हायर एजुकेशन में तुगलकी फरमान

Updated Date: Tue, 14 Jan 2020 05:30 AM (IST)

- हायर एजुकेशन मिनिस्टर डॉ। धन सिंह रावत ने स्टेट के डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए मोबाइल बैन करने की कही बात

- स्टेट के हायर एजुकेशन मिनिस्टर के नए तुगलकी फरमान से छात्र संगठनों में एक बार फिर उबाल

देहरादून,

स्टेट के हायर एजुकेशन मिनिस्टर के नए तुगलकी फरमान से छात्र संगठनों में एक बार फिर उबाल आ गया है। हायर एजुकेशन मिनिस्टर डॉ। धन सिंह रावत ने स्टेट के डिग्री कॉलेजेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए कॉलेज में मोबाइल बैन करने की बात कही है। इतना ही नहीं मिनिस्टर ने कॉलेज में जैमर लगाने तक का फरमान सुनाया है। हायर एजुकेशन मिनिस्टर का तर्क है कि स्टूडेंट्स क्लास पीरियड में मोबाइल लेकर जाते हैं, जिससे क्लास डिस्टर्ब होती है, ऐसे में कॉलेजेज में मोबाइल फोन बैन किया जाएगा।

कॉलेजों की स्थिति खराब, मंत्री के फरमान

स्टेट में हायर एजुकेशन और गवर्नमेंट डिग्री कॉलेजों के हालात किसी से छिपे नहीं है। हायर एजुकेशन का ढांसा सुधारने के बजाय हायर एजुकेशन मिनिस्टर फरमान पर फरमान जारी कर रहे हैं। हायर एजुकेशन मिनिस्टर ने सबसे पहले कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने का फरमान जारी किया था, जिसका बीजेपी की स्टूडेंट्स विंग एबीवीपी ने ही जमकर विरोध किया। इसके बाद मिनिस्टर कॉलेज में सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने, स्टूडेंट्स की बायोमेट्रिक हाजिरी, पैरेंट्स को हर दिन स्टूडेंट्स की अटेंडेंस भेजने, छात्र संघ चुनाव खत्म करने और कॉलेजों में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत अनिवार्य करने के फरमान जारी कर चुके हैं। ये बात अलग है कि इनमें से कोई भी फरमान जमीन पर नहीं उतर पाया।

105 में से 64 कॉलेजेज के पास ही बिल्डिंग

प्रदेश में गवर्नमेंट डिग्री कॉलेजों की संख्या 105 हो चुकी है, लेकिन इनमें ज्यादातर को यूजीसी से अनुदान नहीं मिलता। कॉलेजों के पास यूजीसी मानकों के मुताबिक जरूरी सुविधाएं न होना इसकी बड़ी वजह है। स्टेट में सिर्फ 64 कॉलेजेज के पास ही अपनी भूमि और भवन हैं। 29 कॉलेजों के भवन निर्माणाधीन हैं, जबकि 11 कॉलेजों के पास भवन तो दूर की बात, अपनी भूमि तक नहीं हैं। कॉलेजों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से किसी तरह का अनुदान पाने के लिए लंबा रास्ता तय करना होगा। हालांकि हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट का दावा है कि वर्ष 2022 तक हरेक सरकारी डिग्री कॉलेज के पास अपना भवन होगा। साथ में बड़ी संख्या में कॉलेज स्मार्ट क्लास और ई-ग्रंथालय जैसी आधुनिक डिजिटल सेवाओं से जुड़ जाएंग। नए साल में सरकारी डिग्री कॉलेजों में पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगार व व्यावसायिक शिक्षा का मजबूत आधार तैयार करने की कसरत तेज हो चुकी है।

हायर एजुकेशन मिनिस्टर के तुगलकी फरमान-

-कॉलेज में स्टूडेंट्स के लिए ड्रेस कोड-

हायर एजुकेशन मिनिस्टर बनते ही डॉ। धन सिंह रावत ने स्टेट के सभी डिग्री कॉलेजों में ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया। कॉलेज में अनुशासन और शैक्षणिक माहौल को बेहतर करने के लिए मिनिस्टर ने ड्रेस कोड अनिवार्य किया। इस आदेश से बीजेपी की स्टूडेंट्स विंग एबीवीपी ने ही जमकर विरोध किया। डीएवी समेत सभी बड़े कॉलेजों में जमकर विरोध हुआ। आज तक स्टेट के कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू नहीं हो पाई है।

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कॉलेज में सेमेस्टर सिस्टम खत्म

