शुक्रवार को रेलवे मंत्रालय के पोर्टल पर वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्री की शिकायत ने सभी दावों की कलई खोल दी. कैश पेमेंट लेकर ही यात्रियों को सामान दिया गया. शिकायतकर्ता के अनुसार वह गाड़ी संख्या - 20888 वाराणसी-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस के एक्जीक्यूटिव क्लास में वाराणसी से गया का सफर कर रहे थे.

वाराणसी (ब्यूरो)रेलवे की खान-पान व्यवस्था में 'नो बिल नो पेमेंटÓ पालिसी को कैंट रेलवे स्टेशन पर ही पलीता लगाया जा रहा है। शुक्रवार को रेलवे मंत्रालय के पोर्टल पर वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्री की शिकायत ने सभी दावों की कलई खोल दी। कैश पेमेंट लेकर ही यात्रियों को सामान दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार वह गाड़ी संख्या - 20888 वाराणसी-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस के एक्जीक्यूटिव क्लास में वाराणसी से गया का सफर कर रहे थे। उनके और स्वजन के नाम बर्थ संख्या - 41, 42, 43, 44, 45 आरक्षित थी।

नहीं चुना था फूड का विकल्प

बताया कि इस ट्रेन में खाने-पीने की वस्तुओं का अंदाजा न होने के कारण टिकट बुक करने के दौरान फूड का विकल्प नहीं चुना। ट्रेन में सभी लोगों के लिए पानी की बोतल खरीदी। इसके बाद एक स्नेक्स ट्रे, चार काफी और एक चाय खरीदी। आनलाइन पेमेंट करना चाहा तो वेंडर ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया। विवशता में दो सौ रुपये कैश पेमेंट कर खाद्य सामग्री के बदले बिल मांगा तो नहीं दिया गया। शिकायतकर्ता ने सवाल भी उठाया कि आखिर हम कैशलैस समाज की तरफ कैसे बढ़ेंगे? पोस्ट के माध्यम से शिकायत कर यात्री ने इस मनमानी के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की.

कैब ड्राइवर जानबूझ कर लोगों को गलत लोकेशन से लेकर जाते थे। इससे वह पैसेंजर से ज्यादा पैसे ले लेते थे। जब कोई पैसेंजर दूसरे रास्ते से लेकर जाने की वजह पूछता था तो कैब ड्राइवर कह देते थे कि उस रास्ते में काम चल रहा है। इसलिए दूसरे रास्ते से लेकर जा रहे हैं। ऐसा कहकर वह पैसेंजर से अधिक किराया वसूल लेते थे.

दी गई वार्निंग

निकिता सिंह ने बताया कि लोगों को गलत रास्ते और पैसों के चक्कर में जीपीएस बंद करने के लिए वार्निंग दी गई है। अब कोई ऐसा करता पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। ऐसा करना महिलाओं के लिए खतरे से खाली नहीं है। अगर उनके साथ रास्ते में कोई घटना हो जाती है तो इसका पता भी नहीं चल पाएगा। इसलिए अगर कैब में किसी के साथ ऐसी घटना होती है तो वह तुरंत कैब से उतर जाएं और पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराएं.

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304 बेटिकट यात्रियों से वसूला 2.15 लाख जुर्माना

यात्रियों को सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को कैंट स्टेशन पर चेङ्क्षकग अभियान चलाया गया। अनाधिकृत रूप रेलवे स्टेशन पर घूम रहे 304 लोगों से दो लाख 15 ह•ाार चार सौ रुपये जुर्माना वसूल किया गया। स्टेशन निदेशक गौरव दीक्षित ने बताया कि चेङ्क्षकग स्टाफ, आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया है। महानगरी एक्सप्रेस, ताप्ती गंगा एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, काशी एक्सप्रेस व फरक्का एक्सप्रेस, सारनाथ एक्सप्रेस समेत 18 ट्रेनों को चेक किया। कहा कि आगे भी इस तरह का चेङ्क्षकग अभियान चलाया जाएगा.

