Lucknow News: हर दिन अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाकर 80 से 100 स्ट्रीट डॉग्स पकड़े जाते हैैं और उनका ऑपरेशन किया जाता है। एक डॉग के ऑपरेशन में 1200 से 1250 रुपये का खर्च आता है। ऑपरेशन के बाद स्ट्रीट डॉग को उसी एरिया में छोड़ दिया जाता है जहां से उसे लाया गया था।


लखनऊ (ब्यूरो)। राजधानी में तेजी से स्ट्रीट डॉग्स की संख्या बढ़ रही है। नगर निगम के पशु विभाग का दावा है कि हर दिन 80 से 100 स्ट्रीट डॉग्स का ऑपरेशन (बधियाकरण) किया जाता है, लेकिन इस समय राजधानी में स्ट्रीट डॉग्स की संख्या एक लाख से अधिक पहुंच चुकी है। गुजरते वक्त के साथ इनकी संख्या में और इजाफा देखने को मिल सकता है। ऐसे में, साफ है कि जब तक शत प्रतिशत डॉग्स का बधियाकरण नहीं होगा, तब तक इनकी संख्या में रोक लगना असंभव है।हर दिन 80 से 100 ऑपरेशनहर दिन अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाकर 80 से 100 स्ट्रीट डॉग्स पकड़े जाते हैैं और उनका ऑपरेशन किया जाता है। एक डॉग के ऑपरेशन में 1200 से 1250 रुपये का खर्च आता है। ऑपरेशन के बाद स्ट्रीट डॉग को उसी एरिया में छोड़ दिया जाता है, जहां से उसे लाया गया था।


अभी रफ्तार की जरूरत

अभी डॉग्स के ऑपरेशन की रफ्तार काफी धीमी है। हर दिन कम से कम 300 से 400 डॉग्स का ऑपरेशन होना चाहिए, लेकिन यह फिलहाल संभव नहीं है। नगर निगम के पशु विभाग के अधिकारियों का दावा है कि ऑपरेशन की रफ्तार बढ़ाई जा रही है। इसके लिए अलग-अलग एरिया के लिए टीमें गठित की जा रही हैैं। बता दें कि स्ट्रीट डॉग्स की समस्या हर इलाके में तेजी से बढ़ रही है। इनके हमलों से लोग घायल भी हो रहे हैैं। ऐसे में युद्धस्तर पर अभियान चलाना होगा, तभी स्ट्रीट डॉग्स की समस्या से राहत मिल पाएगी।पब्लिक भी कर रही घायलएक बड़ा मामला यह भी है कि पब्लिक की ओर से भी स्ट्रीट डॉग्स को लगातार घायल किया जा रहा है। जिसकी वजह से भी स्ट्रीट डॉग्स हमलावर हो रहे हैैं। हर दिन नगर निगम के पास आठ से 10 ऐसी कंपलेन पहुंच रही हैैं, जो स्ट्रीट डॉग्स के घायल होने से जुड़ी होती हैं। ज्यादातर मामलों में यह देखने में आता है कि लोगों ने पत्थर या रॉड मारकर स्ट्रीट डॉग को घायल कर दिया है। सूचना मिलने के बाद मौके पर टीम जाकर डॉग का इलाज कराती है। पब्लिक के हमलों के कारण भी स्ट्रीट डॉग ज्यादा हमलावर हो रहे हैैं। एनिमल वेलफेयर ऑफिसर की अपील है कि डॉग्स पर हमला न करें। इससे वे ज्यादा आक्रामक हो रहे हैैं।

हर दिन अभियान चलाकर डॉग्स का बधियाकरण और वैक्सीनेशन कराया जा रहा है। चूंकि पहले से ही डॉग्स की संख्या अधिक है, इस वजह से शत प्रतिशत वैक्सीनेशन और बधियाकरण में थोड़ा समय लग सकता है।-डॉ। अभिनव वर्मा, एनिमल वेलफेयर ऑफिसर, नगर निगमसोशल मीडिया पर आए कमेंट्स1-हमारे एरिया में भी लंबे समय से स्ट्रीट डॉग्स की समस्या बनी हुई है। कई बार अभियान चलाने को कहा गया, लेकिन अभी तक नतीजा सिफर ही रहा है।राकेश, गोमतीनगर2-नगर निगम की ओर से डॉग्स तो पकड़ लिए जाते हैैं, लेकिन बाद में उन्हें फिर से एरिया में छोड़ दिया जाता है। इस व्यवस्था को बदलना होगा।विकास, बंथरा3-स्ट्रीट डॉग्स के भोजन इत्यादि की भी व्यवस्था करनी चाहिए। हम सभी को मिलकर इस तरफ ध्यान देना होगा। भरपेट भोजन मिलने से डॉग कम आक्रामक होंगे।संदीप, आलमबाग4-यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जिन लोगों के घरों में डॉग पले हुए हैैं, उनका लाइसेंस जरूर बना हो। इसके लिए अभियान चलाना होगा।सविता, फैजुल्लागंज

Posted By: Inextlive