यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो आने वाले दिनों में मसूरी-देहरादन विकास प्राधिकरण एमडीडीए प्रीतम रोड डालनवाला स्थित पुराने दफ्तर में नए रूप नजर आएगा. बीओडी की बैठक में इस पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है. यदि ऐसा होता है तो इसका सीधा फायदा शहरवासियों को होगा.

- पुराने दफ्तर में शिफ्ट होगा एमडीडीए, पब्लिक को मिलेगी बड़ी राहत
- बीओडी की बैठक में लगाई गई है आफिस कंस्ट्रक्शन मुहर

देहरादून, ब्यूरो: दरअसल वर्तमान में ट्रांसपोर्टनगर में जो दफ्तर है वह एक कोने में है, जहां आने-जाने में शहरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भवन मानचित्र और जमीन के भू-उपयोग समेत कई कार्यों के लिए जनता को एमडीडीए दफ्तर जाना होता है, लेकिन वर्तमान दफ्तर की शहर से लंबी दूरी की वजह से अधिकांश लोग बार-बार एमडीडीए दफ्तर नहीं जा पाते, जिससे समस्याओं के निस्तारण में लोगों को हफ्ता-दो हफ्ता लगना है वह काम महीने छह महीने में भी नहीं हो पाते हैं।

झाड़-झंगार से पटा है पुराना आफिस
एमडीडीए का डालनवाला स्थित आफिस में झाड़-झंगार उग आई है। पुराना दफ्तर खंडहर हो चुका है। कुछ समय तक इस दफ्तर में साडा का आफिस था, लेकिन उसके एमडीडीए मेंं मर्ज होने के बाद दफ्तर झाडिय़ों से पटा है। यदि एमडीडीए यहां पर बहुमंजिली बिल्डिंग बनाकर आफिस बनाता है, तो इस दफ्तर के दिन ही नहीं बहुरेंगे, बल्कि आम जनता को बड़ी सहूलियत मिलेगी।

घंटाकर से साढ़े 8 किमी। पर है ट्रांसपोर्टनगर आफिस
एमडीडीए का वर्तमान आफिस घंटाघर से करीब साढ़े 8 किमी। दूरी पर है। दफ्तर एक कोने में होने के चलते आम आदमी को यहां पहुंचने के लिए कई बार सोचना पड़ता है। एक बार आफिस से मीटिंग आदि के लिए बाजार आने के बाद अधिकारी- कर्मचारियों को दोबारा मजबूरी में आफिस लौटते हैं।

ध्वस्त होगा पुुराना दफ्तर
डालनवाला में एमडीडीए का पुराना आफिस जमीन करीब पौने 6 बीघा है। बीओडी की बैठक में पुराने दफ्तर को ध्वस्त करने की सैद्धांतिक स्वीकृति कोर्ट के निर्देशों के अधीन दी गई है। बीओडी बैठक के क्रम संख्या 34 में कहा गया है कि प्राधिकरण के 12 प्रीतम रोड, डालनवाला, देहरादून स्थित पुराने कार्यालय भवन को ध्वस्तीकरण के बाद कार्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा।

कुछ समय चर्चा में रहा पुराना आफिस
एमडीडीए काडालानवाला स्थित पुराना आफिस कुछ समय खूब चर्चा में रहा। दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सीएम रहते हुए पुराने दफ्तर को अपने आवास के लिए आवंटित करा लिया था। मामला मीडिया में आने के बाद यह मामला कांग्रेस हाईकमान सोनिया गांधी के पास पहुंचा। आरोपों से घिरने के बाद आवंटन रद्द किया गया। इस बीच भूमि विक्रेता भूमि का उपयोग बदलने को लेकर हाईकोर्ट चला गया। आज भी यह मामला हाईकोर्ट में है। बताया गया कियदि दफ्तर का निर्माण होता है तो हाईकोर्ट में दायर याचिका स्वत: ही समाप्त हो जाएगी।

8 अगस्त को प्रजेंटेंशन देगा पेयजल निगम
एमडीडीए के एक हायर आफिसर ने बताया कि डालनवाला में दफ्तर निर्माण के लिए निर्माण विंग, उत्तराखंड पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता आरसी तिवारी प्रजेंटेंशन देंगे। उनका कहना है कि दिल्ली में उत्तराखंड भवन का निर्माण कर रही इस निर्माण विंग के कार्य और अनुभव को देखते हुए उनसे कार्य करवाने का निर्णय लिया गया है।
डालनवाला स्थित पुराने दफ्तर में एमडीडीए दफ्तर का निर्माण को वीओडी से स्वीकृति मिल गई है। पब्लिक की सहूलियत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यहां पर वीसी आफिस के साथ ही वीसी आवास और हुडको का दफ्तर शिफ्ट होगा।
बृजेश कुमार संत, आईएए एवं वीसी, एमडीडीए, देहरादून

Posted By: Inextlive