मेरठ शहर का इतिहास ऐतिहासिक भी है और पौराणिक भी। क्रांतिधरा की इन्हीं गौरवपूर्ण कहानियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए दो युवा जी-जान से जुटे हैं। पहले वे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर जाते हैं। फिर उनकी लाइव पेटिंग बनाते हैं।


मेरठ ब्यूरो। पेटिंग के माध्यम से लोगों को इतिहास और पौराणिक कथाओं के बारे में बताते हैं। मेरठ के दो फ्रेंड राजीव और हर्षिता पेंटिंग के जरिए लोगों को अवेयर कर रहे हैं। राजीव और हर्षिता दोनों फ्रेंड हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ शहर का अपना असीम इतिहास है। पौराणिक कहानियों से लेकर ऐतिहासिक कहानियों में मेरठ का उल्लेख मिलता है।आज के युवाओं को उनकी जानकारी बहुत कम है। ऐसे में हमने पेटिंग के जरिए युवाओं को अपनी संस्कृति से जोडऩे की पहल की है। हर्षिता कहती हैं कि वे चाहती हैं कि आज के युवा अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और संस्कृति को जरूर समझें। उनके बारे में जाने। इसलिए मौके पर जाकर हम पेटिंग बनाते हैं और फिर लोगों को उनके बारे में बताते हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर भी लोगों को जानकारी उपलब्ध कराते हैं।

कर चुके है इनकी पेंटिंग
हर्षिता वशिष्ठ और राजीव शर्मा कहते हैं कि वे रोजाना शहर के किसी न किसी धार्मिक और पौराणिक स्थलों पर जाते हैं। प्रशासन की अनुमति लेने के बाद वहां पर उस जगह की लाइव पेटिंग बनाते हैं। इसके बाद उसी पेटिंग से लोगों को अवेयर करते हैं। हर्षिता ने बताया कि छह माह पहले ही उन्होंने इस कार्य की शुरूआत की है। सबसे पहले आजादी का उद्घोष स्थल औघडऩाथ काली पलटन मंदिर पर जाकर लाइव पेटिंग बनाई थी। उसके बाद सिटी स्टेशन, घंटाघर, शहापीर गेट का मकबरा, हनुमान चौक, कालीपल्टन, सरधना चर्च, शहीद स्मारक, गांधीबाग सहित अन्य स्थानों का अपनी कला के माध्यम से चित्र बना चुके हैं।

आसपास के लोग जुटते हैं
उनकी इस कलाकारी को देखने के लिए भी लोगों का हुजूम एकत्रित हो जाता है। हर कोई प्रशंसा करता है। हर्षिता और राजीव ने बताया कि वह दिसंबर तक मेरठ के सभी ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों ऑन द स्पॉट लाइव पेंटिंग बनाना चाहते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने सीसीएसयू परिसर स्थित सभी महापुरुष और यूनिवर्सिटी का भी चित्र बनाना शुरू किया है।
जल्द लगाएंगे प्रदर्शनी
उन्होंने कहा कि शहर के सभी धार्मिक और पौराणिक स्थलों की पेटिंग बनाकर उनकी प्रदर्शनी लगाएंगे। ताकि मेरठ के गौरवमयी इतिहास से लोग रूबरू हो सके। हर्षिता ने समाजशास्त्र में यूजी कंप्लीट किया है। वहीं, राजीव भी छात्र हैं। राजीव कहते हैं कि किसी भी स्थल पर पेंटिंग बनाने से पहले वह संबंधित प्रशासनिक अधिकारी से अनुमति लेते हैं।
दिखाना चाहते है हम लाइव
राजीव और हर्षिता ने बताया कि अब तक वे शहर के विभिन्न स्थलों की 25 पेटिंग बना चुके हैं। साथ ही लोगों को जागरूक कर चुके हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में पेटिंग की एग्जीबिशन लगाई जाएगी। ताकि हिस्टोरिकल प्लेसेज के बारे में लोगों को अवेयर किया जा सके।

Posted By: Inextlive