हजारों रुपये फीस के तौर पर लेकर पब्लिक को गुमराह करने वाले आर्किटेक्ट पर एमडीडीए ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एमडीडीए ऐसे आर्किटेक्ट को चिन्हित कर कड़ा एक्शन लेते हुए उनके खिलाफ ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई करेगा। एमडीडीए ने आम पब्लिक को अवेयर किया है।

- आर्किटेक्ट के गलत नक्शा बनाने से एमडीडीए के चक्क्र काटते हैं लोग
- एमडीडीए ने किया आगाह, गाइडलाइन के अनुरूप ही तैयार करें नक्शे

देहरादून, (ब्यूरो): साथ ही आर्किटेक्ट को भी आगाह किया है कि वही नक्शा बनाएं जो गाइडलाइन के अनुरूप स्वीकृत हो सकता है। बॉयलॉज के हिसाब से नक्शा न बनाकर एमडीडीए को भेज रहे हैं, जो रिजेक्ट होने पर व्यक्ति को दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर करता है। इस पर एमडीडीए अब सख्त हो गया है। एमडीडीए ने पब्लिक से भी अपील की है। कहा है कि नक्शा केवल हाईरेटिंग वाले आर्किटेक्ट से ही बनाएं और नक्शा बनाने से पूर्व एमडीडीए की हेल्प डेस्क से सभी जानकारियां हासिल कर लें, ताकि नक्शा पास कराने के लिए अनावश्यक दौड़ भाग न करनी पड़े।

ऐसे कर रहे आर्किटेक्ट गुमराह
- पब्लिक को लैंडयूज की सही जानकारी नहीं दे रहे है।
- ऑब्जेक्शन लगने पर 15 दिन में ऑब्जेक्शन फाइल होने की भी जानकारी नहीं दे रहे
- तीन बार ऑब्जेक्शन क्लीयर न होने पर नक्शे पास न होने की भी सही जानकारी नहीं दे रहे
- कई आर्किटेक्ट््स को एमडीडीए की गाइडलाइन न होने का खामियाजा पब्लिक को भुगतना पड़ रहा है।
-पैसे बनाने के लिए पब्लिक को मिसगाइड कर कमर्शियल को घरेलू में पास करा देते हैं, जिसका स्वीकृत होना संभव नहीं है

नक्शा बनाने से पूर्व रखें ये ध्यान
- जिस जगह पर मकान बनाया जाना है उसका लैड््यूज का अपने स्तर पर पहले पता कर लें
- इसकी मदद एमडीडीए दफ्तर में हेल्प डेस्क से भी ली जा सकती है।
- आवासीय नक्शा किसी भी सूरत में स्कीम के माध्यम से कमर्शियल नहीं किया जा सकता है।
-नक्शा केवल हाई रेटिंग वाले आर्किटेक्ट से बनवाएं। इसकी जानकारी एमडीडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
- नक्शा आर्किटेक्ट से बनवाकर अपलोड करें, लेकिन इसकी सारी जानकारियां स्वयं भी हासिल करें

ट्रिपल एस का विकल्प लागू
आपको अब एमडीडीए के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। 200 वर्गगज तक के एरिया में घर बनाने के लिए आवास विभाग ने सपनों के आशियाने के निर्माण के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन सिस्टम (एसएसएस) लागू किया है। यदि एक सप्ताह के भीतर एमडीडीए घर का नक्शा स्वीकृत नहीं किया है, तो आप सेल्फ सर्टिफिकेशन सुविधा के जरिए आर्किटेक्ट से ऑनलाइन नक्शा अपलोड कर घर का निर्माण कार्य शुरू करवा सकते हैं।

एक नजर
12 लाख से अधिक है शहर की पॉपुलेशन
10 हजार नक्शे हो रहे हर साल स्वीकृत
58 प्रतिशत के लगभग है आवासीय एरिया
6952 हेक्टेयर है सिटी में अनडेवलप्ड एरिया

पांच साल में स्वीकृत हुए नक्शे
2022 8900
2021 9500
2020 5400
2019 4447
2018 4023

एमडीडीए ने शमन कैंप से कमाए 1.31 करोड़
एमडीडीए ने 6वें शमन कैंप में सटरडे को 6 आवासीय और 4 गैर आवासीय टोटल 10 नक्शे निस्तारित किए गए। इसमें बतौर शमन शुल्क के तौर पर 1.31 करोड़ रुपये आरोपित किए गए। इससे पूर्व 5 शमन कैंप में एमडीडीए ने 12.25 करोड़ रुपये बतौर शुल्क के रुप में एमडीडीए ने कमाए। छठवें कैंप में यह राशि बढ़कर 13.56 करोड़ पहुंच गई है।

घर बैठे भी नक्शा पास करने की सुविधा
शमन कैंप की खासियत यह है कि इसमें ऑन लाइन भी प्रतिभाग किया जा सका है। आफिस जाने की जरूरत नहीं है। आर्किटेक्ट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर पार्टिसिपेट किया जा सकता हैं। शुल्क को भी ऑनलाइन ट्रांजेक्टशन के साथ ही आरटीजीएस या डीडी के माध्मय से एमडीडीए के खाते में जमा करने की सुविधा दी जा रही है।

6 कैंपों में मिला शमन शुल्क
कैंप शमन शुल्क
करोड़ में
फस्र्ट 1.60
सैकेंड 1.20
थर्ड 1.08
फोर्थ 1.12
फिफ्थ 7.25
सिक्स 1.31

पब्लिक को सही जानकारी न देकर गलत नक्शा पुटअप करने वाले आर्किटेक्ट्स के खिलाफ कड़ी कर उनके खिलाफ ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उनके द्वारा अब तक पुटअप किए गए नक्शों का सारा डिटेल खंगाला जाएगा। ऐसे आर्किटेक्ट के खिलाफ पब्लिक के साथ जानबूझ कर धोखाधड़ी करने का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
मोहन सिंह बर्निया, सचिव, एमडीडीए
dehradun@inext.co.in

Posted By: Inextlive