- ट्रक ड्राइवर की सूचना पर पुलिस ने लखनऊ कानपुर हाईवे से दो युवकों को किया अरेस्ट

- लाइसेंसी पिस्टल, वॉकी-टॉकी और बोलेरो गाड़ी बरामद

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LUCKNOW : जल्द अमीर बनने की चाहत ने एमसीए और बीबीए होल्डर दो युवकों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. पुलिस ने मंगलवार सुबह दोनों युवकों को फर्जी एआरटीओ बन एयरपोर्ट के पास लखनऊ कानपुर हाईवे से ट्रकों से वसूली करते धर लिया. जबकि उनका तीसरा साथी मौके से फरार हो गया. पुलिस ने उसके पास से एस लाइसेंस पिस्टल, बोलेरो गाड़ी और वॉकी-टाॅकी बरामद किया है.

चेकिंग लगा कर रहे थे वसूली
शहर के इंट्री प्वाइंट एयरपोर्ट के पास लखनऊ कानपुर हाईवे पर सुबह 5 बजे आरटीओ चेकिंग लगी हुई थी. हाईवे पर कई ट्रक किनारे खड़े थे और चंद कदम की दूरी पर बोलेरो सवार ट्रक के पेपर को चेक कर रहे थे. बोलेरो गाड़ी में एक व्यक्ति एआरटीओ बनकर बैठे थे जबकि दो अन्य लोग ट्रक ड्राइवर को रोक कर उनसे पेपर ले रहे थे. इसी दौरान एक ट्रक यूपी-78 डीएन 3434 को भी रोका गया. ट्रक के ड्राइवर विनय यादव ने भी अपने पेपर चेक कराए, लेकिन फिर भी उससे पैसों की डिमांड की गई. इस पर ड्राइवर को उन पर शक हुआ क्योंकि उसके पेपर सही थे इसके बाद भी पैसों की डिमांड की जा रही थी.

ट्रक ड्राइवर की शिकायत
ट्रक ड्राइवर विनय ने करीब 5.30 बजे 100 नंबर पर सूचना दी कि कुछ लोग फर्जी आरटीओ बनकर ट्रकों से चेकिंग के नाम पर वसूली कर रहे हैं. सूचना पर पीआरवी 0477 और सरोजनी नगर पुलिस मौके पर पहुंची. जहां कुछ लोग ट्रकों से चेकिंग करते मिले. पुलिस ने मौके से बोलेरो में सवार एआरटीओ बने सफदर अली और उसके साथी पुनीत राय को पकड़ा लिया. जबकि उनका तीसरा साथी मौके से भाग निकला.

एससीए और बीबीए होल्डर
पूछताछ में सफदर अली ने बताया कि वह मूलरूप से हरदोई का रहने वाला और मडि़यांव के फैजुल्लागंज में रहता है. जबकि उसका साथी पुनीत मूलरूप से गाजीपुर का रहने वाला है और वह गोमती नगर स्थित शिप्रा अपार्टमेंट में रहता है. पुनीत ने एमसीए किया है जबकि सफदर अली बीबीए कर चुका है.

असली िदखाने के लिए साजो सामान
किसी को शक न हो इसके लिए आरोपी सफदर अली अपनी लाइसेंसी पिस्टल भी कमर में लगाए रहता था. वहीं आरटीओ का प्रवर्तन दस्ता जिस तरह की बोलेरो गाड़ी यूज करता वह गाड़ी भी यूपी-30 वी 0680 बरामद हुई है. उनके पास से वायरलेस की तरह दिखने वाली वॉकी-टॉकी भी मिली है. सीओ कृष्णा नगर लाल प्रताप सिंह के अनुसार फरार तीसरा आरोपी एक सिक्योरिटी एजेंसी में काम करता है और वॉकी टॉकी वह वहीं से लेकर आया था.

टाइमिंग का रखते थे विशेष ख्याल
आरटीओ चेकिंग की टाइमिंग अमूमन सुबह 5 से 6 बजे होती है. इसके के चलते शातिर दिमाग सफदर ने यही टाइम चेकिंग के लिए रखा. जिससे ट्रक ड्राइवर्स या किसी को शक न हो. वह एक से डेढ़ घंटे में चेकिंग के नाम पर हजारों रुपये वसूल कर निकल जाते थे. पुलिस अब इसके बारे में और पड़ताल करने में जुट गई है.