जनपद में फर्जी अंकपत्र पर नौकरी करने वाले शिक्षकों की संख्या बढ़ती जा रही है. हाल ही में पकड़े गए एक अन्य मामले में विशिष्ट बीटीसी 2004 चयन के समय फर्जी अंक पत्र तैयार कर नौकरी हासिल करने के आरोप में शिक्षक फूलचंद की विभाग ने सेवा समाप्त कर दी है.


गोरखपुर (ब्यूरो।खजनी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गोपीपुर में तैनात प्रधानाध्यापक के विरुद्ध शिकायत के आधार पर हुई जांच के बाद बीएसए ने कार्रवाई की है।साल 2017 में हुई थी शिकायतबर्खास्त शिक्षक फूलचंद के विरुद्ध खजनी ब्लॉक के ही ग्राम पतिसा निवासी अखिलेश कुमार ने 18 जुलाई 2017 को बीएसए कार्यालय में फर्जी अंकपत्र पर नौकरी हासिल करने की शिकायत की। जिसके बाद बीएसए ने नोटिस जारी करते हुए शिक्षक को फोटो युक्त नोटरी शपथ पत्र व समस्त शैक्षिक अभिलेखों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद बीएसए ने वेतन बाधित किया और फिर जांच के बाद निलंबित कर विद्यालय से संबद्ध कर दिया और मामले की जांच तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी को सौंप दी। जांच व शिकायत के परीक्षण में अंकपत्र फर्जी पाया गया। जिसके बाद बीएसए ने बर्खास्तगी की कार्रवाई करते हुए वेतन रिकवरी का आदेश दिया।


फर्जी शिक्षकों पर एसटीएफ की नजर

बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बर्खास्त शिक्षक ने विशिष्ट बीटीसी 2004 चयन के समय अपने अंकों में कूटरचना करते हुए फर्जी अंकपत्र तैयार कर न सिर्फ प्रवेश पाया बल्कि प्रशिक्षण प्राप्त कर सहायक अध्यापक की नौकरी प्राप्त कर ली। संबंधित शिक्षक के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई करते हुए नियुक्ति निरस्त कर दी गई है। फर्जी शिक्षकों पर एसटीएफ की नजर है। कोई भी ऐसा मामला संज्ञान में आता है तो संबंधित के विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Inextlive