इस योजना को इस तरह से आकार दिया गया है कि प्रवासी पक्षियों को यहां अनुकूल माहौल मिले। पूरी स्टडी करने के बाद ही सीजी सिटी को योजना के लिए चुना गया है। इसके साथ ही यह भी देखा गया है कि पर्यटक भी यहां तक आसानी से पहुंच सकें।


लखनऊ (ब्यूरो)। राजधानी में आने वाले पर्यटकों के लिए एलडीए की ओर से एक और बड़ी सौगात देने की तैयारी की जा रही है। दरअसल, एलडीए की ओर से सीजी सिटी (गोमतीनगर) में बर्ड एवियरी और वेटलैैंड डेवलप करने की दिशा में न सिर्फ कदम आगे बढ़ाए गए हैैं, बल्कि वहां पर काम शुरू भी कर दिया गया है। खास बात यह है कि यहां पर आने वाले पर्यटकों के लिए कई तरह की सुविधाएं भी डेवलप की जाएंगी। एलडीए प्रशासन की ओर से लगातार इस कदम की मॉनीटरिंग भी की जा रही है, जिससे कहीं कोई कमी न रह जाए।प्रवासी पक्षियों के लिए विशेष व्यवस्था
इस योजना को इस तरह से आकार दिया गया है कि प्रवासी पक्षियों को यहां अनुकूल माहौल मिले। पूरी स्टडी करने के बाद ही सीजी सिटी को योजना के लिए चुना गया है। इसके साथ ही यह भी देखा गया है कि पर्यटक भी यहां तक आसानी से पहुंच सकें। शहीद पथ किनारे होने के कारण पर्यटकों को बर्ड एवियरी और वेटलैैंड तक पहुंचने में किसी तरह की कोई समस्या नहीं होगी। यहां पर यह भी प्रयास किए जा रहे कि आने वाले लोग अपनी फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड कर सकें।बात कर सकेंगे पक्षियों के साथ


बर्ड एवियरी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि पर्यटक उनके साथ फ्रेंडली हो सकें। कोई भी पर्यटक एवियरी में रखे जाने वाले पक्षियों के साथ बात भी कर सकेगा। इसके लिए स्पेशल डिजाइन वाले केजेस भी मंगाए जा रहे हैैं। पक्षियों की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए कुछ गाइडलाइंस भी जारी की जाएंगी, जिसका अनुपालन सभी पर्यटकों के लिए अनिवार्य होगा। एक हजार एकड़ में डेवलपएलडीए प्रशासन की माने तो बर्ड एवियरी और वेटलैैंड को करीब एक हजार एकड़ में डेवलप किया जा रहा है। यहां पर पक्षियों के भोजन के लिए भी विशेष इंतजाम रहेंगे साथ ही उनकी हेल्थ पर नजर रखने के लिए विशेषज्ञों की टीम भी रहेगी। वेटलैैंड को डेवलप करने की मुख्य वजह यही है कि अधिक से अधिक प्रवासी पक्षी यहां पर आ सकें। इसके लिए एलडीए की ओर से कई बिंदुओं पर मंथन भी किया गया है। ये पक्षी रहेंगे

अभी यह तो तय नहीं है कि कौन-कौन सी प्रजाति के पक्षी रहेंगे, लेकिन इतना साफ है कि जिन पक्षियों को लोग अपने घरों में पालते हैैं, उन्हें एवियरी में रखा जाएगा। जिसमें मुख्य रूप से तोता, स्पैरो, कोयल, बुलबुल, डव, चकता, अबाबील इत्यादि शामिल हैैं। वहीं वेटलैैंड में आने वाले प्रवासी पक्षियों जिसमें साइबेरियन पक्षी शामिल हैैं के साथ साथ पिंटेल, कॉटन, टील रेड इत्यादि को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं और माहौल को तैयार किया जा रहा है।पर्यटकों को हाईटेक सुविधाएंयहां पर पर्यटकों के लिए विशेष सुविधाएं डेवलप की जा रही हैैं। यहां पर लोग फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड कर सकें, इसके लिए बोटिंग की भी सुविधा रहेगी। वहीं गोल्फ कार्ट और लाइट म्यूजिक की भी व्यवस्था रहेगी। वहीं, यहां पर पर्यटक लजीज व्यंजनों का भी स्वाद ले सकेंगे।हमारा प्रयास यही है कि राजधानी में ऐसे स्थल डेवलप किए जाएं, जिससे लोगों को अपनी फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करने का मौका मिल सके। दूसरे शहरों से आने वाले लोगों के मन में राजधानी की छवि और बेहतर हो सके। बर्ड एवियरी और वेटलैैंड इसी योजना का एक हिस्सा हैैं।-डॉ। इंद्रमणि त्रिपाठी, वीसी, एलडीए

Posted By: Inextlive