- ट्रैफिक रूल्स को समझने में भूल कर गए और घूमते रहे दिल्ली

- परेड से पहले मचा हड़कंप, बिहार की ट्रैफिक रूल्स पर विधायकों ने उठाए सवाल

- चाह महीने बाद भी ट्रैफिक लाइट नहीं लगा पायी है बुडको

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PATNA: दिल्ली में जब विधायकों की परेड प्रेसीडेंट के पास होनी थी. उससे पूर्व प्रेसीडेंट हाउस से कुछ ही दूर पर अचानक एक घटना घटी. कुछ विधायक ट्रैफिक सिस्टम को समझ नहीं पाए और वो रास्ता भूल गए. फिर गुम हुए विधायकों को खोजा गया और बताया गया कि किस तरह से इशारे को गलत समझा गया और उसका नतीजा भुगतना पड़ा. इस दौरान कुछ विधायक परिवहन मिनिस्टर से मजाक भी करने लगे कि अगर जल्दी से पटना में भी इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक लाइट लगाया जाता, तो दिल्ली में हमलोग रास्ता समझते हुए आगे निकल जाते, लेकिन लापरवाही दिखाई तो परेशानी भी उठानी पड़ी. ज्ञात हो कि पटना में अब तक इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक लाइट नहीं लगाया गया है. वहीं, नगर विकास एवं आवास विभाग के मिनिस्टर सम्राट चौधरी ने छह महीने पहले अनाउंसमेंट किया था कि चार महीने के भीतर लग जाएगा.

चल रहा काम, लगेगा समय

ज्ञात हो कि अभी जमीनी स्तर पर ही काम चली रहा है. जगहों का चयन कर पोल लगाने की प्रक्रिया जारी है. काम तेजी से शुरू नहीं हो पाया है. शहर में ट्रैफिक का प्रेशर लगातार बढ़ रहा है. हालत यह है कि किसी भी सड़क पर निकलिए घंटों जाम में फंसना ही पड़ता है.

एडेप्टिव लाइट से चलेगा जाम का पता

जानकारी हो कि एडेप्टिव ट्रैफिक लाइट लगाया जाएगा. इसका मकसद यह है कि एक-दो किमी पहले ही ट्रैफिक जाम का पता चल जाएगा, जिसे कंट्रोल कर जाम हटाने की दिशा में काम किया जाएगा. बुडको से जुड़े सीनियर ऑफिसर की मानें तो इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है. जल्द ही काम को पूरा कर लिया जाएगा. ताकि परेशानी कम से कम आए. एक्सपर्ट की मानें तो इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक लाइट से दो किमी दूर से ही जाम हटाने की मॉनिटरिंग कर ली जाती है. फिर उसे आगे कई किमी तक आसानी से निकाला जाता है.

ट्रैफिक एसपी पीके दास ने बताया कि जब बुडको की ओर से ट्रैफिक डिपार्टमेंट को हैंड ओवर किया जाएगा, तभी इस दिशा में काम शुरू किया जाएगा.

-पीके दास, ट्रैफिक एसपी

Highlights

- बुडको की ओर से लगाया जाना है इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक लाइट.

- एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से ख्भ्ख्0.00 लाख रुपए होंगे खर्च.

- ब् महीने में होना था पूरा काम, 97 जगहों पर लगाया जाना है इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक लाइट.

- क्8भ् फिक्स कैमरे लगाए जाने हैं इन जगहों पर, जहां से होगी लाइटिंग का अरेंजमेंट.

- भ्ब् कैमरे चारों तरफ घुमाया जा सकता है, क्भ्9 जगहों पर सीसी कैमरे लगाया गया है.

- ट्रैफिक डिपार्टमेंट को मॉनिटरिंग के लिए लगाया जाएगा. साथ ही तीनों वर्षो तक इसका मेनटेनेंस बुडको ही करेगी.