Teacher's Day 2019 : कोहली के गुरु ने रखा था उनका 'चीकू' नाम, काफी मजेदार है इसके पीछे की कहानी

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार हो चुके विराट कोहली ने भी कभी क्रिकेट की एबीसीडी सीखी थी। विराट को शुरुआती दिनों में कोचिंग देने वाले उनके दो गुरु हैं। आइए आज टीचर्ड डे के मौके पर जानें विराट के गुरुओं से जुड़ी रोचक बातें...

Updated Date: Thu, 05 Sep 2019 10:52 AM (IST)

कानपुर। 5 सितंबर को पूरे भारत में टीचर्स डे मनाया जाता है। इस दिन हर कोई अपने गुरु को धन्यवाद देना नहीं भूलता। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली भी आज तक अपने गुरु को मानते हैं। विराट को शुरुआती दिनों में कोच राजकुमार शर्मा ने ट्रेनिंग दी थी, मगर इनके साथ एक कोच और थे जिनका नाम अजीत चौधरी है। कोहली और अजीत से जुड़े कई किस्से हैं, ऐसा ही एक किस्सा कोहली के निकनेम 'चीकू' से जुड़ा है। दरअसल कोहली को ये नाम उनके कोच अजीत चौधरी ने ही दिया था। आइए जानें क्या है इसके पीछे की कहानी...विराट के शुरुआती दिनों की है बात
कोच राजकुमार शर्मा के साथ विराट कोहली के करियर को नई ऊंचाई देने वाले अजीत चौधरी ने एक बार मिडडे से बातचीत में कोहली के 'चीकू' नाम के पीछे का रहस्य उजागर किया था। यह बात तब की है जब कोहली ने रणजी मैच खेलना शुरु किया था। दिल्ली की टीम मुंबई में मैच खेल रही थी। उस वक्त विराट ने 10 फर्स्ट क्लाॅस मैच भी नहीं खेले थे। उस टीम में वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर जैसे दिग्गज खिलाड़ी थे। कोहली को इन खिलाड़ियों संग ड्रेसिंग रूम शेयर करने की अलग ही खुशी थी।


नए हेयर कट के बाद नाम पड़ा चीकूविराट उस वक्त नौजवान थे और उन्हें स्टाईल में रहना काफी अच्छा लगता था। एक शाम कोहली नई हेयर स्टाईल के साथ होटल आए। विराट जैसे ही अन्य खिलाड़ियों के सामने आए, उनका पहला सवाल यही था कि, मैं कैसा लग रहा हूं। विराट को उम्मीद थी कि सभी उनके नए हेयर कट की तारीफ करेंगे। हुआ भी ऐसा ही, विराट के साथी खिलाड़ी उनकी प्रशंसा कर ही रहे थे कि दूर खड़े अजीत चौधरी ने मजाकिया लहजे में कहा, ज्यादा बुरा नहीं है तुम चीकू जैसे लग रहे।Teacher's Day 2019 : कौन था टीम इंडिया का पहला कोच, ये है भारतीय क्रिकेट टीम के गुरुओं की फौजकोहली की है ये आदतविराट कोहली को चीकू कहते ही वहां मौजूद बाकी खिलाड़ी हंस पड़े। मगर विराट ने बुरा नहीं माना। कोच अजीत चौधरी कहते हैं, 'विराट के अंदर एक आदत थी कि वह हमेशा सेंटर ऑफ अट्रैक्शन रहना चाहता है। यही आदत उसे बेहतर खेलने के लिए प्रेरित करती है। उसके अंदर रनों की भूख है। मैंने विराट से ज्यादा जुझारू कोई यंगस्टर क्रिकेटर नहीं देखा। वह रनों का भूूखा है।'

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari
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