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Makar Sankranti 2020 : 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति, इस अवसर पर स्नान दिलाता है अनंत पुण्य

By: Vandana Sharma | Updated Date: Wed, 15 Jan 2020 11:59:21 (IST)
Makar Sankranti 2020 : 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति, इस अवसर पर स्नान दिलाता है अनंत पुण्य
सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना 'मकर- संक्रान्ति' कहलाता है। इसी दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में उत्तरायण की अवधि को देवताओं का दिन तथा दक्षिणायन को देवताओं की रात्रि कहा गया है। इस तरह मकर-संक्रान्ति एक प्रकार से देवताओं का प्रभातकाल है।

HIGHLIGHT

  1. 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति
  2. इस अवसर पर स्नान दिलाता है अनंत पुण्य
  3. इस दिन गंगा स्‍नान का विशेष महत्‍व
  4. राशि अनुसार दान करने से मिलेगा विशेष फल
  5. ग्रहों को अपने अनुकूल बना सकते हैं

Makar Sankranti (Khichdi) 2020 Date, Puja Vidhi, Snan Shubh Muhurat, Puja Time Samagri, Mantra: मकर-संक्रांति के दिन स्नान, दान, जप, तप, श्राद्ध तथा अनुष्ठान आदि का अत्यधिक महत्व है। इस अवसर पर किया गया दान सौ गुना होकर प्राप्त होता है। इस वर्ष भगवान सूर्य मकर राशि में बुधवार को प्रवेश कर रहे हैं। इस दिन मकर सक्रांति प्रवेश काल रात्रि 2 बजकर 6 मिनट (30 मुहूर्त्ती) है, विशेष पुण्य काल-प्रातः काल से सूर्यास्त तक रहेगा। इस दिन (पुत्र राजा) शनि की राशि एवं गृह में करेंगे प्रवेश (पिता मंत्री) सूर्य देव, इसी दिन से धनु (खर) मास भी समाप्‍त हो जाएगा व विवाह आदि शुभ कार्य शुरू होंगे। इसी में तीर्थादि स्नान तथा दान करना चाहिए। अतः इस वर्ष बुधवार 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनायी जाएगी।

13 Jan,2020
  • 19:00 PM

    देश भर में अलग-अलग नामों से जाना जाता है यह पर्व
    देश के अलग-अलग हिस्‍सों में संक्रांति का पर्व अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। तमिलनाडु में इसे पोंगल के नाम से बुलाते हैं व चार दिनों तक उत्‍सव मनाया जाता है। गुजरात में इस पर्व को उत्‍तरायण के रूप में मनाते हैं। आंध्र प्रदेश में पेड्डा पांडुगा के नाम से जानते हैं व तमिलनाडु की ही तरह चार दिनों तक विविध आयोजन होते हैं। असम संक्रांति माघ बिहु या भोगाली बिहु अथवा माघर दोमाही के नाम से जानी जाती है। पंजाब में संक्रांति इसके एक दिन पहले लोहड़ी के तौर पर मनाई जाती है। कर्नाटक में इस पर्व को संक्रांति अथवा मकर संक्रमण के नाम से बुलाते हैं। इस तरह यह पर्व देश की विविधतापूर्ण संस्‍कृति का प्रतीक पर्व भी है।

  • 18:55 PM

    Makar Sankranti 2020 Muhurat साढ़े दस घंटे का पुण्‍य काल
    इस वर्ष मकर संक्रान्ति बुधवार 15 जनवरी, 2020 को है। मकर संक्रान्ति का पुण्य काल सुबह 07 बजकर 15 मिनट से शाम 5 बजकर 46 मिनट तक है। पुण्‍य काल की अवधि 10 घंटे 31 मिनट की है। सूर्य मकर राशि में प्रवेश प्रात: 2 बजकर 22 मिनट पर करेगा।

  • 18:12 PM

    Makar Sankranti 2020 Snan Puja Vidhi तिल से करें यह छह कर्म
    मकर सक्रांति के दिन प्रातः काल तिल का तेल तथा उबटन लगाकर स्नान करना चाहिए। तिल के तेल मिश्रित पानी से स्नान करना, तिल का उबटन लगाना, तिल से होम करना, तिल डालकर जल पीना, तिल से बने पदार्थ खाना, तिल का दान देना, ये 6 कर्म तिल से ही करने का विधान है।

  • 17:29 PM

    खरमास हो रहा समाप्‍त, मकर संक्रांति से शुभ कार्य शुरू
    15 जनवरी से शुभ कार्य आरंभ हो जायेंगे। इस अवधि में विवाह की शुभ तिथियां इस प्रकार हैं। 15 तो अन पुछ दिन है यानि इस दिन बिना पंचांग विचार के विवाह आदि कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त 16, 17, 18 और 20 जनवरी। इसके बाद 29, 30, और 31 जनवरी।

  • 16:53 PM

    Makar Sankranti 2020 Wishes
    मकर संक्रांति के त्योहार को और भी खास बनाने के लिए आप अपने फ्रेंड्स को और करीबियों को कुछ खास मैसेज या इमेजेज भेज सकते हैं और बधाई दे सकते हैं। मीठे गुड़ में मिल गए तिल, उड़ी पतंग और खिल गए दिल, हर पल सुख और हर दिन शांति, आप सबके लिए लाए मकर सक्रांति.. काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी, टूटे ना कभी डोर आपके विश्वास की, छू लो आप जिंदगी के सारे कामयाबी, जैसे पतंग छूती है ऊंचाइयां आसमान की..मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं!!

