चिलचिलाती गर्मी में हीट स्ट्रोक का खतरा

2020-05-30T08:30:02Z

-एक सप्ताह में हीट हो गया शहर बढ़े डायरिया के मामले-ओपीडी में हर रोज पहुंच रहे 2

-एक सप्ताह में हीट हो गया शहर, बढ़े डायरिया के मामले

-ओपीडी में हर रोज पहुंच रहे 20 से 25 डायरिया के मरीज

लगातार बढ़ते टेम्प्रेचर से एक सप्ताह में शहर हीट हो चूका है। 45 डिग्री के पार हो चुके टेम्प्रेचर ने लोगो का जीना मुहाल कर दिया है। भीषण गर्मी से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। गर्मी से बेहाल लोग हीट स्ट्रोक का शिकार होकर अस्पताल पहुंचने लगे है। चिकित्सको की मानें तो एक सप्ताह में हीट स्ट्रोक और डायरिया के मामलो में काफी इजाफा हुआ है। इसमें बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा हैं। पिछले एक सप्ताह में सिर्फ सरकारी अस्पतालों में डायरिया व स्ट्रोक के 300 से अधिक मामले आ चुके हैं। प्राइवेट हॉस्पिटल की संख्या अलग है।

कोरोना नहीं स्ट्रोक से मर जायेंगे

इस बार मई में गर्मी भले ही देर से आई है, मगर कसर पूरी करने में यह गर्मी कोई समझौता नहीं कर रहा है। बीमारी से बचने के लिए एहतियात बरतना बेहद जरुरी है।

45 डिग्री के तापमान के साथ आसमान से उगलते धूप से कोई भी घर से निकलना नहीं चाहता, लेकिन लॉक डाउन-4 में मिली छूट में जिला प्रशासन की तरफ से ऐसी व्यवस्था की गई है की लोग कड़ी धूप में निकलने को मजबूर है। यही म?बूरी उन्हें हीट स्ट्रोक का मर्ज देकर अस्पताल पंहुचा रही है। बता दे की इन दिनों शहर की ज्यादातर दुकानों को खोलने का समय सुबह 7 बजे और बंद करने का शाम 5 बजे निर्धारित किया गया है। इधर चिकित्सको का कहना है की दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक कोई घर से बाहर ना निकले। वैसे भी गर्मी के दिनों में ज्यादातर लोग शाम 4-5 बजे के बाद ही मार्केटिंग के लिए निकलते है। लेकिन लॉक डाउन के नियम इन्हे मौत के मु?ह में ले जा रहे है। लोगो का कहना है की प्रशासन को समय में बदलाव करना चाहिए, ऐसा ना हुआ तो लोग कोरोना से काम स्ट्रोक से मर जायेंगे।

गंभीर पेसेंट हो रहे एडमिट

सरकारी अस्पतालों के आंकड़ों को देखे तो यहा? की ओपीडी में डायरिया से पीडि़त हर रोज 20 से 25 बच्चे आ रहे हैं। यही नहीं यहां हीट स्ट्रोक से ग्रस्त मरीज इमरजेंसी में भी आ रहे हैं। गंभीर पेसेंट को एडमिट कर इलाज किया जा रहा है। वही अलग अलग प्राइवेट हॉस्पिटल और क्लीनिक में डायरिया से पीडि़त हर रोज 5 से 10 मरीज आ रहे हैं.इधर एक सप्ताह से डायरिया और स्ट्रोक के मरीजों में इजाफा हो रहा है। पीडियाट्रिशियन का कहना है की यह गर्मी सबसे ज्यादा बच्चो के स्वस्थ्य को प्रभावित कर रही है।

क्याहै हीट स्ट्रोक:

बढ़ती गर्मी और तेज धूप के संपर्क में आने से शरीर से पसीने के रूप में खनिज लवण और पानी की कमी होने लगती है। जो हीट स्ट्रोक और लू कहलाती है। ऐसी स्थिति में थकान,अत्यधिक पसीना, मुंह का सूखना, तेज बुखार और हाथ पांव में जलन आदि लक्षण दिखने लगते हैं.ऐसे समय छोटे बच्चों के लक्षण पहचानते ही तुरंत उपचार शुरू करना चाहिए।

कैसे करें बचाव:

कड़ी धूप और लू से सबसे ज्यादा प्रभाव शरीर के साथ आंखों पर पड़ता है। ऐसे में खुद का बचाव जरूरी है। कोशिश करे की दोपहर में 12 से पहले और शाम 4 बजे के बाद घर से निकलें। शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए ग्लूकोज, नमक-चीनी का घोल और ओआरएस का घोल लेते रहे।

गर्मी अब अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। दोपहर में लोगो का घर से बाहर निकलना दुस्वार हो गया है। शहर से हीट होने से हीट स्ट्रोक और डायरिया के मामले लगातार बढ़ रहे है। इनका अटैक सबसे ज्यादा बच्चो पर पड़ रहा है। रोजाना 20 से 25 बच्चे सिर्फ इससे प्रभावित होकर इलाज के लिए आ रहे है।

डा। सीपी गुप्ता, पीडियाट्रिशियन

हास्पिटल में डायरियां और हीट स्ट्रोक के सभी मरीजों के इलाज के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। हालांकि अभी डायरिया के केस ज्यादा आ रहे है। डायरिया से पीडि़तो के लिए भी इंतजाम किए गए है। बच्चो के साथ सभी लोगो को गर्मी से बचने की सलाह दी जा रही।

डा.बीएन श्रीवास्तव, एसआईसी-मंडलीय हॉस्पिटल

क्या रखे ध्यान

-हमारे शरीर का तापमान हमेशा 37ए डिग्री सेल्सियस होता है।

-इस तापमान पर ही शरीर के सभी अंग सही तरीके से काम कर पाते है।

-पसीने के रूप में पानी बाहर निकलकर 37एडिग्री टेम्प्रेचर मेंटेन रखता है।

-लगातार पसीना निकलते वक्त भी पानी पीते रहना जरुरी है।

-जब बाहर का टेम्प्रेचर 45ए डिग्री के पार हो जाता है तब शरीर की कूलिंग व्यवस्था ठप्प हो जाती है।

-शरीर का तापमान जब 42ए सेल्सियस पहुंचने पर ब्लड गर्म होने लगता है और रक्त में उपस्थित प्रोटीन पकने लगता है।

-इस दौरान स्नायु कड़क होने से सांस लेने के लिए जरुरी स्नायु भी काम करना बंद कर देते हैं। -शरीर का पानी कम हो जाने से रक्त गाढ़ा होने लगता है, ब्लडप्रेशर लो हो जाता है।

-महत्वपूर्ण अंग खासकर ब्रेन तक ब्लड सप्लाई रुक जाती है, जिससे व्यक्ति कोमा में जा सकता है

ऐसे भी करे बचाव

-लगातार थोड़ा-2 पानी पीते रहना चाहिए जिससे शरीर के 37ए डिग्री का तापमान मेन्टेन रहे

-किडनी की बीमारी वाले डेली कम से कम 6 से 8 लीटर पानी पिए

-कम से कम 3 लीटर पानी जरूर पियें

-जहां तक सम्भव हो ब्लड प्रेशर पर नजर रखें

-किसी को भी हीट स्ट्रोक हो सकता है

-ठंडे पानी से नहाएं, मांस का प्रयोग ना करे

- फल और सब्जियों को भोजन मे ज्यादा स्थान दें

Posted By: Inextlive

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