- विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान में सैकड़ों बूथों पर जेंडर रेशियो काफी कम

- अब आशा, आंगनबाड़ी, एएनएम, कोटेदार, रोजगार सेवक व एनवाईके वालेंटियर बनवाएंगे वोटर

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VARANASI

वोटर बनने के लिए जिले में महिलाएं उत्साह नहीं दिखा रही हैं. करीब दो महीने से चल रहे मतदाता पुनरीक्षण अभियान में महज 40 फीसदी महिलाओं ने ही वोटर बनने के लिए आवेदन किया है. डिस्ट्रिक्ट के सैकड़ों बूथों पर जेंडर रेशियो (महिला-पुरुष अनुपात) इससे भी काफी कम है. इसके चलते अब महिलाओं को मोटीवेट करने की जिम्मेदारी आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यक‌र्त्री, एएनएम, रोजगार सेवक, कोटेदार और नेहरू युवा केन्द्र (एनवाईके) के वालेंटियर्स को जिम्मेदारी को दी गई है. ये महिलाओं को नए वोटर बनाने में मदद करेंगे.

अभियान चढ़ रहा परवान

केन्द्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एक सितम्बर से 31 अक्टूबर तक विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान चल रहा है. इसमें बूथ लेवल अफसर बीएलओ डोर-टू-डोर जाकर नए वोटर्स बनाने, न रहने वाले या दो जगह रहने वाले लोगों का नाम हटाने, मृत व्यक्तियों का नाम काटने का काम कर रहे हैं. इस दौरान आधा दर्जन बार विशेष अभियान चलाया गया. जिसके तहत शहर, कस्बों और गांवों के निर्धारित बूथों पर बीएलओ ने निर्धारित कार्य किए.

जेंडर रेशियो कम होने से चिंता

दरअसल, केन्द्रीय निर्वाचन आयोग के मानक और बनारस डिस्ट्रिक्ट की पॉपुलेशन (ईपी रेशियो) के हिसाब से एक हजार पुरुषों पर 909 महिलाएं वोटर बननी चाहिए. इसका न्यूनतम मानक 700 वोटर तक है, लेकिन इधर बीच, अभियान में जनपद के सौ से ज्यादा बूथों पर यह रेशियो 300 से 400 के बीच ही सिमट गया. इससे निर्वाचन से जुड़े अफसरों की चिंता बढ़ गई.

अब संख्या बढ़ाने की कवायद

पिछले दिनों मतदाता पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा में पाया गया कि कई जगह बीएलओ ने नई महिला वोटर बनाने में रुचि नहीं ली. जिससे महिलाओं की संख्या कम होती गई. इसके बाद जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने अभियान को धार देने के लिए आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यक‌र्त्री, एएनएम, रोजगार सेवक, कोटेदार और एनवाईके के वालेंटियर्स को नए वोटर बनाने में बीएलओ की मदद करने की जिम्मेदारी दी गई. अफसरों का मानना है कि आशा, आंगनबाड़ी व एएनएम महिलाओं को वोटर बनाने में सहायक होंगी.

एक नजर

- 28 लाख से ज्यादा वोटर हैं जिले में

- 1140 इलेक्शन सेंटर्स हैं डिस्ट्रिक्ट में

- 160 बूथों पर जेंडर रेशियो निर्धारित से मिला कम

- 2920 बूथ लेवल अफसर की लगी है ड्यूटी

- 31 अक्टूबर तक चलेगा मतदाता पुनरीक्षण अभियान

मतदाता सूची में जेंडर रेशियो मेंटेन करने के लिए नई कवायद शुरू की गई है. प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं वोटर बनें, ताकि उनका प्रतिनिधित्व मानक के हिसाब से समानुपातिक रहे.

दयाशंकर उपाध्याय, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी