केमेस्ट्री और फिजिक्स को आसान बनाएगी नई तकनीक

Updated Date: Thu, 04 Mar 2021 06:40 AM (IST)

- नए सेशन से स्टूडेंट्स को मिलने लगेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का बेनिफिट

- नई तकनीक का यूज करने पर बदल जाएगा पढ़ाने का तरीका

-05 करोड़ की लागत से तैयार की जा रहीं डीएवी कॉलेज में हाईटेक लैब और स्मार्ट क्लास रूम

- 80 परसेंट काम पूरा, इस लैब में यूज किए जाने वाले बड़े उपकरणों को लाने सबसे बड़ी चुनौती रही

KANPUR: नई टेक्नोलॉजी केमेस्ट्री और फिजिक्स की जटिलता को आसान बनाएगी। डीएवी डिग्री कॉलेज के स्टूडेंट्स इस तकनीक का यूज कर सकेंगे। बीएससी और एमएससी स्टूडेंट्स के लिए कॉलेज में स्मार्ट क्लासेस के साथ उनके लिए उच्च स्तरीय लैब बनाई जा रही हैं। यह सब संभव हुआ है कॉलेज में बनाए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से। पांच करोड़ के बजट से यह डिपार्टमेंट बनाया जा रहा है। इसका 80 परसेंट काम खत्म हो चुका है।

तलाशने व खरीदने में लगा समय

डीएवी कॉलेज में हाईटेक लैब के लिए सामान आ चुका है। कई ऐसे हैं जिनका यूज किसी नए प्रोडेक्ट को तैयार करने में किया जा सकता है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से स्टूडेंट्स को एकेडमिक और लैब स्टडी के अलावा खुद की कंपनी स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। साल भर से कॉलेज में एक्सीलेंस बनाने का काम चल रहा है। शासन से अनुदान मिलने के बाद इस लैब में यूज किए जाने वाले बड़े उपकरणों को लाने सबसे बड़ी चुनौती रही। कई उपकरण ऐसे थे जिन्हें तलाशना व उन्हें खरीदने में समय लगा। यह सीएसजेएम यूनिवर्सिटी का पहला ऐसा सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेज है जिसमें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है।

दूसरी यूनिवर्सिटीज पर निर्भरता खत्म होगी

प्रिंसिपल ने बताया कि फिजिक्स व केमेस्ट्री के स्टूडेंट यहां बनने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में केवल स्टडी और लैब स्टडी ही नहीं कर सकेंगे बल्कि उन्हें यहां पर रिसर्च वर्क करने के लिए भी माहौल मिलेगा। जिन प्रयोगों को करने के लिए उन्हें दूसरे यूनिवर्सिटी के चक्कर लगाने पड़ते हैं यह हाईटेक लैब उनकी यह दौड़ खत्म कर देगी। बीएससी व एमएससी के अलावा पीएचडी स्टूडेंट्स के लिए भी यहां अलग लैब बनाई जाएगी।

फिजिक्स व केमेस्ट्री के स्टूडेंट यहां बनने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में केवल स्टडी और लैब स्टडी ही नहीं कर सकेंगे बल्कि उन्हें यहां पर रिसर्च वर्क करने के लिए भी माहौल मिलेगा। जिन प्रयोगों को करने के लिए उन्हें दूसरे यूनिवर्सिटीज के चक्कर लगाने पड़ते हैं

डॉ। अमित कुमार श्रीवास्तव, प्रिंसिपल

हाईलाइट्स

- करीब चार हजार स्टूडेंट्स को सेशन 2021-22 से बेनिफिट मिलने लगेगा।

- कई ऑपरेटस ऐसे हैं जिनका यूज प्रोडक्ट को बनाने में किया जा सकता है

- फिजिक्स और केमेस्ट्री में स्टडी कर रहे और एडमिशन लेने वालों को सहुलियत

- पीएचडी स्टूडेंट्स के लिए भी यहां अलग लैब बनाई जाएगी।

Posted By: Inextlive
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