-स्टेट के एक मात्र गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी श्रीदेव सुमन यूनिवर्सिटी में तुगलकी फरमान जारी कर हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने सेमेस्टर सिस्टम खत्म कर दिया। पहले यूनिवर्सिटी के कुछ कॉलेजों में ईयरली और कुछ में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया गया। जब स्टूडेंट्स यूनियन ने जमकर विरोध किया तो यूनिवर्सिटी के ऋषिकेश और गोपेश्वर कैंपस में सेमेस्टर सिस्टम लागू करते हुए दूसरे कॉलेजों में ईयरली सिस्टम लागू किया गया है। यूनिवर्सिटी के अंदर ही इस आदेश का जमकर विरोध हो रहा है। अभी नए सेशन से इसे लागू करने की बात की जा रही है।

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स्टूडेंट्स की बायोमेट्रिक अटेंडेंस

स्टेट के कॉलेजों में पढ़ने वाले यूजी स्टूडेंट्स के लिए हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने बायोमेट्रिक हाजिरी लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए पहले सभी कॉलेजों में बायोमेट्रिक मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। सभी स्टूडेंट्स की अटेंडेंस के लिए पहले आधार कार्ड की जानकारी अपडेट की जाएगी। इसके बाद स्टूडेंट्स की हाजिरी बायोमेट्रिक होगी। स्टेट में कॉलेजों की अपनी बिल्डिंग तक नहीं है, ऐसे में बायोमेट्रिक हाजिरी का रूल कहां तक धरातल पर उतरेगा, इस पर संशय बरकरार है।

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स्टूडेंट्स की अटेंडेंस पैरेंट्स को भेजो

हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने सभी कॉलेजों को स्टूडेंट्स की डिटेल और पैरेंट्स की डिटेल रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। साथ ही अपने-अपने पैरेंट्स के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने को कहा गया है। जिसमें स्टूडेंट्स की रोजाना अटेंडेंस शेयर की जाएगी। इससे स्टूडेंट्स के कॉलेज आने और बंक मारने की पूरी जानकारी पैरेंट्स को मिल जाएगी। साथ ही स्टूडेंट्स को अपनी अटेंडेंस पूरी करने का टारगेट पता रहेगा। यह प्लान कब तक धरातल पर उतरता है, यह भी भविष्य की गर्त में है।

--छात्र संघ चुनाव खत्म करने की बात

हायर एजुकेशन मिनिस्टर ने सबसे पहले छात्र संघ चुनाव एक ही दिन कराने का निर्णय लिया। स्टेट के दो बडे़ डिग्री कॉलेजों में पहले एक दिन में छात्र संख्या को देखते हुए चुनाव एक दिन में सम्पन्न नहीं हो पाए। ऐसे में हायर एजुकेशन मिनिस्टर ने छात्र संगठनों के सामने छात्र संघ चुनाव की परिपाटी ही खत्म करने की बात कही। इसका भी जमकर विरोध हुआ।

सुबह राष्ट्रगान, शाम को वंदे मातरम् अनिवार्य

हायर एजुकेशन मिनिस्टर का सबसे विवादित बयान अप्रैल 2017 को रुड़की के एक कार्यक्रम में सामने आया, जब मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रहना है तो वंदे मातरम् कहना होगा। इस बयान के बाद पूरे उत्तराखंड में इसका विरोध हुआ। मिनिस्टर ने कॉलेजों में सुबह राष्ट्रगान और शाम को वंदे मातरम गान भी अनिवार्य किया, लेकिन इसको फॉलो करने की जगह इसका स्टूडेंट्स ने जमकर विरोध किया।

कॉलेज में स्टूडेंट्स के मोबाइल ले जाने से क्लासरूम में पढ़ाई पर असर पड़ता है। ऐसे में क्लासरूम में मोबाइल बैन करने का विचार है। इसके लिए 15 फरवरी के बाद स्टूडेंट्स के साथ संवाद कर आम राय बनाई जाएगी।

डॉ। धन सिंह रावत, हायर एजुकेशन मिनिस्टर

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हायर एजुकेशन मिनिस्टर एक तरफ स्मार्ट कॉलेज, वाई-फाई फ्री करने की बात करते हैं, दूसरी तरफ मिनिस्टर कॉलेज में मोबाइल बैन करने की बात कर रहे हैं। छात्राओं की सुरक्षा का जिम्मा कौन लेगा। स्टूडेंट्स सड़क पर उतरकर इस तुगलकी फरमान का जमकर विरोध करेंगे।

सौरभ मंमगाई, जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई

Posted By: Inextlive
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