उत्सव के बीच राहत का टीका

Updated Date: Sun, 17 Jan 2021 04:40 PM (IST)

जिले में 7 साइट्स पर वैक्सीनेशन प्रोग्राम लांच, 694 हुए लिस्टिड, 562 लोगों ने लगवाई वैक्सीन

सीएमओ, मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल, एसआईसी समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लगवाया टीका

Meerut। 11 महीने की कठिन परीक्षा, दिन-रात की लड़ाई और लंबे संघर्ष के बाद शनिवार को आखिरकार अदृश्य दुश्मन कोरोना वायरस को शिकस्त देने के लिए वैक्सीनेशन प्रोग्राम का आगाज हो गया। लोकतंत्र के पर्व इलेक्शन की तर्ज पर जिले में 7 साइट्स पर महामारी को हराने के लिए ये प्रोग्राम उत्सव की तरह लांच हुआ। जिसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े एक-एक व्यक्ति ने राहत की सांस ली। मेरठ में सबसे पहला टीका संतोष अस्पताल में डॉ। अनिल कौत्स को लगाया गया। यहां सुबह 10.43 बजे इन्हें कोविशील्ड की वैक्सीन दी गई। जबकि दूसरा टीका उनकी पत्‍‌नी कविता रानी को लगाया गया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक 562 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। जबकि 694 लोगों को इसके लिए लिस्टेड किया गया था।

यहां इन्हें लगा पहला टीका

जिले में एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में सबसे पहली वैक्सीन प्रिंसिपल डॉ। ज्ञानेंद्र कुमार को सुबह 11 बजकर 11 मिनट पर लगाई गई। जबकि जिला अस्पताल में पहली वैक्सीन सीएमओ डॉ। अखिलेश मोहन को सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर लगाई गई। वहीं डफरिन अस्पताल में एसआईसी डॉ। मनीषा अग्रवाल को पहला टीका। सीएचसी मवाना में फलावदा के फार्मासिस्ट विपिन वासने को जबकि सरधना में एमओआईसी डॉ। राजेश कुमार का पहला वैक्सीनेशन हुआ।

इलेक्शन की तरह व्यवस्था

वैक्सीनेशन प्रोग्राम के लिए शासन स्तर पर इलेक्शन प्रोसेस की तरह पूरी व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा, ऑफिसर्स की ड्यूटी से लेकर वैक्सीनेशन को लेकर बराबर मॉनिटरिंग हुई। वहीं वैरिफिकेशन की प्रक्रिया भी इसी तर्ज पर हुई। हर साइट पर लाभार्थी को सबसे पहले वैरिफिकेशन से गुजरना पड़ा। वैक्सीनेटर ऑफिसर-1 द्वारा ड्यू लिस्ट में नाम चेक करने, आईडी,मैसेज का मिलान करने के बाद ही लाभार्थी को आगे जाने दिया गया। अगले स्टेप पर दो हैल्पर्स ने वैक्सीनेशन कार्ड डिटेल्स फिल करवाई। वही अगले टीके की डेट भी बताई। इसके बाद लाभार्थी को वैक्सीनेशन रूम में जाने दिया। यहां भी को-विन एप पर डिटेल्स चेक की गई। ड्यू लिस्ट और आईडी चेक करने के बाद ही लाभार्थी को वैक्सीन दी गई। इसके बाद 30 मिनट तक डॉक्टर्स की टीम की निगरानी में लाभार्थी को रखा गया। इस दौरान कोई साइड इफेक्ट न आने पर लाभार्थी को भेज दिया गया।

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.