बिरहाना रोड मार्केट अभी एक रंग में नहीं हुआ है लेकिन इससे पहले ही नगर निगम का रंग देखकर बिजनेसमैन के चेहरों की रंगत उड़ गई है. दरअसल बिरहाना रोड मार्केट के ब्यूटीफिकेशन के नाम पर नगर निगम ने शॉपकीपर्स व बिजनेसमैन को पेटिंग व बोर्ड का हजारों रुपए का बिल थमा दिया. हजारों रुपए का बिल देख बिजनेसमैन परेशान हैं


कानपुर (ब्यूरो)। बिरहाना रोड मार्केट अभी एक रंग में नहीं हुआ है, लेकिन इससे पहले ही नगर निगम का रंग देखकर बिजनेसमैन के चेहरों की रंगत उड़ गई है। दरअसल बिरहाना रोड मार्केट के ब्यूटीफिकेशन के नाम पर नगर निगम ने शॉपकीपर्स व बिजनेसमैन को पेटिंग व बोर्ड का हजारों रुपए का बिल थमा दिया। हजारों रुपए का बिल देख बिजनेसमैन परेशान हैं। इसका विरोध जताते हुए आक्रोशित बिजनेसमैन ने म्यूनिसिपल कमिश्नर को ज्ञापन भी दिया है। हालांकि इस मामले में नगर निगम के आफिसर भी चुप्पी साधे हुए है। व्यापारियों का कहना है कि सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी शहर की सरकार की है तो उसमें आने वाला खर्च व्यापारियों से क्यों वसूला जा रहा है। व्यापारियों व नगर निगम के बीच चार दिनों से खींच तान चल रही है। वहीं व्यापारी बिल का भुगतान न करने की जिद में अड़े हुए है। बिरहाना रोड मार्केट के ब्यूटीफिकेशन के लिए डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन, नगर निगम, केस्को आदि डिपार्टमेंट के ऑफिसर्स की ज्वाइंट मीटिंग हुई थी। व्यापारियों को भी बुलाया गया था। शोरूम, शॉप्स के बाहर पिलर और साइन बोर्ड की पेटिंग के खर्च के लिए मौखिक रूप से मीटिंग में शामिल व्यापारियों से सैद्धांतिक हामी ले ली गई थी। हालांकि न तो लिखित समझौता हुआ था और न ही मार्केट के सभी व्यापारियों को इसकी जानकारी दी गई थी. बिल भी गड़बड़ व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम ने जो बिल भेजा भी है उसमें भी कई तरह की गड़बडियां हैं। चालीस रुपये प्रति स्कवायर फीट के हिसाब पेमेंट किया जाना है। कई दुकानों के सामने एक या दो पिलर आ रहे है जबकि उनके पास बिल हजारों रुपये का पहुंच रहा है। मतलब दो पिलर की जगह सात-सात पिलर की पेटिंग का खर्च एक व्यापारी के पास भेजा गया। यहीं नहीं कुछ बिजनेसमैन से तो पेटिंग के दौरान पेंट भी मंगवाया गया, उसके बाद भी पेटिंग का बिल उनसे मांगा जा रहा है। बिरहाना रोड के ब्यूटीफिकेशन प्रोजेक्ट के तहत केस्को तारों का जंजाल हटाने को अंडर ग्राउंड केबिलिंग का काम तेजी से कर रहा है। बिजनेसमैन को डर सता रहा है कि नगर निगम की तरह कहीं केस्को भी अंडरग्र्राउंड केबिलिंग में हो रहा खर्च उनसे वसूली न करने लगे। Posted By: Inextlive