जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने अपने पेशेंट्स को नए साल का तोहफा दिया है. नया साल शुरू होते ही पेशेंट को आधुनिक जांचों के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा. हैलट की इमरजेंसी के सामने बनने वाले डायग्नोस्टिक हब के लिए 128 स्लाइस की आधुनिक सीटी स्कैन मशीन आ गई है.


कानपुर (ब्यूरो)। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने अपने पेशेंट्स को नए साल का तोहफा दिया है। नया साल शुरू होते ही पेशेंट को आधुनिक जांचों के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। हैलट की इमरजेंसी के सामने बनने वाले डायग्नोस्टिक हब के लिए 128 स्लाइस की आधुनिक सीटी स्कैन मशीन आ गई है। जिसके इंस्टॉलेशन का काम शुरू कर दिया गया है। हब में एमआरआई, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे, कलर डाप्लर, इकोकार्डियोग्राफी, पीएफटी, पैथोलाजी, नर्व कंडक्शन स्टडी, ईईजी सहित उच्च स्तरीय जांच की सभी आधुनिक मशीनों को लगाया जाएगा।

16 शहरों के पेशेंट्स को राहत
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल प्रो। संजय काला ने बताया कि पिछले दिनों पावरग्रिड की टीम ने डायग्नोस्टिक हब में लगने वाले उपकरण के जगह चिन्हित की थी। अब मशीनों को लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। डिजिटल रेडियोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन लग जाने से सिटी के साथ-साथ 16 सिटीज से आने वाले पेशेंट्स को परिसर में ही सभी जांचों की सुविधा मिलेगी। अभी तक जांच के लिए पेशेंट को कई-कई घंटे तक का इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि डायग्नोस्टिक हब का काम तेजी से किया जा रहा है। -----------------------ये होती है स्लाइस


किसी भी सीटी स्कैन की क्षमता उसकी स्लाइस से आंकी जाती है। इसमें मशीन एक मिनट में संबंधित बॉडी पार्ट की फोटो लेती है। मशीन में जितनी अधिक स्लाइस होगी उसकी फोटो क्वालिटी उतनी ही बेहतर होगी। जिससे अंग की स्पष्टता को देखा जा सकेगा। यानि जितनी अच्छी जांच होगी, ट्रीटमेंट में डॉक्टर को उतनी ही आसानी होगी।

Posted By: Inextlive