  • 15:04 PM

    मकर संक्रांति पर काले तिल के दान की मान्‍यता
    ऐसी मान्यता है कि मकर राशि के स्वामी शनि देव है सूर्य देव के पुत्र होने के बाद भी शनिदेव का पिता से शत्रु भाव है, शनिदेव के घर में होने से उन्हें कष्ट ना हो इस वजह से शास्त्रों में तिल का दान और सेवन का महत्व बताया गया है, चावल और काली उड़द की खिचड़ी बांटी जाती और खाई जाती है। खिचड़ी में शीत का प्रभाव खत्म करने की क्षमता होती है।

  • 15:00 PM

    मकर संक्रांति पर तिलकुट का महत्‍व
    मकर संक्रांति पर खिचड़ी के साथी दही चूड़ा और तिलकुट का भी खास महत्व है बंगाल बिहार और पूर्वांचल में मकर संक्रांति पर दही चूड़ा न सिर्फ खाया जाता है बल्कि इसका भोग भी लगाया जाता है परंपरा के अनुसार बेटियों के ससुराल तिलकुट भेजे जाते हैं।

  • 14:23 PM

    Makar Sankranti 2020: जन्‍म कुंडली में कमजोर है कोई ग्रह, तो यह दान करने से कष्‍ट होगा दूर
    सूर्य ग्रह के कमजोर होने पर गेहूं, स्वर्ण, तांबा, बर्तन, गुड़, गाय, लाल वस्त्र, लाल फूल, लाल चंदन आदि वस्तुओं का दान किसी गरीब ब्राह्मण आदि को दें। चंद्र ग्रह के कमजोर होने पर चांदी की वस्तुएं, मोती, चावल, दूध, शंख, कपूर, दूध, दही, खीर आदि वस्तुएं किसी कन्या अथवा विवाहित महिलाओं को दें। मंगल ग्रह के कमजोर होने पर मसूर की दाल, लाल कपड़ा, गेहूं, सोना, तांबा, लाल चंदन, मूंगा, गुड़, लाल बैल, मीठे पूए आदि किसी गरीब को दोपहर को दान करें। शुक्र ग्रह के कमजोर होने पर सफेद रेशमी कपड़ा, चावल, दही, घी, गाय-बछड़ा, हीरा, इत्र, कपूर, शक्कर, सफेद तिल, मेकअप का सामान, ओपल आदि सांय काल के समय किसी स्त्री को दान करें।

  • 13:18 PM

    Makar Sankranti 2020 में गंगा स्‍नान का महत्‍व
    मकर-संक्रान्ति के दिन स्नान न करने वाला व्यक्ति जन्मजन्मान्तर में रोगी तथा निर्धन होता है- 'रविसंक्रमणे प्राप्ते न स्नायाद्यस्तु मानवः। सप्तजन्मनि रोगी स्यान्निर्धनश्चैव जायते।।' मकर- संक्रान्ति के दिन गंगास्नान तथा गंगा तट पर दान की विशेष महिमा है। तीर्थराज प्रयाग एवं गंगासागर का मकर-संक्रान्ति का पर्वस्नान तो प्रसिद्ध ही है। मकर-संक्रान्ति के विषय में संत तुलसीदास जी ने लिखा है- 'माघ मकरगत रबि जब होई। तीरथपतिहिं आव सब कोई।।'

  • 13:12 PM

    Makar Sankranti 2020 Why we celebrate: क्यों मनाते हैं मकर-संक्रांति
    यह एक ऐसा पर्व है जो सूर्य से सीधे संबंधित है। मकर से मिथुन तक की 6 राशियों में 6 महीने तक सूर्य उत्तरायण रहते हैं तथा कर्क से धनु तक की 6 राशियों में 6 महीने तक सूर्य दक्षिणायन रहते हैं। कर्क से मकर की ओर सूर्य का जाना दक्षिणयन तथा मकर से कर्क की ओर जाना उत्तरायण कहलाता है।सनातन धर्म के अनुसार उत्तरायण के 6 महीनों को देवताओं का एक दिन और दक्षिणयन के 6 महीने को देवताओं की एक रात्रि माना गया है।

  • 14:18 PM

    Makar Sankranti 2020: दक्षिणायन से उत्‍तरायण होंगे सूर्य भगवान
    इस वर्ष सकट चौथ सोमवार को है। माघ माह के चौथे दिन कृष्‍ण पक्ष चतुर्थी को यह व्रत किया जाता है। इस दिन सकट माता की पूजा होती है, यह व्रत महिलाएं अपने बच्‍चों के अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य की कामना को लेकर रखती हैं।

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