां से भी मांग आई है, वहां दवा भेजी गई है। बाढ़ में सांप काटने के मामले ज्यादा आते हैं, इसलिए सभी हेल्थ सेंटर्स पर एएसबी भेजने के लिए सूची बनाई जा रही है। डीएम के विजयेंद्र पांडियन के निर्देश पर इसके लिए 376 मेडिकल टीम गठित की गई हैं। वहीं बाढ़ प्रभावित एरिया में 16534 उपचारित मानव, 195554 क्लोरीन की गोली वितरण की गई है। जबकि जिला मुख्यालय पर 165 एंटी स्नेक वेनम व 16 सीएचस, पीएचसी पर कुल 523 एंटी स्नेक वेनम की व्यवस्था की गई है। जबकि जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ। एसके श्रीवास्तव का दावा था कि जिला अस्पताल में 1200 से अधिक वायल उपलब्ध है। उनका कहना है कि हर मरीज का प्राथमिकता के तौर पर इलाज किया जा रहा है। हाल के दिनों में सांप काटने के मामले बढ़े हैं। जो भी मरीज आ रहे हैं, उनका इलाज ठीक से कराया जाता है।

ज्यादातर सांप जहरीले नहीं होते

जिला अस्पताल के सीनियर फिजीशियन डॉ। राजेश कुमार ने बताया कि सांप काटने के ज्यादातर मामलों में एक-दो वायल से ही काम चल जाता है। उन्हें पनिहा सांप काटा होता है। उसमें जहर नहीं होता। गेहुंअन व करैत के काटने पर पांच से अधिक वायल लगाना पड़ता है। किसी-किसी में 18-20 वायल भी लगाने पड़ते हैं। ऐसे केवल तीन मामले आए हैं। रसेल वाइपर सांप के काटने के मामले भी आते हैं, लेकिन अभी इस साल ऐसा कोई मामला नहीं आया है।

सांप के काटने पर क्या करें

- किसी व्यक्ति को सांप काटने पर सबसे पहले उसे सीधा लेटा दें।

- घाव को साफ पानी से धो लें, तनाव बिल्कुल न लें।

- काटे हुए अंग के आसपास किसी भी प्रकार का कट नहीं लगाएं।

- काटे हुए जगह पर सूती कपड़े से हल्का बांध दें।

- झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, जल्द से जल्द अस्पताल ले जाएं।

- सांप को अच्छी तरह देखने और पहचानने की कोशिश करें।

- ताकि आप डॉक्टर को बता सकें।

- मरीज को शांत रखने की कोशिश करें।

- मरीज जितना उत्तेजित रहेगा। हाई ब्लड प्रेशर भी उसी गति से बढ़ेगा।

- व्यक्ति को बेहोश नहीं होने दें। उससे बात करते रहें।

यहां पर इतनी दवा है अवेलबल

हेल्थ सेंटर्स एएसबी की एवेलेबिलीट (वायल में)

विशुनपुरा- 02

ब्रह्मपुर- 57

बेलघाट- 18

करमहा- 35

चौरीचौरा- 40

ठर्रा, पाली 26

पिपरौली- 50

बांसगांव- 18

कौड़ीराम- 35

गोला- 62

बड़हलगंज- 15

वर्जन।

जिला मुख्यालय पर 265 एंटी स्नेक वेनम व 16 हेल्थ सेंटर्स पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करवा दिया गया है। किसी के भी सांप काटने पर वह इलाज करवा सकता है। कहीं कोई लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

के विजयेंद्र पांडियन, डीएम

Posted By: Inextlive
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