लापरवाही से संविदा बिजलीकर्मी की मौत

विद्युत वितरण खंड-द्वितीय के तहत रज्जीपुर उपकेंद्र पर कार्यरत संविदाकर्मी सुशील कुमार गुरुवार को विभागीय लापरवाही के कारण विद्युत दुर्घटना में घायल हो गए। उपचार के लिए ईएसआइसी हास्पिटल में ले जाया गया गया। वहां इलाज के दौरान मौत हो गई। विद्युत मजदूर संगठन के पूर्वांचल अध्यक्ष संजय ङ्क्षसह के नेतृत्व में संगठन का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को खंड के अधिशासी अभियंता से मिला। आए दिन हो रही इस तरह की घटना के खिलाफ कर्मचारियों ने विरोध जताया। आरोप लगाया कि मृतक के आश्रितों की मदद के लिए न तो विभाग पहल कर रहा है और न ही नियुक्त करने वाली फर्म। कर्मचारियों से अनुरोध किया कि बिना देखरेख और सुरक्षा उपकरण के कोई भी विद्युत फाल्ट अटेंड नहीं किया जाए। जिला अध्यक्ष रङ्क्षवद्र कुमार पटेल ने कहा कि संगठन के दबाव में विभाग द्वारा मृतक की आश्रित पत्नी को सहायता राशि दी गई। परिवार को पेंशन आदि क्लेम को 15 दिन के अंदर भुगतान के लिए निर्देशित किया गया। इस मौके पर राहुल कुमार, वेद प्रकाश राय, संजय ङ्क्षसह, संदीप कुमार, रंजित पटेल, अरङ्क्षवद कुमार यादव, रवींद्र पटेल, घनश्याम, तरुण राय, गौरव ङ्क्षसह आदि शामिल थे.

पैसों के लिए पैसेंजर्स से खेला

लोगो : फालोअप

- जीपीएस बंद करके दूसरे रास्ते से ले जाते हैं ओला-उबर ड्राइवर

- महिलाओं संग कैब में हो रही घटनाओं की पुलिस ने की जांच

एप बेस्ड कार सर्विस ओला-उबर जैसी बड़ी कंपनी पर लोग आंख बंद करके भरोसा करते हैं। भरोसा करें भी क्यों न, आखिर यह कंपनी लोगों को सुरक्षा की पूरी गारंटी देती ही है। साथ ही निर्धारित समय में बताई लोकेशन पर ड्रॉप भी करती है। अभी कुछ दिन पहले महिलाओं के साथ कैब में हो रही घटनाएं सामने आई थीं, जिसमें कैब ड्राइवर उन्हें गलत रास्ते से लेकर गए थे और गाड़ी का जीपीएस भी बंद कर दिया था। इसके बाद महिलाओं ने इसकी शिकायत महिला थाने में दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि कैब ड्राइवर ऐसा पैसों के लिए करते थे और मनमाना किराया वसूलते थे.

लेते थे एक्स्ट्रा चार्ज

महिला थाना इंचार्ज निकिता सिंह ने बताया कि शहर में लड़कियों के साथ हुई घटनाओं की जब जांच की गई तो पता चला कि ये सब वह पैसों के लिए करते थे। ड्राइवर की डिटेल्स उनके एप पर शो कर रही थी, जिसके बाद शहर में बने ओला-उबर के सिटी ऑफिस में बातचीत की गई। इसके बाद ड्राइवर ने बताया कि वह ऐसा पैसों के लिए करते थे। जीपीएस बंद हो जाने के बाद कंपनी के पास लोकेशन शेयर होना बंद हो जाती है, जिससे यह पता नहीं लगाया जा सकता है कि कैब चल रही है कि नहीं। फिर कैब के ड्राइवर पैसेंजर्स से पैसा ले लेते थे.

गलत लोकेशन से लेकर जाते थे

Posted By: Inextlive