सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के लिए डिजिटल मूल्यांकन सिर दर्द बन गया है. बीए-बीएससी में गड़बड़ी के बाद करीब 10 दिन तक स्टूडेंट्स ने हंगामा किया. फिर एमएससी और एमए में वही सिलसिला चला. कुलपति ने इसके लिए तीन सदस्यीय टीम गठित तक रिजल्ट संशोधित करने के आदेश दिए. अब फ्राइडे को बीडीएस के स्टूडेंट्स ने एक विषय में फेल किए जाने का आरोप लगाकर हंगामा किया. गेट से अंदर न जाने देने पर सुरक्षाकर्मियों से उनकी नोकझोंक व धक्कामुक्की हुई. जिसमें एक छात्रा चुटहिल हो गई. प्रदर्शन की सूचना पर परीक्षा विभाग के अधिकारियों ने आकर उनकी अप्लीकेशन और पुनर्मूल्यांकन कराकर परिणाम जल्द जारी करने का भरोसा दिलाया.

कानपुर (ब्यूरो) बीडीएस सेकेंड ईयर के स्टूडेंट्स ने बताया कि उनका रिजल्ट जुलाई में जारी हुआ था। इसमें 75 प्रतिशत स्टूडेंट्स को फार्माकोलाजी विषय में फेल कर दिया गया है, जबकि उनकी परीक्षा काफच् अच्छी हुई थी। तब से लगातार यूनिवर्सिटी पहुंचकर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप है कि जब पुनर्मूल्यांकन की मांग की तो यूनिवर्सिटी ने मना कर दिया। स्क्रूटनी व चैलेंज मूल्यांकन का फार्म भी नहीं भर पा रहे हैं। साथ ही पूरक परीक्षा देने का विकल्प भी बंद कर दिया गया है। ऐसे में उन्हें दोबारा सेकेंड ईयर की पढ़ाई करनी होगी और एक वर्ष बर्बाद हो जाएगा। हंगामे की सूचना पर परीक्षा विभाग के अधिकारी पहुंचे और उन्होंने छात्रों की समस्या सुनी।


वेबसाइट पर नहीं दिख रहा
सीएसजेएमयू की ओर से बीए सेकेंड ईयर का रिजल्ट जारी किया जा चुका है, लेकिन अभी भी कई कॉलेजों का रिजल्ट यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर नहीं प्रदर्शित हो रहा है। शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।

स्टूडेंट्स की कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन कराया जा रहा है और उम्मीद है कि मंगलवार तक रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। अगर कुछ खामियां होगी तो दुरुस्त कराया जाएगा। स्टूडेंट्स का अहित नहीं होने दिया जाएगा।
डा। अंजनी कुमार मिश्र, परीक्षा नियंत्रक, सीएसजेएमयू

Posted By: Inextlive